September 2026 Current Affairs MCQs Part 3
(51.) On which date is World Bamboo Day observed?
विश्व बांस दिवस किस तिथि को मनाया जाता है?
(A) 21 September / 21 सितम्बर
(B) 16 September / 16 सितम्बर
(C) 19 September / 19 सितम्बर
(D) 18 September / 18 सितम्बर
विश्व बांस दिवस (World Bamboo Day) प्रत्येक वर्ष 18 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिवस बांस के पर्यावरणीय, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और सतत विकास से जुड़े महत्व के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।
विश्व बांस दिवस की पहल World Bamboo Organization (WBO) द्वारा 2009 में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य बांस को केवल पारंपरिक उपयोग की वस्तु के रूप में नहीं, बल्कि एक बहुउपयोगी, नवीकरणीय संसाधन और sustainable development के संभावित साधन के रूप में बढ़ावा देना है।
World Bamboo Day 2026 की आधिकारिक थीम “Bamboo Beyond Borders” है। यह थीम बांस की सीमाओं से परे विभिन्न देशों, समुदायों, संस्कृतियों और उद्योगों में इसकी उपयोगिता तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाओं को रेखांकित करती है।
World Bamboo Organization ने 2026 के लिए बांस को climate action, ecosystem restoration, sustainable livelihoods, circular economy, renewable materials और rural economic opportunities से जोड़ते हुए इसके व्यापक उपयोग पर जोर दिया है।
- दिवस: World Bamboo Day
- तिथि: 18 सितंबर
- पहली शुरुआत: 2009
- प्रमुख संगठन: World Bamboo Organization (WBO)
- 2026 की थीम: “Bamboo Beyond Borders”
- मुख्य उद्देश्य: बांस के पर्यावरणीय, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना
- प्रमुख क्षेत्र: Climate Action, Sustainable Development, Livelihoods, Innovation और Circular/Bio-based Economy
बांस का पर्यावरणीय महत्व: बांस तेजी से बढ़ने वाला पौधा है और उचित एवं टिकाऊ प्रबंधन के अंतर्गत यह degraded landscapes के restoration, मिट्टी संरक्षण तथा carbon-related climate strategies में योगदान कर सकता है। हालांकि इसके पर्यावरणीय लाभ प्रजाति, स्थानीय परिस्थितियों और प्रबंधन पद्धति पर निर्भर करते हैं।
आर्थिक महत्व: बांस ग्रामीण और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण संसाधन है। इससे हस्तशिल्प, फर्नीचर, construction materials, engineered bamboo products, paper, textiles, food products और विभिन्न bio-based उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इसके value addition से रोजगार और entrepreneurship के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
सांस्कृतिक महत्व: एशिया और अन्य क्षेत्रों में बांस का उपयोग सदियों से आवास, घरेलू उपकरणों, संगीत वाद्ययंत्रों, कृषि उपकरणों, हस्तशिल्प और पारंपरिक कला में होता रहा है। भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में बांस का सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जीवन में विशेष महत्व है।
भारत और बांस: भारत में बांस को विशेष रूप से North-Eastern Region सहित कई राज्यों में आजीविका, handicrafts और value-added industries से जोड़ा जाता है। बांस आधारित उद्योगों में plantation, processing, treatment, furniture, construction, handicrafts और market linkage जैसे क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं हैं।
2026 में भारत में विशेष आयोजन: महाराष्ट्र के Bamboo Research & Training Centre (BRTC), Chichpalli में World Bamboo Week 2026 का आयोजन 14–18 सितंबर तक किया गया। इसका व्यापक विषय “Bamboo for the Future – From Tradition to Innovation” था और इसमें sustainable development, green jobs, climate action, science, technology, livelihoods, culture तथा innovation पर जोर दिया गया।
नागालैंड में World Bamboo Day 2026: Nagaland Bamboo Development Agency (NBDA) ने Nagaland Bamboo Resource Centre, Sovima में World Bamboo Day 2026 मनाया। इस अवसर पर “Green Gold Barn” नामक सुविधा का उद्घाटन किया गया, जिसमें traditional knowledge, technology और innovation के माध्यम से बांस के विभिन्न उपयोगों को प्रदर्शित किया गया।
World Bamboo Organization (WBO): WBO एक वैश्विक संगठन है जो बांस के पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक महत्व को बढ़ावा देता है तथा bamboo sector में research, innovation, sustainable development और international collaboration को प्रोत्साहित करता है।
World Bamboo Congress: World Bamboo Congress बांस क्षेत्र से जुड़े researchers, growers, manufacturers, architects, designers, policymakers और अन्य stakeholders के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मंच है। इसका 13th World Bamboo Congress 7–11 जून 2027 को Rotterdam, Netherlands में आयोजित किया जाएगा। इसकी थीम “Shaping Sustainable Futures” है।
Exam Point: World Bamboo Day प्रत्येक वर्ष 18 सितंबर को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 2009 में World Bamboo Organization द्वारा की गई थी। 2026 की थीम “Bamboo Beyond Borders” है। इसका उद्देश्य बांस के environmental, economic, cultural और sustainable-development महत्व के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाना है।
One-Liner Revision:
World Bamboo Day → 18 September → Started in 2009 →
World Bamboo Organization → 2026 Theme: “Bamboo Beyond Borders”
Sources: World Bamboo Organization – World Bamboo Day 2026 | World Bamboo Organization – World Bamboo Day | World Bamboo Week 2026 – BRTC Chichpalli | World Bamboo Organization – World Bamboo Congress
(52.) Which institution announced the launch of the ‘Hindi Jan Suchna Seva’ initiative in September 2026?
सितम्बर 2026 में ‘हिंदी जन सूचना सेवा’ पहल शुरू करने की घोषणा किस संस्था ने की?
(A) NITI Aayog / नीति आयोग
(B) Supreme Court of India / भारत का सर्वोच्च न्यायालय
(C) Ministry of Home Affairs / गृह मंत्रालय
(D) Ministry of Finance / वित्त मंत्रालय
हिंदी जन सूचना सेवा (Hindi Jan Soochna Seva) की घोषणा भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court of India) ने 14 सितंबर 2026 को हिंदी दिवस के अवसर पर की। इस पहल का उद्देश्य महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों और आदेशों की जानकारी को आम नागरिकों और वादकारियों के लिए अधिक सरल और सुलभ बनाना है।
इस सेवा के अंतर्गत चयनित महत्वपूर्ण निर्णयों और आदेशों का सरल हिंदी सारांश उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही प्रतिदिन लगभग 15 से 30 मिनट के हिंदी ऑडियो और वीडियो बुलेटिन भी उपलब्ध कराए जाएंगे। संबंधित मूल निर्णय या आदेश का आधिकारिक लिंक भी सारांश के साथ दिया जाएगा, ताकि नागरिक आवश्यकता पड़ने पर मूल न्यायिक दस्तावेज तक पहुंच सकें।
सर्वोच्च न्यायालय के अनुसार, यह पहल आम नागरिकों, वादकारियों (litigants) और विशेष रूप से दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए है। सरल भाषा तथा ऑडियो-वीडियो प्रारूप उन लोगों के लिए भी उपयोगी होंगे जिन्हें लंबे और जटिल कानूनी दस्तावेजों को पढ़ने या समझने में कठिनाई होती है।
इस पहल का व्यापक उद्देश्य Access to Justice को अधिक समावेशी बनाना तथा भारतीय भाषाओं के सम्मान को न्यायिक जन-सूचना के प्रसार से जोड़ना है। यह न्यायिक जानकारी और आम नागरिकों के बीच मौजूद भाषाई बाधा (linguistic barrier) को कम करने की दिशा में एक कदम है।
- पहल का नाम: हिंदी जन सूचना सेवा (Hindi Jan Soochna Seva)
- घोषणा: Supreme Court of India
- घोषणा की तिथि: 14 सितंबर 2026
- अवसर: हिंदी दिवस (Hindi Diwas)
- मुख्य सामग्री: चयनित महत्वपूर्ण निर्णयों और आदेशों के सरल हिंदी सार
- ऑडियो-वीडियो: प्रतिदिन लगभग 15–30 मिनट के हिंदी बुलेटिन
- मूल निर्णय का लिंक: संबंधित आधिकारिक Judgment/Order का लिंक भी उपलब्ध होगा
- प्रारंभिक भाषा: हिंदी
- भविष्य की योजना: अन्य भारतीय भाषाओं में चरणबद्ध विस्तार
- लक्षित समूह: आम नागरिक, वादी/वादकारी और विशेष रूप से दिव्यांगजन
यह पहल कैसे काम करेगी?
- सर्वोच्च न्यायालय के चयनित महत्वपूर्ण निर्णय या आदेश की पहचान की जाएगी।
- उसके प्रमुख तथ्यों, निर्णय और प्रभाव को सरल हिंदी में संक्षेपित किया जाएगा।
- संबंधित आधिकारिक Judgment/Order का लिंक उपलब्ध कराया जाएगा।
- महत्वपूर्ण न्यायिक घटनाक्रमों पर लगभग 15–30 मिनट के हिंदी ऑडियो-वीडियो बुलेटिन उपलब्ध कराए जाएंगे।
- भविष्य में सेवा को अन्य भारतीय भाषाओं तक चरणबद्ध रूप से विस्तारित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
न्याय तक पहुंच (Access to Justice) से संबंध: भारत में सर्वोच्च न्यायालय के अधिकांश आधिकारिक निर्णय कानूनी भाषा और विस्तृत न्यायिक तर्कों में होते हैं। इसलिए सरल भाषा में सारांश उपलब्ध कराने से नागरिकों को यह समझने में सहायता मिल सकती है कि किसी महत्वपूर्ण निर्णय में न्यायालय ने क्या कहा, उसका संभावित प्रभाव क्या है और आगे की प्रक्रिया क्या हो सकती है। हालांकि, सरल हिंदी सारांश मूल आधिकारिक निर्णय का विकल्प नहीं है; कानूनी संदर्भ में मूल judgment/order ही प्रामाणिक दस्तावेज रहेगा।
दिव्यांगजनों के लिए महत्व: ऑडियो और वीडियो प्रारूप न्यायिक सूचना को उन लोगों के लिए अधिक सुलभ बनाने में मदद कर सकते हैं जिन्हें लंबे लिखित दस्तावेज पढ़ने या समझने में कठिनाई होती है। इस प्रकार यह पहल inclusive judicial communication की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।
भाषाई विविधता और न्यायपालिका: भारत एक बहुभाषी देश है। सेवा की शुरुआत हिंदी से होगी और सर्वोच्च न्यायालय ने अन्य भारतीय भाषाओं में इसे चरणबद्ध रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करने की बात कही है। इससे विभिन्न भाषाई क्षेत्रों के नागरिकों को सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण निर्णयों की संक्षिप्त एवं सरल जानकारी अपनी परिचित भाषा में प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है।
हिंदी दिवस से संबंध: हिंदी दिवस प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को मनाया जाता है। इसी दिन 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को देवनागरी लिपि में संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 343 संघ की राजभाषा से संबंधित प्रावधान करता है।
महत्वपूर्ण संवैधानिक तथ्य: अनुच्छेद 343(1) के अनुसार संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी है। साथ ही संविधान में अंग्रेजी के प्रयोग और राजभाषा से संबंधित अन्य व्यवस्थाओं के लिए भी प्रावधान हैं। राजभाषा संबंधी व्यवस्था को आगे संचालित करने में Official Languages Act, 1963 महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Exam Point: 14 सितंबर 2026 को हिंदी दिवस के अवसर पर Supreme Court of India ने हिंदी जन सूचना सेवा की घोषणा की। इसके अंतर्गत चयनित महत्वपूर्ण निर्णयों और आदेशों के सरल हिंदी सार तथा प्रतिदिन लगभग 15–30 मिनट के हिंदी ऑडियो-वीडियो बुलेटिन उपलब्ध कराए जाएंगे। सेवा की शुरुआत हिंदी में होगी और भविष्य में अन्य भारतीय भाषाओं में इसके विस्तार की योजना है।
One-Liner Revision:
हिंदी जन सूचना सेवा → Supreme Court of India → 14 September 2026 →
Hindi Diwas → सरल हिंदी में महत्वपूर्ण Judgments/Orders →
15–30 मिनट Audio-Video Bulletins → भविष्य में अन्य भारतीय भाषाएँ
(53.) The 11th Ladakh Zanskar Festival 2026 was recently inaugurated in which Union Territory?
11वें लद्दाख जांस्कर महोत्सव 2026 का हाल ही में उद्घाटन किस केंद्रशासित प्रदेश में किया गया?
(A) Jammu and Kashmir / जम्मू और कश्मीर
(B) Ladakh / लद्दाख
(C) Tripura / त्रिपुरा
(D) Sikkim / सिक्किम
11वें लद्दाख ज़ांस्कर महोत्सव (11th Ladakh Zanskar Festival) 2026 का आयोजन 15–16 सितंबर 2026 को लद्दाख के ज़ांस्कर (Zanskar) क्षेत्र में किया गया। इसका उद्घाटन लद्दाख के उपराज्यपाल (Lieutenant Governor) विनय कुमार सक्सेना (Vinai Kumar Saxena) ने किया।
वर्ष 2026 का महोत्सव विशेष रूप से महत्वपूर्ण था क्योंकि यह ज़ांस्कर को नया जिला (Zanskar District) का दर्जा मिलने के बाद पहला बड़ा सांस्कृतिक महोत्सव था। अप्रैल 2026 में लद्दाख में पांच नए जिलों—ज़ांस्कर, द्रास, शाम, नुब्रा और चांगथांग— के गठन के साथ केंद्रशासित प्रदेश में जिलों की संख्या 2 से बढ़कर 7 हो गई।
महोत्सव का आयोजन ज़ांस्कर की समृद्ध संस्कृति, विशिष्ट पहचान, पारंपरिक जीवनशैली, स्थानीय कला एवं हस्तशिल्प तथा पर्यटन क्षमता को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से किया गया। महोत्सव में स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी रही तथा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रदर्शनियों के माध्यम से ज़ांस्कर की विरासत को प्रस्तुत किया गया।
स्थान संबंधी महत्वपूर्ण तथ्य: प्रशासन ने महोत्सव के लिए Sani Lake, Sani को आयोजन स्थल के रूप में निर्धारित किया था। Sani ज़ांस्कर घाटी का एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक क्षेत्र है।
उपराज्यपाल ने महोत्सव के दौरान स्थानीय संस्कृति, शिल्प और उत्पादों को प्रदर्शित करने वाले stalls और Doksa exhibitions का निरीक्षण किया। उन्होंने ज़ांस्कर जिले में पूर्ण की गई विभिन्न infrastructure assets का वर्चुअल उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर Government Degree College Zanskar की वार्षिक पत्रिका ‘Shesrab’ जारी की गई तथा Gonbo Rangjon पर एक विशेष डाक आवरण (special postal cover) भी India Post के सहयोग से जारी किया गया।
- महोत्सव: 11th Ladakh Zanskar Festival 2026
- स्थान: Sani, Zanskar, Ladakh
- आयोजन स्थल: Sani Lake
- तिथि: 15–16 सितंबर 2026
- उद्घाटनकर्ता: Vinai Kumar Saxena, Lieutenant Governor of Ladakh
- विशेष महत्व: Zanskar को नया जिला बनने के बाद पहला बड़ा Zanskar Festival
- मुख्य फोकस: संस्कृति, विरासत, स्थानीय कला, हस्तशिल्प, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था
- विशेष प्रकाशन: ‘Shesrab’ – Government Degree College Zanskar की वार्षिक पत्रिका
- विशेष डाक आवरण: Gonbo Rangjon
- आधिकारिक पर्यटन कैलेंडर: Ladakh Zanskar Festival को UT Administration के tourism calendar में शामिल किया गया है।
ज़ांस्कर की पर्यटन क्षमता: ज़ांस्कर अपने मठों (monasteries), ऊंचे पर्वतों, नदियों, trekking routes, adventure activities और विशिष्ट सांस्कृतिक परंपराओं के लिए जाना जाता है। प्रशासन ने महोत्सव को ज़ांस्कर की संस्कृति और पर्यटन को व्यापक पर्यटन मानचित्र पर लाने के माध्यम के रूप में भी रेखांकित किया।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था: लद्दाख में 31 अगस्त 2026 तक 4.05 लाख से अधिक पर्यटकों के आने की जानकारी दी गई, जिनमें लगभग 3.71 लाख घरेलू और 33,000 से अधिक विदेशी पर्यटक शामिल थे। प्रशासन के अनुसार, बढ़ते पर्यटन से hotels, homestays, taxis, restaurants, local shops और artisans को आर्थिक अवसर मिलते हैं तथा युवाओं के लिए employment और entrepreneurship की संभावनाएं बढ़ती हैं।
कनेक्टिविटी का महत्व: महोत्सव के दौरान Nimmu–Padum–Darcha (NPD) Road और NH-301 Kargil–Zanskar Highway को ज़ांस्कर की कनेक्टिविटी सुधारने वाली प्रमुख परियोजनाओं के रूप में रेखांकित किया गया। बेहतर connectivity से tourism, local businesses, artisans, drivers, guides और young entrepreneurs के लिए नए अवसर खुलने की संभावना है।
ज़ांस्कर जिला: अप्रैल 2026 में बनाए गए पांच नए जिलों में Zanskar भी शामिल है। इसका जिला मुख्यालय Padum है। नया जिला पहले के Kargil district से अलग करके बनाया गया है। Zanskar district में 26 revenue villages हैं।
नए जिलों का गठन: 27 अप्रैल 2026 को लद्दाख प्रशासन ने पांच नए जिलों के गठन की अधिसूचना को मंजूरी दी। नए जिलों में Sham, Nubra, Changthang, Zanskar और Drass शामिल हैं। इसके बाद लद्दाख में कुल जिलों की संख्या सात हो गई— Leh, Kargil, Sham, Nubra, Changthang, Zanskar और Drass। इस प्रशासनिक पुनर्गठन का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों में प्रशासनिक पहुंच, service delivery और governance को मजबूत करना है।
सांस्कृतिक महत्व: ज़ांस्कर महोत्सव स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने के साथ-साथ उन्हें व्यापक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने का मंच प्रदान करता है। प्रशासन ने युवाओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए digital platforms, social media और modern technology का उपयोग करके ज़ांस्कर की पहचान और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया।
Exam Point: 11वें Ladakh Zanskar Festival 2026 का आयोजन 15–16 सितंबर 2026 को Sani, Zanskar, Ladakh में हुआ। इसका उद्घाटन Lieutenant Governor Vinai Kumar Saxena ने किया। यह अप्रैल 2026 में ज़ांस्कर को नया जिला बनाए जाने के बाद पहला बड़ा Zanskar Festival था। इसका प्रमुख उद्देश्य ज़ांस्कर की संस्कृति, विरासत, पर्यटन और स्थानीय आर्थिक संभावनाओं को बढ़ावा देना था।
One-Liner Revision:
11th Ladakh Zanskar Festival 2026 → Sani, Zanskar, Ladakh →
15–16 September 2026 → Vinai Kumar Saxena →
First major festival after Zanskar became a district →
Culture + Heritage + Tourism + Local Economy
Sources: UT Ladakh Administration – 11th Ladakh Zanskar Festival | UT Ladakh Administration – Festival Preparations | UT Ladakh Administration – Five New Districts
(54.) Which state won the Dr. B. C. Roy Trophy 2025–26?
डॉ. बी. सी. राय ट्रॉफी 2025–26 किस राज्य ने जीती?
(A) Manipur / मणिपुर
(B) Haryana / हरियाणा
(C) West Bengal / पश्चिम बंगाल
(D) Odisha / ओडिशा
मणिपुर ने 9 सितंबर 2026 को बेंगलुरु के Bengaluru Football Stadium में खेले गए Junior Boys’ National Football Championship for Dr. B.C. Roy Trophy 2026–27 (Tier 1) के फाइनल में पश्चिम बंगाल को 3–1 से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ मणिपुर ने लगातार दूसरी बार यह ट्रॉफी जीती और अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया।
फाइनल में मणिपुर के लिए Heikrujam Jogesh Singh ने 26वें मिनट में पहला गोल किया, जबकि Thiyam Jenson Meitei ने 39वें मिनट में दूसरा गोल करके मणिपुर को हाफ-टाइम तक 2–0 की बढ़त दिलाई। पश्चिम बंगाल के Debraj Das ने 52वें मिनट में पेनल्टी को गोल में बदलकर अंतर कम किया, लेकिन Muskan ने 88वें मिनट में गोल करके मणिपुर की जीत सुनिश्चित कर दी।
यह फाइनल लगातार दूसरे वर्ष Manipur और West Bengal के बीच खेला गया। 2025 के फाइनल में मणिपुर ने पश्चिम बंगाल को 3–0 से हराकर खिताब जीता था। इस प्रकार 2026 की जीत ने मणिपुर की लगातार दूसरी चैंपियनशिप सुनिश्चित की।
मणिपुर के लिए यह प्रतियोगिता का तीसरा खिताब है। इससे पहले टीम ने 1999–2000 और 2025–26 में यह ट्रॉफी जीती थी। 1999–2000 में भी यह प्रतियोगिता बेंगलुरु में आयोजित हुई थी और मणिपुर ने अतिरिक्त समय के sudden-death चरण में गोल करके खिताब जीता था।
- प्रतियोगिता: Junior Boys’ National Football Championship for Dr. B.C. Roy Trophy 2026–27
- विजेता: Manipur
- उपविजेता: West Bengal
- फाइनल स्कोर: Manipur 3–1 West Bengal
- फाइनल की तिथि: 9 सितंबर 2026
- स्थान: Bengaluru Football Stadium, Bengaluru, Karnataka
- मणिपुर के गोल: Jogesh Singh (26′), Jenson Meitei (39′), Muskan (88′)
- पश्चिम बंगाल का गोल: Debraj Das (52′, penalty)
- मणिपुर की उपलब्धि: लगातार दूसरी बार चैंपियन
- मणिपुर के कुल खिताब: 3
Dr. B.C. Roy Trophy के बारे में: Junior Boys’ National Football Championship for Dr. B.C. Roy Trophy की शुरुआत 1962 में हुई थी। यह प्रतियोगिता All India Football Federation (AIFF) से संबद्ध राज्य फुटबॉल संघों की टीमों के लिए आयोजित की जाती है।
यह प्रतियोगिता पहले U-19 आयु वर्ग के लिए आयोजित की जाती थी, लेकिन 2023–24 संस्करण से इसे U-15 प्रतियोगिता में बदल दिया गया। वर्तमान प्रारूप में प्रतियोगिता को Tier 1 और Tier 2 में विभाजित किया गया है।
2026–27 प्रारूप: 2026–27 सीजन में Tier 1 और Tier 2 प्रतियोगिताएं 25 अगस्त से 9 सितंबर 2026 तक आयोजित की गईं। Tier 1 के मुकाबले Bengaluru Football Stadium में तथा Tier 2 के मुकाबले RK Ashram Ground, Narainpur, Chhattisgarh में आयोजित किए गए। दोनों tiers में 16-16 टीमों को चार-चार समूहों में बांटा गया था और प्रत्येक समूह की विजेता टीम सेमीफाइनल में पहुंची।
प्रतियोगिता में promotion-relegation system भी लागू है। 2025–26 के दो finalists Uttar Pradesh और Assam को 2026–27 के लिए Tier 1 में promotion मिला, जबकि पिछले सीजन की Tier 1 की निचली दो टीमों Chhattisgarh और Jharkhand को Tier 2 में भेजा गया।
मणिपुर का ऐतिहासिक प्रदर्शन: 2025 के फाइनल में मणिपुर ने West Bengal को 3–0 से हराया था। उस मैच में Lourembam Naocha Singh, Ngayungmi Kashung और Amom Krish Singh ने गोल किए थे। 2026 में लगातार दूसरी बार West Bengal को हराकर मणिपुर ने अपनी युवा फुटबॉल क्षमता को फिर प्रदर्शित किया।
प्रतियोगिता का महत्व: Dr. B.C. Roy Trophy भारत में युवा फुटबॉल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा का अवसर प्रदान करने वाली प्रमुख AIFF प्रतियोगिताओं में से एक है। U-15 स्तर पर होने के कारण यह प्रतियोगिता युवा खिलाड़ियों की पहचान, development और भविष्य की talent pathway के लिए महत्वपूर्ण है।
Exam Point: Dr. B.C. Roy Trophy 2026–27 (Junior Boys’ National Football Championship, Tier 1) का खिताब मणिपुर ने जीता। फाइनल में मणिपुर ने पश्चिम बंगाल को 3–1 से हराया। मुकाबला 9 सितंबर 2026 को Bengaluru Football Stadium में हुआ। यह मणिपुर का तीसरा खिताब और लगातार दूसरा खिताब था।
One-Liner Revision:
Dr. B.C. Roy Trophy 2026–27 → Manipur → Defeated West Bengal 3–1 →
Bengaluru → 9 September 2026 → 3rd Title → Back-to-Back Champion
Sources: AIFF – Manipur down West Bengal to retain Junior Boys’ NFC | AIFF – Dr. B.C. Roy Trophy 2026–27 Format & Schedule | AIFF – Junior NFC / Dr. B.C. Roy Trophy
(55.) The Kishau Dam Project is proposed to be constructed across which river?
किशाऊ बांध परियोजना किस नदी पर प्रस्तावित है?
(A) Tawi River / तवी नदी
(B) Tons River / टोंस नदी
(C) Brahmaputra River / ब्रह्मपुत्र नदी
(D) Kishanganga (Neelum) River / किशनगंगा (नीलम) नदी
किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना (Kishau Multipurpose Project) टोंस नदी पर प्रस्तावित एक महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय बांध परियोजना है। टोंस, यमुना नदी की प्रमुख सहायक नदी है और प्रस्तावित परियोजना उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा के क्षेत्र में स्थित है।
जून 2026 में परियोजना को लेकर लंबे समय से लंबित अंतर-राज्यीय मुद्दे पर महत्वपूर्ण सहमति बनी। 16 जून 2026 को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में हुई बैठक में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान ने किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना के क्रियान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर सहमति व्यक्त की।
सितंबर 2026 में परियोजना से संबंधित समझौते के बाद केंद्र सरकार ने इसे National Project के रूप में आगे बढ़ाया। परियोजना के अंतर्गत लगभग 232.6 मीटर ऊंचे Concrete Gravity Dam के निर्माण की योजना है। इसकी प्रस्तावित जल भंडारण क्षमता लगभग 1,562 million cubic metres (MCM) है।
परियोजना का प्रमुख उद्देश्य केवल जलविद्युत उत्पादन नहीं है, बल्कि सिंचाई, पेयजल उपलब्धता, जल भंडारण और यमुना नदी में बेहतर पर्यावरणीय प्रवाह सुनिश्चित करना भी है। सरकारी जानकारी के अनुसार इससे लगभग 97,000 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई लाभ मिलने और लगभग 1,476 million units स्वच्छ जलविद्युत उत्पन्न होने की संभावना है।
- परियोजना: Kishau Multipurpose Project / किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना
- नदी: Tons River / टोंस नदी
- नदी तंत्र: Yamuna River Basin / यमुना नदी बेसिन
- क्षेत्र: Himachal Pradesh–Uttarakhand border
- बांध का प्रकार: Concrete Gravity Dam
- प्रस्तावित ऊंचाई: लगभग 232.6 मीटर
- भंडारण क्षमता: लगभग 1,562 MCM
- सिंचाई लाभ: लगभग 97,000 हेक्टेयर
- जलविद्युत: लगभग 1,476 million units
- लाभार्थी राज्य/क्षेत्र: Himachal Pradesh, Uttarakhand, Haryana, Uttar Pradesh, Rajasthan और Delhi
- महत्वपूर्ण सहमति: 16 जून 2026
वित्तीय व्यवस्था: परियोजना के water component की लागत का लगभग 90% केंद्र सरकार द्वारा Central Assistance के रूप में वहन किया जाएगा, जबकि शेष 10% वित्तीय भार छह सहभागी राज्यों द्वारा साझा किया जाएगा। यह व्यवस्था Upper Yamuna Basin में storage projects के लिए पूर्व में तय अंतर-राज्यीय व्यवस्था से जुड़ी है।
एक महत्वपूर्ण समझौते के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के लिए निर्धारित जल हिस्से को दिल्ली और राजस्थान को उपलब्ध कराने पर सहमति बनी है। इसके बदले हिमाचल प्रदेश के हिस्से के power component की लागत को साझा करने की व्यवस्था की गई है।
यमुना पुनर्जीवन से संबंध: किशाऊ परियोजना Upper Yamuna Basin में प्रस्तावित storage projects की श्रृंखला का हिस्सा है। इसका उद्देश्य मानसूनी जल का भंडारण करके आवश्यकता के समय नियंत्रित जल उपलब्ध कराना तथा यमुना में अधिक स्थायी जल प्रवाह में योगदान देना है। सरकार के अनुसार, परियोजना से यमुना के पुनर्जीवन और स्वच्छ प्रवाह को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
Upper Yamuna Basin के प्रमुख Storage Projects: Upper Yamuna Basin में यमुना और उसकी प्रमुख सहायक नदियों पर तीन महत्वपूर्ण storage projects लंबे समय से प्रस्तावित रहे हैं—Lakhwar Project यमुना नदी पर, Kishau Project टोंस नदी पर तथा Renukaji Project गिरि नदी पर। ये परियोजनाएं ऊपरी यमुना बेसिन में जल भंडारण और downstream water availability से जुड़ी हैं।
1994 Upper Yamuna Agreement: किशाऊ परियोजना की अंतर-राज्यीय जल व्यवस्था का संबंध 12 मई 1994 के Upper Yamuna Basin Agreement से है। इस समझौते के तहत यमुना बेसिन के छह राज्यों/क्षेत्रों के बीच जल के उपयोग और storage projects से संबंधित व्यवस्था का आधार तैयार हुआ था। प्रत्येक storage project के लिए अलग-अलग agreements की आवश्यकता रखी गई थी।
राष्ट्रीय परियोजना का महत्व: किशाऊ को National Project के रूप में आगे बढ़ाने का अर्थ है कि इसके irrigation और drinking-water component के लिए केंद्र से बड़ी वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी। 2008 में किशाऊ सहित Upper Yamuna Basin की कुछ प्रमुख जल परियोजनाओं को National Projects के रूप में चिन्हित किया गया था।
ऐतिहासिक परियोजना आंकड़े: पुराने सरकारी परियोजना दस्तावेजों में किशाऊ के लिए लगभग 660 MW की hydropower क्षमता, लगभग 97,000 हेक्टेयर irrigation potential और drinking-water availability के प्रावधान दर्ज किए गए थे। परियोजना की design और आंकड़ों में समय के साथ संशोधन हुए हैं; इसलिए नवीनतम सरकारी 2026 आंकड़ों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं से तुलना:
| परियोजना | नदी | राज्य/क्षेत्र | मुख्य उद्देश्य |
|---|---|---|---|
| Kishau | Tons | Himachal Pradesh & Uttarakhand | जल भंडारण, सिंचाई, पेयजल, जलविद्युत |
| Lakhwar | Yamuna | Uttarakhand | जल भंडारण, सिंचाई, पेयजल, जलविद्युत |
| Renukaji | Giri | Himachal Pradesh | पेयजल, जल भंडारण, जलविद्युत |
Exam Point: किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना टोंस नदी पर उत्तराखंड–हिमाचल प्रदेश सीमा क्षेत्र में प्रस्तावित है। टोंस, यमुना की प्रमुख सहायक नदी है। परियोजना का उद्देश्य जल भंडारण, सिंचाई, पेयजल, जलविद्युत उत्पादन और यमुना के प्रवाह को बेहतर करना है। 2026 में छह संबंधित राज्यों के बीच लंबे समय से लंबित सहमति बनने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई।
One-Liner Revision:
Kishau Multipurpose Project → Tons River → Yamuna Basin →
Himachal Pradesh + Uttarakhand → 232.6 m Concrete Gravity Dam →
~1,562 MCM Storage → ~97,000 ha Irrigation →
~1,476 Million Units Hydropower → 90% Water-Component Funding by Centre
Sources: PIB – Consensus on Kishau Multipurpose Dam Project, 16 June 2026 | PIB – Kishau Multipurpose Project Agreement, September 2026 | PIB – Kishau Project and Upper Yamuna Basin | PIB – Upper Yamuna Storage Projects
(56.) Who won the 2026 Spanish Grand Prix in Formula 1?
फॉर्मूला-1 का 2026 स्पैनिश ग्रां प्री किसने जीता?
(A) Kimi Antonelli / किमी एंटोनेली
(B) George Russell / जॉर्ज रसेल
(C) Lewis Hamilton / लुईस हैमिल्टन
(D) Max Verstappen / मैक्स वर्स्टापेन
इटली के Kimi Antonelli (किमी एंटोनेली) ने 2026 Spanish Grand Prix जीतकर इतिहास रचा। उन्होंने 13 सितंबर 2026 को मैड्रिड के नए Madring सर्किट पर आयोजित inaugural Spanish Grand Prix में Mercedes के लिए जीत दर्ज की। यह Madring पर आयोजित पहली Formula 1 race थी।
Antonelli ने 57 लैप की रेस को 1:34:23.754 के समय में पूरा किया और दूसरे स्थान पर रहे Red Bull के Max Verstappen को 4.351 सेकंड से हराया। McLaren के Lando Norris तीसरे स्थान पर रहे, जो Verstappen से केवल 0.738 सेकंड पीछे थे।
यह Antonelli की 2026 सीजन की आठवीं Grand Prix जीत थी। FIA के अनुसार, इस जीत के बाद उन्होंने Drivers’ Championship में अपनी बढ़त को 81 points तक बढ़ा लिया। इस प्रकार 13 सितंबर की रेस के बाद वह 2026 championship standings में शीर्ष पर बने रहे।
रेस की रणनीति में Virtual Safety Car (VSC) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शुरुआती चरण में Lando Norris pole position से बढ़त बनाए हुए थे, लेकिन VSC के दौरान Mercedes ने Antonelli को pit कराया। इस रणनीतिक फैसले ने Antonelli को race में net lead हासिल करने में मदद की। Norris को pit stop timing और एक धीमे pit stop के कारण नुकसान हुआ और वह अंततः तीसरे स्थान पर रहे।
Qualifying में Lando Norris ने 1:31.824 का समय निकालकर pole position हासिल किया था। Antonelli केवल 0.011 सेकंड के अंतर से दूसरे स्थान पर रहे। Max Verstappen तीसरे स्थान पर start हुए। इस प्रकार Antonelli ने pole से नहीं, बल्कि P2 starting position से race जीतकर Spanish Grand Prix अपने नाम किया।
Madring Circuit मैड्रिड में स्थित नया purpose-built Formula 1 venue है। यह public roads और private land के संयोजन से तैयार किया गया है और street-circuit तथा permanent circuit दोनों की विशेषताओं को जोड़ता है। सर्किट की लंबाई लगभग 5.414 km है और इसमें 22 corners हैं। 2026 Spanish Grand Prix में कुल 57 laps पूरे किए गए, जबकि race distance 308.399 km रही।
Madring का एक विशेष आकर्षण Turn 12, “La Monumental” है। यह लगभग आधा किलोमीटर लंबा banked section है और इसमें लगभग 24% banking है। Formula 1 के अनुसार, इस हिस्से में कारें लगभग 340 km/h तक की गति प्राप्त कर सकती हैं।
- ग्रैंड प्रिक्स: Spanish Grand Prix 2026
- विजेता: Kimi Antonelli
- देश: Italy
- टीम: Mercedes
- तिथि: 13 सितंबर 2026
- सर्किट: Madring, Madrid, Spain
- फाइनल परिणाम: Antonelli – Verstappen – Norris
- जीत का अंतर: 4.351 सेकंड
- लैप: 57
- Race Distance: 308.399 km
- Circuit Length: 5.414 km
- Corners: 22
- Fastest Lap: George Russell – 1:35.587
- 2026 Season Wins: Antonelli की आठवीं Grand Prix जीत
2026 में Antonelli की प्रमुख Grand Prix जीतें: Spanish Grand Prix से पहले Antonelli ने 2026 में China, Japan, Miami, Canada, Monaco, Belgium और Italy Grands Prix भी जीते थे। Formula 1 के आधिकारिक race results के अनुसार, Spanish Grand Prix उनकी 2026 season की आठवीं जीत थी।
Italian Formula 1 Success: Antonelli की यह उपलब्धि इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि वह Mercedes के लिए एक युवा इतालवी driver के रूप में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। 2026 season में उनकी लगातार जीतों ने उन्हें Drivers’ Championship की शीर्ष लड़ाई में मजबूत स्थिति में रखा है।
Spanish Grand Prix 2026 – Top 5:
| स्थान | ड्राइवर | टीम | अंक |
|---|---|---|---|
| 1 | Kimi Antonelli | Mercedes | 25 |
| 2 | Max Verstappen | Red Bull Racing | 18 |
| 3 | Lando Norris | McLaren | 15 |
| 4 | Charles Leclerc | Ferrari | 12 |
| 5 | George Russell | Mercedes | 10 |
अन्य महत्वपूर्ण तथ्य: Charles Leclerc ने race का बड़ा हिस्सा lead करते हुए बिताया और Virtual Safety Car के दौरान pit नहीं किया। उन्होंने 48वें lap के अंत में pit किया, जिसके बाद Antonelli, Verstappen और Norris के बीच अंतिम चरण में जीत के लिए मुकाबला हुआ। Mercedes के George Russell ने 1:35.587 का fastest lap दर्ज किया।
रेस में कुल चार drivers finish नहीं कर सके। Lewis Hamilton brake problem के कारण जल्दी retire हुए, जबकि Lance Stroll भी brake-related समस्या के कारण बाहर हुए। Carlos Sainz और Sergio Perez भी race पूरी नहीं कर सके।
Exam Point: 2026 Spanish Grand Prix का खिताब Kimi Antonelli ने जीता। यह race 13 सितंबर 2026 को Madrid के नए Madring circuit पर आयोजित हुई। Antonelli ने Max Verstappen को 4.351 सेकंड से हराया, जबकि Lando Norris तीसरे स्थान पर रहे। यह Madring पर आयोजित पहली Spanish Grand Prix थी और Antonelli की 2026 season की आठवीं Grand Prix victory थी।
One-Liner Revision:
Spanish GP 2026 → Kimi Antonelli → Mercedes → Madring, Madrid →
13 September 2026 → Defeated Max Verstappen → 8th GP Win of 2026 →
First F1 Spanish GP at Madring
Sources: Formula 1 – 2026 Spanish Grand Prix Race Result | Formula 1 – Spanish Grand Prix 2026 / Madring | FIA – Antonelli wins Spanish Grand Prix | FIA – Spanish GP Post-Race Press Conference
(57.) India recently overtook which country to become the world’s fourth-largest holder of foreign exchange reserves?
भारत ने हाल ही में किस देश को पीछे छोड़कर विश्व का चौथा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार धारक देश बन गया?
(A) Japan / जापान
(B) United States / संयुक्त राज्य अमेरिका
(C) Russia / रूस
(D) China / चीन
भारत ने विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) के मामले में रूस को पीछे छोड़कर दुनिया में चौथा स्थान हासिल किया। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के अनुसार, 4 सितंबर 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड $785.71 अरब (लगभग $785.7 billion) तक पहुंच गया। इस सप्ताह भंडार में लगभग $44.9 अरब की रिकॉर्ड साप्ताहिक वृद्धि हुई।
इस वृद्धि के बाद भारत विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में चीन, जापान और स्विट्जरलैंड के बाद चौथे स्थान पर पहुंच गया, जबकि रूस पांचवें स्थान पर आ गया। यह रैंकिंग उपलब्ध नवीनतम अंतरराष्ट्रीय तुलनात्मक आंकड़ों पर आधारित है।
महत्वपूर्ण तथ्य:
- भारत का रिकॉर्ड Forex Reserve: $785.71 अरब (सप्ताह समाप्ति 4 सितंबर 2026)।
- साप्ताहिक वृद्धि: लगभग $44.9 अरब, जो भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में अब तक की सबसे बड़ी एक-सप्ताह की वृद्धि थी।
- वैश्विक रैंक: भारत चौथा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार धारक बना।
- भारत से ऊपर: चीन, जापान और स्विट्जरलैंड।
- भारत ने किसे पीछे छोड़ा? रूस को।
- Foreign Currency Assets (FCA): 4 सितंबर 2026 को समाप्त सप्ताह में FCA लगभग $648.17 अरब रहा और इसमें लगभग $47.50 अरब की वृद्धि हुई।
- Gold Reserves: इसी सप्ताह भारत के स्वर्ण भंडार के मूल्य में लगभग $2.59 अरब की कमी दर्ज की गई।
- विदेशी मुद्रा भंडार में इस तेज वृद्धि का प्रमुख कारण डॉलर के मजबूत प्रवाह और RBI द्वारा विदेशी मुद्रा जुटाने के लिए अपनाए गए विशेष उपाय रहे।
- विशेष रूप से FCNR(B) deposits तथा RBI की concessional forex swap व्यवस्था के माध्यम से पर्याप्त विदेशी मुद्रा प्रवाह हुआ।
हालिया बदलाव पर ध्यान दें: 11 सितंबर 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग $4.92 अरब घटकर $780.78 अरब हो गया। इसलिए $785.71 अरब का आंकड़ा सितंबर 2026 में दर्ज किया गया रिकॉर्ड उच्च स्तर था, न कि 11 सितंबर वाले सप्ताह का अंतिम आंकड़ा।
विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) के प्रमुख घटक:
- Foreign Currency Assets (FCA) — विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां
- Gold Reserves — स्वर्ण भंडार
- Special Drawing Rights (SDRs) — विशेष आहरण अधिकार
- Reserve Position in the IMF — IMF में रिज़र्व पोजीशन
Exam Point: विदेशी मुद्रा भंडार किसी देश की बाहरी क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण होता है। पर्याप्त रिज़र्व देश को आयात भुगतान, विदेशी ऋण दायित्वों और विनिमय दर में अत्यधिक अस्थिरता जैसी परिस्थितियों से निपटने में सहायता प्रदान करता है। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार के साप्ताहिक आंकड़े RBI द्वारा जारी किए जाते हैं।
One-Liner Revision:
सितंबर 2026 में रिकॉर्ड $785.71 अरब के विदेशी मुद्रा भंडार के साथ
भारत ने रूस को पीछे छोड़कर दुनिया का चौथा सबसे बड़ा
विदेशी मुद्रा भंडार धारक बनने की स्थिति हासिल की।
Source: Reserve Bank of India (RBI) | Indian Express – India overtakes Russia in forex reserves | Economic Times – India’s forex reserves
(58.) What was India’s rank in the Global Gender Gap Index 2026 released by the World Economic Forum?
विश्व आर्थिक मंच द्वारा जारी ‘ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स 2026’ में भारत का कौन-सा स्थान रहा?
(A) 118th / 118वाँ
(B) 131st / 131वाँ
(C) 109th / 109वाँ
(D) 138th / 138वाँ
World Economic Forum (WEF) Global Gender Gap Report 2026 के अनुसार भारत ने 145 अर्थव्यवस्थाओं में 131वाँ स्थान बरकरार रखा है। भारत का समग्र Gender Parity Score 64.5% रहा। रिपोर्ट का 2026 संस्करण इस सूचकांक का 20वाँ संस्करण है और इसमें 2006 से लैंगिक समानता में हुई प्रगति का दीर्घकालिक आकलन किया गया है।
WEF का Global Gender Gap Index यह मापता है कि महिलाओं और पुरुषों के बीच उपलब्ध अवसरों और परिणामों में अंतर कितना कम हुआ है। यह किसी देश के विकास के पूर्ण स्तर को नहीं, बल्कि महिलाओं और पुरुषों के बीच सापेक्ष लैंगिक अंतर को मापता है।
Global Gender Gap Index 2026 चार प्रमुख आयामों पर आधारित है:
- Economic Participation and Opportunity — आर्थिक भागीदारी एवं अवसर
- Educational Attainment — शैक्षिक उपलब्धि
- Health and Survival — स्वास्थ्य एवं उत्तरजीविता
- Political Empowerment — राजनीतिक सशक्तिकरण
भारत का प्रदर्शन — Global Gender Gap Index 2026:
| आयाम / Subindex | भारत का स्कोर / Score | महत्वपूर्ण तथ्य |
|---|---|---|
| Overall Gender Parity | 64.5% | भारत 131वें स्थान पर |
| Economic Participation & Opportunity | 41.2% | पिछले संस्करण की तुलना में 0.5 प्रतिशत अंक सुधार |
| Educational Attainment | 96.6% | भारत के अपेक्षाकृत मजबूत क्षेत्रों में से एक |
| Health & Survival | 95.6% | Sex Ratio at Birth सहित स्वास्थ्य संकेतक शामिल |
| Political Empowerment | 24.5% | भारत का वैश्विक स्थान 67वाँ |
भारत की दीर्घकालिक प्रगति: 2006 में सूचकांक शुरू होने के बाद से भारत के समग्र Gender Parity Score में 4.3 प्रतिशत अंकों का सुधार हुआ है। WEF के अनुसार यह प्रगति मुख्यतः Educational Attainment में सुधार से प्रेरित रही है।
आर्थिक भागीदारी: भारत का Economic Participation and Opportunity score 41.2% रहा, जो पिछले संस्करण से 0.5 प्रतिशत अंक अधिक है। हालांकि, यह भारत के 2013 के 44.6% के सर्वोच्च स्कोर से अभी भी कम है। Labour-Force Participation में gender parity score 44.1% रहा।
Professional and Technical Workers में भारत की gender parity 2006 के 26.6% से बढ़कर 2026 में 49.9% हुई। Legislators, Senior Officials and Managers में parity score 13.1% रहा।
शिक्षा: Educational Attainment भारत के अपेक्षाकृत मजबूत प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में है। 2026 में भारत ने इस आयाम में 96.6% parity दर्ज की। WEF के अनुसार प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक शिक्षा में महिला भागीदारी में सुधार भारत की दीर्घकालिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार रहा है।
स्वास्थ्य एवं उत्तरजीविता: भारत का Health and Survival score 95.6% रहा। इस आयाम में Sex Ratio at Birth और Healthy Life Expectancy जैसे संकेतक शामिल होते हैं।
राजनीतिक सशक्तिकरण: भारत का Political Empowerment score 24.5% रहा और इस उप-सूचकांक में भारत 67वें स्थान पर रहा। इसमें संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व, मंत्रिस्तरीय पदों पर प्रतिनिधित्व तथा पिछले 50 वर्षों में महिला Head of State के वर्षों जैसे संकेतकों को शामिल किया जाता है।
वैश्विक स्थिति: 2026 में विश्व स्तर पर कुल gender gap का 69.2% हिस्सा बंद हो चुका था। वर्तमान गति के आधार पर वैश्विक स्तर पर पूर्ण gender parity प्राप्त करने में लगभग 120 वर्ष लगने का अनुमान WEF ने दिया है।
शीर्ष देश: Iceland ने 2026 में लगातार 17वें वर्ष वैश्विक स्तर पर पहला स्थान बनाए रखा। Iceland ने 93.0% gender gap बंद किया। इसके बाद Finland (87.2%) और Norway (85.7%) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
2026 में Australia पहली बार Global Gender Gap Index के Top 10 में शामिल हुआ और 81.9% score के साथ 8वें स्थान पर रहा। Namibia 84.5% के साथ 4वें स्थान पर तथा United Kingdom 84.2% के साथ 5वें स्थान पर रहा।
निचले स्थान: 2026 में Chad 145वें स्थान पर रहा। इसके बाद Iran 144वें और Pakistan 143वें स्थान पर रहे। Democratic Republic of the Congo 142वें स्थान पर था।
दक्षिण एशिया: Southern Asia क्षेत्र ने 2026 में कुल gender gap का 64.5% बंद किया और आठ क्षेत्रों में 7वें स्थान पर रहा। इस क्षेत्र का सबसे कमजोर subindex Economic Participation and Opportunity रहा, जिसमें क्षेत्रीय parity score 40.9% था।
सूचकांक का इतिहास: World Economic Forum ने Global Gender Gap Index को 2006 में शुरू किया था। 2026 का संस्करण इसकी 20वीं वर्षगांठ/20वाँ संस्करण है। यह दुनिया में gender parity की दीर्घकालिक प्रगति को लगातार ट्रैक करने वाले प्रमुख अंतरराष्ट्रीय benchmarks में से एक है।
महत्वपूर्ण अवधारणा: इस सूचकांक में 100% का अर्थ संबंधित gender gap का पूरी तरह बंद होना या पूर्ण parity है। इसलिए किसी देश का score “देश के विकास का प्रतिशत” नहीं, बल्कि सूचकांक द्वारा मापे गए gender gap के बंद होने का अनुपात दर्शाता है।
Exam Point: Global Gender Gap Index को World Economic Forum (WEF) जारी करता है। 2026 में इसमें 145 economies शामिल थीं और चार मुख्य dimensions थे — Economic Participation and Opportunity, Educational Attainment, Health and Survival तथा Political Empowerment।
One-Liner Revision:
Global Gender Gap Index 2026:
भारत — 131वाँ स्थान, Overall Gender Parity Score —
64.5%; वैश्विक स्तर पर Iceland — 1st;
Finland — 2nd; Norway — 3rd।
Sources:
World Economic Forum – Global Gender Gap Report 2026
WEF – Benchmarking Gender Gaps 2026
(59.) Who became the fastest Indian batter to score a century in Men’s T20 International cricket?
पुरुषों के T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज कौन बने?
(A) Vaibhav Suryavanshi / वैभव सूर्यवंशी
(B) Finn Allen / फिन एलन
(C) Abhishek Sharma / अभिषेक शर्मा
(D) Suryakumar Yadav / सूर्यकुमार यादव
अभिषेक शर्मा ने 17 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे और अंतिम T20I में केवल 30 गेंदों में शतक लगाकर इतिहास रच दिया। उन्होंने अपनी पारी में 34 गेंदों पर 108 रन बनाए, जिसमें 9 चौके और 11 छक्के शामिल थे। यह भारतीय बल्लेबाज द्वारा T20I क्रिकेट में लगाया गया अब तक का सबसे तेज शतक है।
यह शतक केवल भारत का राष्ट्रीय रिकॉर्ड नहीं था। यह किसी ICC Full Member/Test-playing nation के बल्लेबाज द्वारा T20I में लगाया गया सबसे तेज शतक भी बना। अभिषेक ने इस मामले में 33 गेंदों में शतक लगाने वाले सिकंदर रजा और फिन एलन के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा।
हालांकि, सभी पुरुष T20I शतकों की बात करें तो अभिषेक का 30 गेंदों का शतक विश्व रिकॉर्ड नहीं है। एस्टोनिया के साहिल चौहान ने 17 जून 2024 को साइप्रस के खिलाफ केवल 27 गेंदों में शतक बनाकर पुरुष T20I का सबसे तेज शतक बनाया था। तुर्किये के मुहम्मद फहद ने 2025 में 29 गेंदों में शतक बनाया था।
अभिषेक शर्मा की ऐतिहासिक पारी के प्रमुख तथ्य:
- शतक: 30 गेंदों में
- कुल स्कोर: 108 रन, 34 गेंदों पर
- चौके: 9
- छक्के: 11
- Strike Rate: लगभग 317.65
- विपक्षी: अफगानिस्तान
- मैच: तीसरा एवं अंतिम T20I, भारत बनाम अफगानिस्तान
- तिथि: 17 सितंबर 2026
- स्थान: अरुण जेटली स्टेडियम, नई दिल्ली
- पारी का परिणाम: भारत ने 221/7 का स्कोर बनाया और अफगानिस्तान को 94 रन पर आउट कर 127 रन से जीत दर्ज की।
- इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की T20I श्रृंखला 3–0 से क्लीन स्वीप की।
रोहित शर्मा का रिकॉर्ड टूटा: अभिषेक शर्मा ने भारत के लिए सबसे तेज T20I शतक का पिछला रिकॉर्ड तोड़ा। इससे पहले रोहित शर्मा ने 22 दिसंबर 2017 को इंदौर में श्रीलंका के खिलाफ 35 गेंदों में शतक बनाया था। अभिषेक ने इस रिकॉर्ड को पांच गेंदों से बेहतर किया।
Full Member record: अभिषेक का 30 गेंदों में शतक किसी Full Member nation के बल्लेबाज द्वारा T20I में सबसे तेज शतक है। इससे पहले यह रिकॉर्ड सिकंदर रजा (Zimbabwe) और फिन एलन (New Zealand) के नाम संयुक्त रूप से था, जिन्होंने 33 गेंदों में शतक बनाए थे।
वैश्विक T20I ranking of fastest centuries:
| बल्लेबाज | देश | गेंद | विपक्षी | वर्ष |
|---|---|---|---|---|
| Sahil Chauhan | Estonia | 27 | Cyprus | 2024 |
| Muhammad Fahad | Türkiye | 29 | Bulgaria | 2025 |
| Abhishek Sharma | India | 30 | Afghanistan | 2026 |
| Sikandar Raza | Zimbabwe | 33 | Gambia | 2024 |
| Finn Allen | New Zealand | 33 | South Africa | 2026 |
Powerplay में भी रिकॉर्ड: अभिषेक और संजू सैमसन ने भारत को अत्यंत तेज शुरुआत दी। भारत ने पावरप्ले के दौरान 100 रन का आंकड़ा पार किया और अभिषेक की आक्रामक बल्लेबाजी ने इस रिकॉर्डतोड़ शुरुआत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभिषेक ने केवल 16 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया।
अभिषेक की T20I श्रृंखला 2026: BCCI के अनुसार उन्होंने पहले दो मैचों में 121 रन बनाए थे, जिसमें पहले T20I में 32 गेंदों पर 82 रन शामिल थे। तीसरे मैच में 108 रन के बाद उन्होंने तीन मैचों की श्रृंखला में कुल 229 रन बनाए और उनका औसत 76.33 तथा strike rate 269.41 रहा। उन्होंने पूरी श्रृंखला में 22 छक्के लगाए और Player of the Series पुरस्कार प्राप्त किया।
एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि: 30 गेंदों का यह शतक अभिषेक शर्मा का T20I में तीसरा शतक था। इससे वे भारत के उन चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल हो गए जिन्होंने T20I क्रिकेट में तीन या उससे अधिक शतक बनाए हैं।
ध्यान देने योग्य अंतर: प्रश्न में यदि पूछा जाए कि “पुरुष T20I क्रिकेट में सबसे तेज शतक किसने लगाया?”, तो उत्तर साहिल चौहान — 27 गेंद होगा। लेकिन यदि प्रश्न हो कि “भारत के लिए T20I में सबसे तेज शतक किसने लगाया?” या “Full Member nation के बल्लेबाज द्वारा सबसे तेज T20I शतक”, तो उत्तर अभिषेक शर्मा — 30 गेंद होगा।
Exam Point: 27 balls → Sahil Chauhan (Estonia), 29 balls → Muhammad Fahad (Türkiye), 30 balls → Abhishek Sharma (India). यह अंतर UPSC, BPSC, SSC तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के Current Affairs प्रश्नों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
One-Liner Revision:
17 सितंबर 2026 को अभिषेक शर्मा ने अफगानिस्तान के खिलाफ
30 गेंदों में T20I शतक लगाकर भारत के लिए सबसे तेज
T20I शतक का रिकॉर्ड बनाया और Full Member nations के बीच भी
सबसे तेज T20I शतक का नया रिकॉर्ड कायम किया।
Sources:
BCCI – Abhishek Sharma breaks records galore with superb 30-ball hundred
ICC – Sahil Chauhan’s 27-ball T20I century
(60.) The ‘Eager Lion 2026’ military exercise was conducted between which two countries?
‘ईगर लायन 2026’ सैन्य अभ्यास किन दो देशों के बीच आयोजित किया गया?
(A) Brazil and Canada / ब्राज़ील और कनाडा
(B) United States and Jordan / अमेरिका और जॉर्डन
(C) Egypt and United States / मिस्र और अमेरिका
(D) India and Japan / भारत और जापान
Eager Lion अमेरिका और जॉर्डन के बीच आयोजित होने वाला एक प्रमुख बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों तथा भागीदार देशों के सैन्य बलों के बीच interoperability, coordination और operational readiness को मजबूत करना है। यह अभ्यास व्यापक रूप से U.S. Central Command (CENTCOM) और Jordan Armed Forces के सहयोग से आयोजित किया जाता रहा है।
महत्वपूर्ण सुधार: Eager Lion को केवल “अमेरिका-जॉर्डन द्विपक्षीय अभ्यास” कहना पूरी तरह सटीक नहीं है। ऐतिहासिक रूप से यह एक multilateral exercise रहा है, जिसमें अमेरिका और जॉर्डन के साथ अन्य partner countries भी भाग लेते हैं। अमेरिकी सेना इसे Jordan द्वारा hosted एक बहुराष्ट्रीय अभ्यास के रूप में वर्णित करती रही है।
Eager Lion का मुख्य उद्देश्य विभिन्न देशों की सेनाओं को संयुक्त वातावरण में प्रशिक्षण देकर military interoperability बढ़ाना तथा साझा सुरक्षा चुनौतियों के लिए coordination और readiness विकसित करना है।
अभ्यास के प्रमुख प्रशिक्षण क्षेत्र:
- Counter-terrorism operations — आतंकवाद-रोधी अभियान
- Special Operations — विशेष अभियान बलों का संयुक्त प्रशिक्षण
- Counter-UAS / Counter-Drone Operations — मानव रहित हवाई प्रणालियों से उत्पन्न खतरों से निपटना
- Cybersecurity — साइबर खतरों के विरुद्ध तैयारी
- Air and Land Operations — वायु एवं थल सेनाओं के संयुक्त अभियान
- Maritime Security — समुद्री सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण
- Explosive Ordnance Disposal (EOD) — विस्फोटक एवं संदिग्ध आयुधों से निपटने का प्रशिक्षण
- Humanitarian Assistance and Disaster Response — मानवीय सहायता एवं आपदा प्रतिक्रिया
- Command, Control and Coordination — बहुराष्ट्रीय सैन्य बलों के बीच command और coordination को बेहतर बनाना
Exercise Eager Lion की विशेषता: यह केवल युद्धाभ्यास तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न देशों के सैन्य बलों को एक common operating environment में काम करने, tactics, techniques and procedures साझा करने तथा coalition-type operations के लिए तैयारी करने का अवसर प्रदान करता है।
पिछले संस्करणों में combined arms training, live-fire exercises, special operations training, long-range bomber missions, maritime security, cyber-response training तथा multinational parachute operations जैसी गतिविधियां शामिल रही हैं।
Eager Lion और U.S.-Jordan Defence Cooperation: यह अभ्यास अमेरिका और जॉर्डन के व्यापक रक्षा सहयोग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। U.S. Army के अनुसार, Eager Lion को Jordan Armed Forces के साथ अमेरिकी सैन्य संबंधों के व्यापक ढांचे में एक महत्वपूर्ण multinational training activity के रूप में देखा जाता है।
आयोजन का पारंपरिक स्वरूप: Eager Lion का प्रमुख आयोजन ऐतिहासिक रूप से Hashemite Kingdom of Jordan में हुआ है। इसलिए प्रश्नों में Eager Lion को Jordan से जोड़ना महत्वपूर्ण है। हालांकि किसी विशेष वर्ष में अभ्यास के सभी phases और training locations एक ही स्थान तक सीमित होना आवश्यक नहीं है।
2026 Edition पर महत्वपूर्ण सावधानी: उपलब्ध आधिकारिक अमेरिकी Army sources में 2026 के कथित “12th edition” को पहली बार Fort Carson, Colorado में आयोजित करने की पुष्टि नहीं मिलती। इसलिए इस तथ्य को आधिकारिक पुष्टि के बिना निश्चित तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है। Fort Carson, Colorado में U.S. Army का महत्वपूर्ण सैन्य installation स्थित है, लेकिन Fort Carson के आधिकारिक 2026 news releases में Eager Lion 2026 की पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
Historical Fact: Eager Lion 22 का आयोजन 4–15 September 2022 के दौरान Jordan में हुआ था। U.S. Army के अनुसार यह exercise biannual था और इसे U.S. Central Command, Hashemite Kingdom of Jordan तथा partner countries द्वारा plan और execute किया गया था।
Exam-oriented comparison:
| तथ्य | जानकारी |
|---|---|
| Exercise Name | Eager Lion |
| मुख्य देश | United States और Jordan |
| प्रकृति | Multilateral Military Exercise |
| U.S. Command | U.S. Central Command (CENTCOM) |
| Jordanian Partner | Jordan Armed Forces |
| मुख्य उद्देश्य | Interoperability, coordination और operational readiness |
| प्रमुख क्षेत्र | Counter-terrorism, special operations, cyber, air-land और maritime security |
| पारंपरिक आयोजन क्षेत्र | Jordan |
Exam Point: यदि प्रश्न पूछा जाए — “Eager Lion military exercise किन देशों से संबंधित है?” — तो सबसे उपयुक्त उत्तर United States और Jordan है। लेकिन इसे multilateral exercise के रूप में समझना अधिक सटीक है, क्योंकि इसमें अन्य partner nations भी भाग ले सकती हैं।
One-Liner Revision:
Eager Lion अमेरिका और जॉर्डन से जुड़ा एक प्रमुख
multilateral military exercise है, जिसका उद्देश्य
संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण, interoperability, counter-terrorism,
special operations और विभिन्न सुरक्षा क्षेत्रों में operational
coordination को मजबूत करना है।
Sources:
U.S. Army – Exercise Eager Lion
U.S. Army Central – Eager Lion 19
U.S. Army – Eager Lion 22
Fort Carson – Official News Releases
(61.) Who has been selected for the Dadasaheb Phalke Award for the year 2024?
वर्ष 2024 के दादासाहेब फाल्के पुरस्कार के लिए किसे चुना गया है?
(A) Boman Irani / बोमन ईरानी
(B) Anant Nag / अनंत नाग
(C) Paresh Rawal / परेश रावल
(D) Anupam Kher / अनुपम खेर
दिग्गज अभिनेता अनंत नाग (Anant Nag) को वर्ष 2024 का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार (Dadasaheb Phalke Award) प्रदान किया जाएगा। भारत सरकार ने 16 सितंबर 2026 को इसकी घोषणा की। यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा के विकास और संवर्धन में उनके उत्कृष्ट योगदान तथा पाँच दशकों से अधिक लंबे सिनेमाई करियर के सम्मान में दिया जा रहा है। पुरस्कार उन्हें 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर (पूर्व नाम केवड़िया) में आयोजित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में प्रदान किया जाएगा।
अनंत नाग का परिचय: अनंत नाग का जन्म 4 सितंबर 1948 को कर्नाटक में हुआ। उन्होंने कन्नड़ फीचर फिल्म ‘संकल्प’ से अभिनय की शुरुआत की और ‘अंकुर’ के माध्यम से हिंदी सिनेमा में प्रवेश किया। उन्होंने कन्नड़, हिंदी, तेलुगु, मलयालम, तमिल और मराठी सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं की फिल्मों में काम किया है। सरकारी विवरण के अनुसार, उनका फिल्मी योगदान 300 से अधिक फिल्मों तक फैला हुआ है।
अनंत नाग की बहुमुखी प्रतिभा केवल फिल्मों तक सीमित नहीं रही। वे ‘मालगुडी डेज़ (Malgudi Days)’ जैसे चर्चित टेलीविजन कार्यों से भी जुड़े रहे हैं। उन्हें पाँच Filmfare Awards और पाँच Karnataka State Best Actor Awards सहित कई सम्मान प्राप्त हुए हैं। उन्हें Karnataka Rajyotsava Award, Karnataka Sahitya Academy Award और Karnataka State Lifetime Achievement Award भी प्राप्त हुए हैं।
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार: दादासाहेब फाल्के पुरस्कार भारतीय सिनेमा के क्षेत्र में दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। इसे 1969 में स्थापित किया गया था। यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा के विकास और संवर्धन में असाधारण योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को प्रदान किया जाता है।
इस पुरस्कार का नाम धुंडीराज गोविंद फाल्के (दादासाहेब फाल्के) के सम्मान में रखा गया है, जिन्हें भारतीय सिनेमा का जनक माना जाता है। उन्होंने 1913 में ‘राजा हरिश्चंद्र’ का निर्देशन किया, जिसे भारत की पहली पूर्ण लंबाई की फीचर फिल्म माना जाता है। दादासाहेब फाल्के ने अपने फिल्मी जीवन में 94 फीचर फिल्मों और 27 लघु फिल्मों का निर्माण/निर्देशन किया।
पहली प्राप्तकर्ता: वर्ष 1969 में देविका रानी दादासाहेब फाल्के पुरस्कार की पहली प्राप्तकर्ता बनी थीं।
पुरस्कार में क्या दिया जाता है? 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के लिए आधिकारिक PIB factsheet के अनुसार दादासाहेब फाल्के पुरस्कार में स्वर्ण कमल (Swarna Kamal), शॉल और ₹10 लाख की नकद राशि शामिल है। इसलिए पुराने अध्ययन-सामग्री में मिलने वाली ₹15 लाख की राशि को 2026 के 72वें National Film Awards के लिए सही नहीं माना जाना चाहिए।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और दादासाहेब फाल्के पुरस्कार में अंतर: National Film Awards की शुरुआत 1954 में हुई थी और ये भारतीय सिनेमा में उत्कृष्ट रचनात्मक एवं तकनीकी उपलब्धियों को सम्मानित करते हैं। इसके अंतर्गत Feature Films, Non-Feature Films और Writing on Cinema जैसे क्षेत्र शामिल हैं। वहीं Dadasaheb Phalke Award lifetime contribution / outstanding contribution to Indian cinema के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च सिनेमाई सम्मान है।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: वर्ष 2024 की फिल्मों के लिए 72वें National Film Awards के विजेताओं की घोषणा 18 जुलाई 2026 को की गई थी। इनमें ‘Article 370’ को Best Feature Film, जबकि Yami Gautam को Best Actress in a Leading Role और Mammootty तथा Kartik Aaryan को संयुक्त रूप से Best Actor in a Leading Role चुना गया।
72वें National Film Awards समारोह: पुरस्कार समारोह 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर (Ekta Nagar), केवड़िया में आयोजित किया जाना निर्धारित है और राष्ट्रपति भारत द्वारा पुरस्कार प्रदान किए जाने हैं।
| तथ्य / Fact | जानकारी / Information |
|---|---|
| Dadasaheb Phalke Award 2024 | Anant Nag |
| घोषणा की तिथि | 16 September 2026 |
| पुरस्कार प्रदान करने की तिथि | 22 September 2026 |
| समारोह | 72nd National Film Awards |
| स्थान | Ekta Nagar, Kevadia, Gujarat |
| अनंत नाग का जन्म | 4 September 1948, Karnataka |
| कन्नड़ फिल्म में पदार्पण | Sankalp |
| हिंदी फिल्म में पदार्पण | Ankur |
| फिल्मी करियर | 5 दशकों से अधिक; 300+ फिल्मों में योगदान |
| पुरस्कार की स्थापना | 1969 |
| पहली प्राप्तकर्ता | Devika Rani, 1969 |
| प्रेरणा/नाम | Dadasaheb Phalke |
| पुरस्कार सामग्री (72nd NFA) | Swarna Kamal + Shawl + ₹10 lakh |
Exam Point: वर्तमान करंट अफेयर्स के लिए याद रखें — Dadasaheb Phalke Award 2024 → Anant Nag → announced on 16 September 2026 → presented at the 72nd National Film Awards on 22 September 2026 → Ekta Nagar, Gujarat.
Quick Revision:
- दादासाहेब फाल्के पुरस्कार: भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान
- स्थापना: 1969
- पहली प्राप्तकर्ता: देविका रानी
- 2024 का पुरस्कार: अनंत नाग
- घोषणा: 16 सितंबर 2026
- समारोह: 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार
- समारोह की तिथि: 22 सितंबर 2026
- स्थान: एकता नगर (केवड़िया), गुजरात
- दादासाहेब फाल्के की प्रमुख फिल्म: राजा हरिश्चंद्र (1913)
Sources:
PIB – Anant Nag to be honoured with Dadasaheb Phalke Award 2024
PIB – National Film Awards: Factsheet
PIB – 72nd National Film Awards for the year 2024
(62.) Kumik village has been declared the first designated Heritage Village of which state/Union Territory?
कुमिक गाँव को किस राज्य/केंद्रशासित प्रदेश का पहला नामित विरासत गाँव घोषित किया गया है?
(A) Jammu and Kashmir / जम्मू और कश्मीर
(B) Himachal Pradesh / हिमाचल प्रदेश
(C) Ladakh / लद्दाख
(D) Sikkim / सिक्किम
कुमिक (Kumik) गांव को लद्दाख का पहला नामित Heritage Village (विरासत गांव) घोषित किया गया है। यह घोषणा 15 सितंबर 2026 को लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने 11वें लद्दाख ज़ांस्कर महोत्सव 2026 के उद्घाटन के अवसर पर की। कुमिक गांव ज़ांस्कर क्षेत्र में स्थित है और अपनी पारंपरिक वास्तुकला, बौद्ध परंपराओं, कृषि पद्धतियों तथा ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है।
कुमिक को Heritage Village के रूप में मान्यता देने का उद्देश्य केवल पुराने भवनों का संरक्षण करना नहीं है, बल्कि जीवित सांस्कृतिक विरासत (Living Heritage) को संरक्षित करना भी है। इसमें पारंपरिक घर, पवित्र स्थल, स्थानीय कृषि पद्धतियां, धार्मिक परंपराएं, सामाजिक रीति-रिवाज और पीढ़ियों से संरक्षित ज्ञान शामिल हैं।
कुमिक की प्रमुख विरासत विशेषता: गांव में कंजूर (Kanjur/Kangyur) पांडुलिपियों सहित तिब्बती बौद्ध साहित्य की महत्वपूर्ण परंपरा रही है। कंजूर तिब्बती बौद्ध परंपरा में बुद्ध की शिक्षाओं से संबंधित प्रमुख ग्रंथ-संग्रह है। इसके विपरीत तेंग्यूर (Tengyur) मुख्यतः बौद्ध आचार्यों की व्याख्याओं और टीकाओं का संग्रह माना जाता है।
कुमिक की पारंपरिक वास्तुकला: गांव अपने पारंपरिक मिट्टी के घरों, स्थानीय निर्माण तकनीकों और ऊंचाई वाले ठंडे रेगिस्तानी वातावरण के अनुरूप विकसित आवासीय स्थापत्य के लिए जाना जाता है। इस प्रकार की स्थानीय वास्तुकला कठोर जलवायु परिस्थितियों के अनुकूलन और स्थानीय संसाधनों के उपयोग का उदाहरण प्रस्तुत करती है।
Heritage Village का व्यापक महत्व: ऐसे गांवों को विरासत पर्यटन, स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक ज्ञान, सांस्कृतिक संरक्षण और स्थानीय आजीविका से जोड़ा जा सकता है। कुमिक के संदर्भ में भी सांस्कृतिक संरक्षण और सतत पर्यटन (Sustainable Tourism) को स्थानीय आर्थिक अवसरों के साथ जोड़ने पर जोर दिया गया है।
कुमिक और पर्यावरणीय चुनौती: उच्च हिमालयी क्षेत्रों की तरह ज़ांस्कर में जल उपलब्धता एक महत्वपूर्ण चुनौती है। कुमिक में पानी की कमी और ग्लेशियरों से संबंधित जल-प्रवाह में बदलाव ने स्थानीय आबादी के जीवन और कृषि को प्रभावित किया है। इसलिए इस गांव की विरासत के संरक्षण को जल सुरक्षा, जलवायु अनुकूलन और स्थानीय आजीविका के साथ जोड़कर देखना महत्वपूर्ण है।
“Vikas Bhi, Virasat Bhi”: कुमिक को Heritage Village घोषित करने की पहल विकास और विरासत संरक्षण को साथ लेकर चलने की अवधारणा से जुड़ी है। इसका उद्देश्य आधुनिक बुनियादी सुविधाओं और पर्यटन के विकास के साथ-साथ स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना है।
ज़ांस्कर और प्रशासनिक महत्व: 2026 में ज़ांस्कर को लद्दाख के एक नए जिले के रूप में स्थापित किया गया। इसके बाद लद्दाख में कुल सात जिले हो गए — लेह, कारगिल, ज़ांस्कर, द्रास, शाम, नुब्रा और चांगथांग। ज़ांस्कर जिले का मुख्यालय पदुम (Padum) है।
11वां लद्दाख ज़ांस्कर महोत्सव 2026: यह महोत्सव 15–16 सितंबर 2026 को ज़ांस्कर के सानी (Sani) में आयोजित किया गया। यह ज़ांस्कर के जिला बनने के बाद आयोजित पहला बड़ा ज़ांस्कर महोत्सव था। महोत्सव में स्थानीय संस्कृति, संगीत, कला, हस्तशिल्प, परंपराओं और पर्यटन क्षमता को प्रदर्शित किया गया।
महोत्सव का महत्व: Zanskar Festival 2026 को सांस्कृतिक संरक्षण के साथ-साथ cultural tourism, adventure tourism और sustainable tourism को बढ़ावा देने के मंच के रूप में भी देखा गया। स्थानीय कलाकारों, समुदायों और प्रशासन की भागीदारी ने इसे community-based cultural promotion का उदाहरण बनाया।
| तथ्य / Fact | जानकारी / Information |
|---|---|
| विरासत गांव | Kumik / कुमिक |
| विशेष दर्जा | लद्दाख का पहला नामित Heritage Village |
| घोषणा की तिथि | 15 सितंबर 2026 |
| घोषित करने वाले | उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना |
| क्षेत्र | ज़ांस्कर घाटी, लद्दाख |
| जिला | ज़ांस्कर जिला |
| जिला मुख्यालय | पदुम (Padum) |
| प्रमुख विरासत | पारंपरिक घर, पवित्र स्थल, कृषि परंपराएं और बौद्ध विरासत |
| प्रमुख पांडुलिपि परंपरा | कंजूर / कांग्युर (Kanjur/Kangyur) |
| संबंधित महोत्सव | 11वां लद्दाख ज़ांस्कर महोत्सव 2026 |
| महोत्सव की तिथि | 15–16 सितंबर 2026 |
| महोत्सव स्थल | सानी (Sani), ज़ांस्कर |
| प्रमुख पर्यावरणीय चुनौती | जल उपलब्धता और उच्च हिमालयी जलवायु परिवर्तन संबंधी दबाव |
लद्दाख का प्रशासनिक संदर्भ: जम्मू और कश्मीर राज्य के पुनर्गठन के बाद 31 अक्टूबर 2019 को लद्दाख एक केंद्रशासित प्रदेश बना। लद्दाख वर्तमान में बिना विधानमंडल वाला केंद्रशासित प्रदेश है और इसका प्रशासन उपराज्यपाल के माध्यम से संचालित होता है।
Heritage Village और UNESCO World Heritage में अंतर: कुमिक को लद्दाख का पहला designated Heritage Village घोषित किया गया है। इसे UNESCO World Heritage Site घोषित किया गया है, ऐसा कहना सही नहीं होगा। दोनों अलग-अलग प्रकार की मान्यताएं हैं। UNESCO World Heritage status एक अंतरराष्ट्रीय designation है, जबकि Heritage Village का दर्जा यहां लद्दाख प्रशासन द्वारा दिया गया है।
Exam Point: प्रश्न में यदि पूछा जाए कि “सितंबर 2026 में लद्दाख का पहला नामित Heritage Village कौन-सा बना?” तो उत्तर कुमिक (Kumik) होगा। इसे ज़ांस्कर और लद्दाख से जोड़कर याद रखें।
Prelims Quick Revision:
- Kumik → Ladakh’s first designated Heritage Village
- स्थान → Zanskar, Ladakh
- घोषणा → 15 September 2026
- घोषित किया → LG Vinai Kumar Saxena
- मौका → 11th Ladakh Zanskar Festival 2026
- Festival venue → Sani, Zanskar
- महत्वपूर्ण विरासत → Kanjur/Kangyur manuscripts
- Zanskar district HQ → Padum
- Ladakh became UT → 31 October 2019
Sources:
Administration of Union Territory of Ladakh – 11th Ladakh Zanskar Festival
Administration of UT Ladakh – Zanskar Festival 2026
Administration of UT Ladakh – Heritage Conservation
(63.) Where is India’s Steady State Superconducting Tokamak (SST-1), popularly associated with India’s ‘artificial sun’ research, located?
भारत का स्टेडी स्टेट सुपरकंडक्टिंग टोकामक (SST-1), जिसे लोकप्रिय रूप से भारत के ‘कृत्रिम सूर्य’ अनुसंधान से जोड़ा जाता है, कहाँ स्थित है?
(A) Bengaluru / बेंगलुरु
(B) Ahmedabad / अहमदाबाद
(C) Gandhinagar / गांधीनगर
(D) Mumbai / मुंबई
भारत का Steady State Superconducting Tokamak-1 (SST-1) गुजरात के गांधीनगर स्थित Institute for Plasma Research (IPR) में विकसित और संचालित किया गया है। SST-1 एक मध्यम आकार का superconducting tokamak है, जिसे लंबे समय तक magnetically confined plasma के अध्ययन और steady-state/long-pulse fusion research के लिए डिजाइन किया गया है।
आम बोलचाल में SST-1 को भारत का “Artificial Sun” / “कृत्रिम सूर्य” कहा जाता है। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टि से यह सूर्य की हूबहू नकल करने वाला रिएक्टर नहीं है; यह पृथ्वी पर nuclear fusion plasma को अत्यधिक तापमान पर magnetic fields की सहायता से confined रखने और fusion-relevant plasma physics का अध्ययन करने वाली प्रयोगात्मक मशीन है।
Tokamak शब्द रूसी मूल का है और ऐसी मशीन को दर्शाता है जिसमें गर्म प्लाज्मा को मुख्यतः toroidal magnetic field तथा poloidal magnetic field की सहायता से नियंत्रित किया जाता है। SST-1 का आकार लगभग डोनट (doughnut) जैसा होता है। इसके प्रमुख उद्देश्य में लंबे समय तक plasma operation, plasma confinement, heating, current drive और steady-state fusion technology से संबंधित अध्ययन शामिल हैं।
SST-1 की प्रमुख विशेषता — Superconducting Magnets: सामान्य conducting coils में उच्च धारा प्रवाहित करने पर विद्युत प्रतिरोध के कारण काफी ऊष्मा उत्पन्न होती है। इसके विपरीत SST-1 में superconducting magnet technology का उपयोग किया गया है, जिससे अत्यंत कम तापमान पर उच्च धारा और मजबूत magnetic fields को लंबे समय तक बनाए रखना संभव होता है। यह लंबे-duration plasma operation के लिए महत्वपूर्ण है।
SST-1 के superconducting magnet system में 16 Toroidal Field (TF) coils और 9 superconducting Poloidal Field (PF) coils शामिल हैं। IPR के अनुसार TF coils मूल रूप से लगभग 3 Tesla के toroidal magnetic field के लिए डिजाइन किए गए हैं। superconducting coils को लगभग 4.5–5 K के cryogenic तापमान पर supercritical helium से ठंडा किया जाता है।
2025–26 का महत्वपूर्ण अपडेट: IPR की 2026 newsletter के अनुसार दिसंबर 2025 के SST-1 plasma campaign में superconducting Toroidal Field magnets को 8,800 A से अधिक 8 घंटे से ज्यादा लगातार charge करने में सफलता मिली। यह cryogenic और superconducting magnet performance में महत्वपूर्ण सुधार को दर्शाता है।
Plasma heating: SST-1 में plasma को गर्म करने और current drive के लिए विभिन्न तकनीकों का उपयोग किया जाता है, जिनमें ECRH (Electron Cyclotron Resonance Heating), LHCD (Lower Hybrid Current Drive) और ICRH (Ion Cyclotron Resonance Heating) शामिल हैं। IPR के अनुसार 42 GHz ECRH system का उपयोग plasma breakdown, heating और current drive के लिए किया जाता है, जबकि 82.6 GHz ECRH system भी SST-1 में integrated है।
Cryogenic technology: superconducting magnets को अत्यंत कम तापमान पर बनाए रखने के लिए SST-1 में Helium Refrigerator-cum-Liquefier (HRL) प्रणाली है। IPR के अनुसार इसकी refrigeration capacity लगभग 1.3 kW at 4.5 K है। यह superconducting magnet system को cryogenic operating conditions में बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मुख्य तकनीकी पैरामीटर:
| Parameter / पैरामीटर | SST-1 का विवरण |
|---|---|
| पूरा नाम | Steady State Superconducting Tokamak-1 |
| संस्थान | Institute for Plasma Research (IPR) |
| स्थान | गांधीनगर, गुजरात |
| प्रकार | Medium-size Superconducting Tokamak |
| Major Radius | लगभग 1.1 m |
| Minor Radius | लगभग 0.2 m |
| Maximum Plasma Current | लगभग 220 kA |
| Design Toroidal Magnetic Field | लगभग 3 Tesla |
| TF Coils | 16 Superconducting Toroidal Field Coils |
| PF Coils | 9 Superconducting Poloidal Field Coils |
| Superconductor | NbTi-based superconducting magnet system |
| Cooling | Supercritical Helium, लगभग 4.5–5 K |
| Plasma Heating / Current Drive | ECRH, LHCD और ICRH |
| Long-pulse design objective | लगभग 1000 seconds plasma operation |
Fusion क्या है? Nuclear fusion वह प्रक्रिया है जिसमें हल्के atomic nuclei अत्यधिक तापमान और उपयुक्त परिस्थितियों में मिलकर भारी nucleus बनाते हैं और बड़ी मात्रा में ऊर्जा मुक्त कर सकते हैं। सूर्य और अन्य तारों में ऊर्जा का मूल स्रोत fusion है।
पृथ्वी पर fusion के लिए plasma को अत्यधिक गर्म अवस्था में रखना पड़ता है। इतने गर्म plasma को किसी सामान्य material container में सीधे रखना संभव नहीं होता। इसलिए tokamak में magnetic confinement का उपयोग किया जाता है। Magnetic fields plasma को chamber की दीवारों से दूर रखने में सहायता करते हैं।
SST-1 बिजली पैदा करने वाला commercial fusion reactor नहीं है। यह एक experimental research facility है जिसका उद्देश्य fusion plasma physics और fusion reactor के लिए आवश्यक technologies का अध्ययन करना है। इसलिए “भारत का artificial sun” कहना लोकप्रिय वर्णन है, लेकिन इसे commercial nuclear power plant समझना सही नहीं होगा।
भारत के fusion programme में SST-1 का महत्व: SST-1 भारत की indigenous fusion research capabilities को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके माध्यम से superconducting magnets, cryogenics, plasma diagnostics, RF heating, vacuum systems, power supplies और plasma control जैसी technologies पर काम किया जाता है।
ADITYA और SST-1: Institute for Plasma Research के पास दो प्रमुख operational tokamak facilities हैं — ADITYA/ADITYA-U और SST-1। ADITYA programme ने भारत में tokamak plasma experiments की शुरुआती क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जबकि SST-1 को second-generation superconducting tokamak के रूप में long-pulse और steady-state operation के अध्ययन के लिए विकसित किया गया।
IPR का प्रशासनिक संबंध: Institute for Plasma Research एक autonomous R&D organisation है और वर्तमान में Department of Atomic Energy (DAE) के प्रशासनिक umbrella के अंतर्गत कार्य करता है। इसका मुख्य परिसर Bhat, Gandhinagar, Gujarat में स्थित है।
ITER से संबंध: भारत अंतरराष्ट्रीय ITER परियोजना में भी एक प्रमुख partner है। ITER का उद्देश्य fusion energy की वैज्ञानिक और तकनीकी व्यवहार्यता का प्रदर्शन करना है। भारत में IPR और ITER-India fusion programme से संबंधित विभिन्न indigenous technologies और systems के विकास में योगदान देते हैं। SST-1 भारत में विकसित fusion expertise और technology base को मजबूत करने वाली प्रमुख research facilities में से एक है।
महत्वपूर्ण अंतर:
- SST-1: भारत का superconducting tokamak research facility — Gandhinagar, Gujarat.
- ADITYA-U: IPR की दूसरी tokamak facility, जिसका उपयोग plasma experiments के लिए किया जाता है।
- ITER: France में स्थित international fusion research project, जिसमें India एक partner है।
- SST-1 का उद्देश्य: fusion plasma और long-pulse/ steady-state operation से संबंधित वैज्ञानिक एवं तकनीकी अध्ययन।
Exam Point: यदि प्रश्न पूछा जाए — “भारत का Steady State Superconducting Tokamak-1 (SST-1) कहाँ स्थित है?” — तो उत्तर Gandhinagar, Gujarat होगा। इसे Institute for Plasma Research (IPR) से जोड़कर याद रखें।
Prelims Quick Revision:
- SST-1 → Steady State Superconducting Tokamak-1
- स्थान → Gandhinagar, Gujarat
- संस्थान → Institute for Plasma Research (IPR)
- प्रकार → Superconducting Tokamak
- मुख्य उद्देश्य → Long-pulse/steady-state plasma research
- Magnetic confinement → Toroidal + Poloidal magnetic fields
- TF coils → 16 superconducting coils
- PF coils → 9 superconducting coils
- Design magnetic field → लगभग 3 Tesla
- Cooling → Supercritical Helium at cryogenic temperatures
- Major heating/current-drive systems → ECRH, LHCD, ICRH
- India’s fusion programme → IPR/ITER-India/DAE ecosystem
One-Liner Revision:
भारत का “Artificial Sun” कहे जाने वाला
SST-1 (Steady State Superconducting Tokamak-1)
गुजरात के गांधीनगर स्थित Institute for Plasma Research (IPR)
में विकसित superconducting tokamak है, जिसका प्रमुख उद्देश्य
लंबे समय तक नियंत्रित plasma और fusion-relevant technologies का
अध्ययन करना है।
Sources:
Institute for Plasma Research (IPR)
IPR – Tokamak Plasma Experiments / SST-1
IPR – SST-1 Superconducting Magnet System
IPR Newsletter 2026 – SST-1 Cryogenic and TF Magnet Performance
IPR – High Power ECRH Systems
(64.) Which state government officially declared 15 September as Engineers’ Day as a state event in 2026?
2026 में किस राज्य सरकार ने 15 सितम्बर को आधिकारिक राज्य स्तरीय अभियंता दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की?
(A) Karnataka / कर्नाटक
(B) Rajasthan / राजस्थान
(C) West Bengal / पश्चिम बंगाल
(D) Haryana / हरियाणा
कर्नाटक ने 15 सितंबर को मनाए जाने वाले Engineers’ Day (अभियंता दिवस) के अवसर पर इंजीनियरों के लिए ‘Er.’ पेशेवर उपसर्ग के उपयोग को औपचारिक मान्यता दी है। कर्नाटक सरकार ने 15 सितंबर 2026 को इंजीनियरों के नाम के आगे ‘Er’ prefix के उपयोग की अनुमति देने वाला आदेश जारी किया। यह निर्णय इंजीनियरिंग पेशे के योगदान को औपचारिक पहचान देने के उद्देश्य से लिया गया।
इसी अवधि में कर्नाटक सरकार ने शिक्षकों के लिए ‘Tr’ prefix को भी मंजूरी दी। शिक्षकों के लिए संबंधित आदेश 5 सितंबर 2026 (Teachers’ Day) को तथा इंजीनियरों के लिए 15 सितंबर 2026 (Engineers’ Day) को जारी किया गया। इस प्रकार दोनों निर्णय पेशेवर सेवाओं को औपचारिक पहचान देने से जुड़े हैं।
Engineers’ Day: भारत में Engineers’ Day प्रत्येक वर्ष 15 सितंबर को मनाया जाता है। यह महान भारतीय इंजीनियर, राष्ट्र-निर्माता और मैसूर राज्य के पूर्व दीवान सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया (Sir M. Visvesvaraya) की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। उनका जन्म 15 सितंबर 1861 को हुआ था।
सर एम. विश्वेश्वरैया का योगदान: विश्वेश्वरैया ने सिंचाई, जल संसाधन प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण और सार्वजनिक अवसंरचना के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे Krishna Raja Sagara (KRS) Dam तथा जल प्रबंधन से जुड़े कार्यों के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। उन्होंने मैसूर राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारत रत्न: सर एम. विश्वेश्वरैया को राष्ट्र के लिए उनकी असाधारण सेवाओं के सम्मान में 1955 में Bharat Ratna से सम्मानित किया गया था। वे भारत के प्रारंभिक Bharat Ratna प्राप्तकर्ताओं में शामिल थे।
मैसूर के दीवान: सर एम. विश्वेश्वरैया 1912 से 1918 तक मैसूर रियासत के दीवान रहे। उनके कार्यकाल में औद्योगीकरण, शिक्षा, बैंकिंग, सिंचाई और आर्थिक विकास से संबंधित कई पहलों को गति मिली।
कर्नाटक का 2026 का निर्णय: ‘Er.’ prefix को मंजूरी दिए जाने का उद्देश्य इंजीनियरों की पेशेवर पहचान और उनके योगदान को सार्वजनिक रूप से मान्यता देना है। यह व्यवस्था चिकित्सकों द्वारा प्रचलित ‘Dr.’ जैसे professional designation के समान पहचान देने की दिशा में एक कदम के रूप में प्रस्तुत की गई है।
महत्वपूर्ण सावधानी: ‘Er.’ prefix को मंजूरी देना कर्नाटक सरकार का राज्य-स्तरीय निर्णय है। इसे पूरे भारत में इंजीनियरों के नाम के आगे ‘Er.’ लिखने की कोई सर्वदेशीय केंद्रीय वैधानिक व्यवस्था नहीं माना जाना चाहिए। प्रश्न में यदि “किस राज्य ने” पूछा जाए, तो उत्तर कर्नाटक होगा।
Engineers’ Day और Visvesvaraya: भारत में 15 सितंबर को Engineers’ Day मनाने का मूल उद्देश्य सर एम. विश्वेश्वरैया की इंजीनियरिंग प्रतिभा, राष्ट्र-निर्माण की दृष्टि और तकनीकी विकास में योगदान को स्मरण करना है। 2026 में भी भारत सरकार ने Engineers’ Day पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और इंजीनियरों के निर्माण, नवाचार तथा समाधान-आधारित योगदान को रेखांकित किया।
| तथ्य / Fact | जानकारी / Information |
|---|---|
| राज्य | Karnataka / कर्नाटक |
| 2026 का प्रमुख निर्णय | इंजीनियरों के लिए ‘Er.’ prefix को मंजूरी |
| आदेश/घोषणा का अवसर | Engineers’ Day, 15 September 2026 |
| शिक्षकों के लिए prefix | ‘Tr.’ |
| Engineers’ Day | 15 September |
| जन्मदिन | Sir M. Visvesvaraya – 15 September 1861 |
| भारत रत्न | 1955 |
| मैसूर के दीवान | 1912–1918 |
| प्रसिद्ध परियोजना | Krishna Raja Sagara (KRS) Dam |
| मुख्य योगदान क्षेत्र | जल संसाधन, सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण, उद्योग एवं राष्ट्र-निर्माण |
Exam Point: यदि प्रश्न पूछा जाए — “सितंबर 2026 में इंजीनियरों के नाम के आगे ‘Er.’ prefix के उपयोग को औपचारिक मंजूरी किस राज्य सरकार ने दी?” — उत्तर कर्नाटक होगा।
Prelims Quick Revision:
- 15 September → Engineers’ Day
- Engineers’ Day → Sir M. Visvesvaraya
- Visvesvaraya’s Birth → 15 September 1861
- Bharat Ratna → 1955
- Diwan of Mysore → 1912–1918
- 2026 ‘Er.’ Prefix Decision → Karnataka
- Teachers’ Prefix → ‘Tr.’
- Major Engineering Association → KRS Dam and irrigation works
One-Liner Revision:
कर्नाटक सरकार ने 15 सितंबर 2026 को Engineers’ Day के अवसर पर
इंजीनियरों के नाम के आगे ‘Er.’ prefix के उपयोग को औपचारिक मंजूरी दी,
जबकि यह दिन महान इंजीनियर और पूर्व दीवान-ए-मysore सर एम.
विश्वेश्वरैया की जयंती के रूप में मनाया जाता है।
Sources:
Indian Express – Karnataka approves ‘Er’ for engineers and ‘Tr’ for teachers
PIB – Prime Minister’s Engineers’ Day message, 15 September 2026
PIB – Sir M. Visvesvaraya and Engineers’ Day
(65.) Which renowned Bharatanatyam exponent has been selected for the Padmabhushan Guru Dr. Saroja Vaidyanathan Excellence Award 2026?
प्रसिद्ध भरतनाट्यम कलाकार को वर्ष 2026 के पद्मभूषण गुरु डॉ. सरोजा वैद्यनाथन उत्कृष्टता पुरस्कार के लिए चुना गया है?
(A) Neena Maurya / नीना मौर्या
(B) Vasundhara Doraswamy / वसुंधरा दोरास्वामी
(C) Alka Mehta / अल्का मेहता
(D) Sanjeevani Sinha / संजीवनी सिन्हा
प्रसिद्ध भरतनाट्यम नृत्यांगना, कोरियोग्राफर और शोधकर्ता डॉ. वसुंधरा दोरास्वामी को Padmabhushan Guru Dr. Saroja Vaidyanathan Excellence Award 2026 के लिए चुना गया है। यह सम्मान Nataraj Music & Dance Academy (NMDA) द्वारा प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार Vysakhi Nrithyotsav Indian Dance Festival के दौरान 26–27 सितंबर 2026 को विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश में प्रदान किया जाना निर्धारित है।
डॉ. वसुंधरा दोरास्वामी मैसूरु (Mysuru), कर्नाटक से संबंधित हैं और पांच दशकों से अधिक समय से भरतनाट्यम के प्रदर्शन, अध्यापन, शोध और कोरियोग्राफी से जुड़ी हुई हैं। उनका कार्य भारतीय शास्त्रीय नृत्य को पारंपरिक तकनीक और अंतर-विषयी अध्ययन के साथ प्रस्तुत करने के लिए जाना जाता है।
वसुंधरा दोरास्वामी की विशिष्ट पहचान: वे भरतनाट्यम और Ashtanga Vinyasa Yoga के बीच संबंधों पर अपने शोध के लिए विशेष रूप से जानी जाती हैं। उन्होंने प्रसिद्ध योग गुरु के. पट्टाभि जोइस (K. Pattabhi Jois) से योग प्रशिक्षण प्राप्त किया और दोनों अनुशासनों के शारीरिक एवं तकनीकी संबंधों पर डॉक्टरेट शोध किया।
प्रमुख कोरियोग्राफिक कृतियां: उनकी चर्चित solo choreographies में Panchali, Ganga Lahari और Sama Veda शामिल हैं। इन प्रस्तुतियों में भारतीय साहित्य, आध्यात्मिक परंपराओं, संगीत और शास्त्रीय नृत्य को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। विशेष रूप से Sama Veda के माध्यम से उन्होंने सामवेद और भारतीय संगीत-नृत्य परंपरा के बीच संबंधों को मंच पर प्रस्तुत किया।
Panchali उनकी उल्लेखनीय प्रस्तुतियों में से एक है, जिसमें महाभारत की द्रौपदी के चरित्र को भरतनाट्यम के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। उनकी कला में पारंपरिक भरतनाट्यम के साथ विभिन्न भारतीय सांस्कृतिक और लोक तत्वों के प्रयोग के उदाहरण भी मिलते हैं।
प्रमुख सम्मान: डॉ. वसुंधरा दोरास्वामी को Sangeet Natak Akademi Award तथा Shantala Award सहित कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उनकी आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार उन्हें Karnataka Rajyotsava Award, Chandana Award, Karnataka Kala Tilak, Kala Vipanchi और अन्य राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी प्राप्त हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय योगदान: उन्होंने भारत के बाहर भी भरतनाट्यम का प्रदर्शन और प्रचार किया है। वे UNESCO World Peace Conference, Paris जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की शास्त्रीय नृत्य परंपरा का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वे विभिन्न देशों में workshops, performances और dance education programmes के माध्यम से भारतीय शास्त्रीय नृत्य के प्रसार में योगदान देती रही हैं।
बहुआयामी प्रशिक्षण: वसुंधरा दोरास्वामी के कार्य का एक महत्वपूर्ण पक्ष उनका multidisciplinary approach है। उनकी आधिकारिक प्रोफाइल में Folklore में postgraduate अध्ययन तथा Tang-Ta और Kalaripayattu जैसे पारंपरिक मार्शल आर्ट्स से जुड़ाव का भी उल्लेख मिलता है। इससे उनके नृत्य-अध्ययन में शरीर, गति, लोक परंपरा और शास्त्रीय तकनीक के अंतर्संबंध को समझने में सहायता मिलती है।
Vysakhi Nrithyotsav: यह भारतीय नृत्य महोत्सव Nataraj Music & Dance Academy द्वारा आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय नृत्य को बढ़ावा देना, कलाकारों को मंच प्रदान करना तथा कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित करना है। 2026 का आयोजन 26–27 सितंबर को विशाखापत्तनम में होगा।
Nataraj Music & Dance Academy (NMDA): NMDA की स्थापना बी. आर. विक्रम कुमार (विक्रम गौड़ बथिना) ने की है। संस्था भारतीय शास्त्रीय नृत्य के संरक्षण और प्रचार के लिए कार्य करती है। उपलब्ध विवरण के अनुसार यह ISO 9001:2015 certified organisation है और International Dance Council, UNESCO से संबद्ध/सदस्यता रखने वाली संस्था है।
सरोजा वैद्यनाथन के नाम पर पुरस्कार: इस पुरस्कार का नाम प्रसिद्ध भरतनाट्यम नृत्यांगना एवं गुरु डॉ. सरोजा वैद्यनाथन के सम्मान में रखा गया है। उन्हें भरतनाट्यम के प्रदर्शन, शिक्षण और कोरियोग्राफी में लंबे समय के योगदान के लिए जाना जाता है। उन्हें Padma Bhushan से भी सम्मानित किया जा चुका है। इसलिए पुरस्कार का पूरा नाम Padmabhushan Guru Dr. Saroja Vaidyanathan Excellence Award है।
भरतनाट्यम — परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य: भरतनाट्यम भारत की प्रमुख शास्त्रीय नृत्य शैलियों में से एक है और इसका ऐतिहासिक विकास मुख्यतः तमिलनाडु से जुड़ा है। इसमें Nritta (शुद्ध नृत्य), Nritya (भावात्मक नृत्य) और Natya (नाटकीय/अभिनय तत्व) जैसे आयामों का प्रयोग होता है। इसकी प्रस्तुति में Abhinaya, Mudras, Adavus और Carnatic music का महत्वपूर्ण स्थान है।
भारतीय शास्त्रीय नृत्य और सांस्कृतिक कूटनीति: वसुंधरा दोरास्वामी जैसी कलाकारों का अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन भारत की cultural diplomacy में भी योगदान देता है। शास्त्रीय नृत्य भारतीय सभ्यता, साहित्य, दर्शन, संगीत और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम है।
| तथ्य / Fact | जानकारी / Information |
|---|---|
| पुरस्कार 2026 | Padmabhushan Guru Dr. Saroja Vaidyanathan Excellence Award |
| पुरस्कार प्राप्तकर्ता | Dr. Vasundhara Doraswamy |
| नृत्य शैली | Bharatanatyam / भरतनाट्यम |
| संबंधित शहर | Mysuru, Karnataka |
| पुरस्कार प्रदान करने वाली संस्था | Nataraj Music & Dance Academy (NMDA) |
| महोत्सव | Vysakhi Nrithyotsav Indian Dance Festival |
| स्थान | Visakhapatnam, Andhra Pradesh |
| तिथि | 26–27 September 2026 |
| विशेष शोध | Bharatanatyam और Ashtanga Vinyasa Yoga का संबंध |
| योग गुरु | K. Pattabhi Jois |
| प्रमुख प्रस्तुतियां | Panchali, Ganga Lahari, Sama Veda |
| प्रमुख सम्मान | Sangeet Natak Akademi Award, Shantala Award आदि |
| NMDA संस्थापक | B. R. Vikram Kumar (Vikram Goud Bathina) |
Exam Point: यदि प्रश्न पूछा जाए — “Padmabhushan Guru Dr. Saroja Vaidyanathan Excellence Award 2026 के लिए किसे चुना गया?” तो उत्तर डॉ. वसुंधरा दोरास्वामी होगा। उन्हें Bharatanatyam से जोड़कर याद रखें।
Prelims Quick Revision:
- Vasundhara Doraswamy → Bharatanatyam
- Award → Saroja Vaidyanathan Excellence Award 2026
- Awarding body → Nataraj Music & Dance Academy
- Festival → Vysakhi Nrithyotsav
- Venue → Visakhapatnam, Andhra Pradesh
- Date → 26–27 September 2026
- Base → Mysuru, Karnataka
- Research → Bharatanatyam + Ashtanga Vinyasa Yoga
- Yoga Guru → K. Pattabhi Jois
- Notable Works → Panchali, Ganga Lahari, Sama Veda
- Major Honour → Sangeet Natak Akademi Award
One-Liner Revision:
प्रसिद्ध भरतनाट्यम कलाकार डॉ. वसुंधरा दोरास्वामी को
Padmabhushan Guru Dr. Saroja Vaidyanathan Excellence Award 2026 के
लिए चुना गया है; यह पुरस्कार Nataraj Music & Dance Academy द्वारा
26–27 सितंबर 2026 को विशाखापत्तनम में आयोजित Vysakhi Nrithyotsav के
दौरान प्रदान किया जाएगा।
Sources:
The New Indian Express – Vasundhara Doraswamy to receive Saroja Vaidyanathan Excellence Award 2026
Dr. Vasundhara Doraswamy – Official Website: Awards & Accolades
Vasundhara Doraswamy – Bharatanatyam Profile
(66.) Which ministry received the first Rajbhasha Kirti Award 2025–26 in the category of ministries/departments with more than 300 personnel?
300 से अधिक कर्मचारियों वाले मंत्रालयों/विभागों की श्रेणी में राजभाषा कीर्ति पुरस्कार 2025–26 का प्रथम पुरस्कार किस मंत्रालय को मिला?
(A) Ministry of Home Affairs / गृह मंत्रालय
(B) Ministry of Defence / रक्षा मंत्रालय
(C) Ministry of External Affairs / विदेश मंत्रालय
(D) Ministry of Agriculture / कृषि मंत्रालय
रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) को वर्ष 2025-26 के लिए राजभाषा हिंदी के उत्कृष्ट कार्यान्वयन हेतु ‘राजभाषा कीर्ति पुरस्कार’ में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। यह पुरस्कार राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रदान किया गया।
रक्षा मंत्रालय ने 300 से अधिक कार्मिकों वाले मंत्रालयों/विभागों की श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया। यह सम्मान मंत्रालय में सरकारी कामकाज में हिंदी के अधिकाधिक एवं गुणवत्तापूर्ण प्रयोग, राजभाषा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन तथा हिंदी के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता के लिए दिया गया।
यह पुरस्कार 14 सितंबर 2026 को हिंदी दिवस के अवसर पर नवी मुंबई स्थित सिडको एक्जीबिशन सेंटर में आयोजित हिंदी दिवस समारोह एवं छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया।
गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यह सम्मान रक्षा मंत्रालय के अपर सचिव मनीष त्रिपाठी को प्रदान किया।
राजभाषा विभाग द्वारा आयोजित यह दो दिवसीय सम्मेलन केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, बैंकों तथा नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों (नराकास) से जुड़े अधिकारियों और हिंदी सेवियों को एक मंच प्रदान करता है। 2026 के सम्मेलन में देशभर से लगभग 7,000 हिंदी सेवी शामिल हुए।
राजभाषा कीर्ति पुरस्कार का उद्देश्य सरकारी संस्थानों में हिंदी के प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण प्रयोग को प्रोत्साहित करना तथा राजभाषा नीति के कार्यान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मंत्रालयों, विभागों और अन्य संस्थानों को मान्यता देना है।
| तथ्य / Fact | विवरण / Details |
|---|---|
| पुरस्कार | राजभाषा कीर्ति पुरस्कार |
| वर्ष | 2025-26 |
| प्रथम स्थान प्राप्त करने वाला मंत्रालय | रक्षा मंत्रालय |
| श्रेणी | 300 से अधिक कार्मिकों वाले मंत्रालय/विभाग |
| पुरस्कार प्रदान करने वाला विभाग | राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय |
| पुरस्कार की तिथि | 14 सितंबर 2026 |
| अवसर | हिंदी दिवस |
| स्थान | सिडको एक्जीबिशन सेंटर, नवी मुंबई |
| कार्यक्रम | हिंदी दिवस समारोह एवं छठा अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन |
| पुरस्कार प्रदान करने वाले | अमित शाह, गृह एवं सहकारिता मंत्री |
| रक्षा मंत्रालय की ओर से पुरस्कार ग्रहण करने वाले | मनीष त्रिपाठी, अपर सचिव |
- 14 सितंबर को भारत में हिंदी दिवस मनाया जाता है।
- 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था।
- संविधान के अनुच्छेद 343 के अनुसार संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी है।
- राजभाषा विभाग गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है और केंद्र सरकार के कार्यालयों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग तथा राजभाषा नीति के कार्यान्वयन से संबंधित कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- राजभाषा कीर्ति एवं गौरव पुरस्कार योजना के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मंत्रालयों, विभागों तथा अन्य संस्थानों को प्रोत्साहित किया जाता है।
- सरकारी कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियाँ (नराकास) भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
(67.) In which state is DRDO planning to establish a new weapons and missile testing facility at Junput?
DRDO द्वारा जुनपुट में नई हथियार एवं मिसाइल परीक्षण सुविधा किस राज्य में स्थापित की जा रही है?
(A) Uttar Pradesh / उत्तर प्रदेश
(B) Jharkhand / झारखंड
(C) Bihar / बिहार
(D) West Bengal / पश्चिम बंगाल
Defence Research and Development Organisation (DRDO) द्वारा पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर (Purba Medinipur) जिले के जूनपुट (Junput) में एक अतिरिक्त हथियार एवं मिसाइल परीक्षण केंद्र विकसित किया जा रहा है। यह क्षेत्र बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित है।
जूनपुट में प्रस्तावित परीक्षण सुविधा का प्रमुख उद्देश्य ओडिशा के बालासोर जिले में स्थित Integrated Test Range (ITR), Chandipur पर बढ़ते परीक्षण भार को कम करना तथा रक्षा प्रणालियों के परीक्षण के लिए अतिरिक्त ऑपरेशनल क्षमता उपलब्ध कराना है। DRDO से संबंधित उपलब्ध जानकारी के अनुसार जूनपुट, चांदीपुर से लगभग 70 किमी दूर और दीघा के निकट स्थित है।
प्रस्तावित सुविधा का उपयोग विभिन्न हथियार प्रणालियों, मिसाइलों, सेंसर/रडार प्रणालियों तथा अन्य रक्षा उपकरणों के परीक्षण और मूल्यांकन के लिए किया जा सकता है। समुद्र तटीय स्थिति परीक्षणों के दौरान आवश्यक सुरक्षा क्षेत्र और ट्रैकिंग व्यवस्था उपलब्ध कराने में उपयोगी है।
जूनपुट परियोजना का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि Chandipur ITR भारत के प्रमुख मिसाइल परीक्षण परिसरों में से एक है। वर्ष 2026 में भी Chandipur से विभिन्न महत्वपूर्ण परीक्षण किए गए हैं, जिनमें Agni-1 ballistic missile, VSHORADS, Pinaka Long Range Guided Rocket, RudraM-II और अन्य प्रणालियों के परीक्षण शामिल हैं।
उदाहरण के लिए, 22 मई 2026 को Agni-1 का सफल परीक्षण Chandipur के Integrated Test Range से किया गया। इसी प्रकार 8 जुलाई 2026 को Pinaka Long Range Guided Rocket का परीक्षण भी ITR Chandipur में किया गया था। इससे भारत के रक्षा परीक्षण ढांचे में Chandipur की निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका स्पष्ट होती है।
| पहलू / Aspect | महत्वपूर्ण तथ्य / Key Fact |
|---|---|
| परीक्षण केंद्र | जूनपुट (Junput) में प्रस्तावित/विकसित अतिरिक्त रक्षा परीक्षण सुविधा |
| राज्य | पश्चिम बंगाल |
| जिला | पूर्व मेदिनीपुर (Purba Medinipur) |
| भौगोलिक स्थिति | बंगाल की खाड़ी के तटीय क्षेत्र में, दीघा के निकट |
| संबंधित संगठन | Defence Research and Development Organisation (DRDO) |
| मुख्य उद्देश्य | रक्षा प्रणालियों के परीक्षण के लिए अतिरिक्त ऑपरेशनल क्षेत्र उपलब्ध कराना और Chandipur ITR पर दबाव कम करना |
| Chandipur से दूरी | लगभग 70 किमी |
| दीघा से दूरी | लगभग 40 किमी |
| चांदीपुर परीक्षण केंद्र | Integrated Test Range (ITR), Chandipur, Balasore, Odisha |
| संभावित परीक्षण | मिसाइल, हथियार प्रणालियां, सेंसर/रडार और संबंधित रक्षा प्रणालियां |
- Integrated Test Range (ITR) DRDO की महत्वपूर्ण परीक्षण सुविधाओं में से एक है और इसका मुख्य परिसर Chandipur, Balasore, Odisha में स्थित है।
- ITR में मिसाइल एवं अन्य रक्षा प्रणालियों के परीक्षण के दौरान radars, telemetry और electro-optical tracking systems जैसे विभिन्न range instruments का उपयोग किया जाता है।
- 22 मई 2026: Agni-1 short-range ballistic missile का सफल test-launch Chandipur से किया गया। यह परीक्षण Strategic Forces Command के तत्वावधान में हुआ।
- 27 फरवरी 2026: DRDO ने Chandipur से Very Short-Range Air Defence System (VSHORADS) के तीन successive flight-trials किए।
- 8 जुलाई 2026: Pinaka Long Range Guided Rocket का परीक्षण ITR Chandipur में किया गया और परीक्षण के दौरान 60 किमी की user-defined minimum range का प्रदर्शन किया गया।
- 15 जून 2026: Long Range Land Attack Cruise Missile (LRLACM) का flight-test Odisha तट के निकट Dr APJ Abdul Kalam Island से किया गया, जिसमें ITR Chandipur के tracking instruments से flight data प्राप्त किया गया।
- जूनपुट सुविधा का विकास भारत के व्यापक indigenous defence testing infrastructure को मजबूत करने तथा हथियार प्रणालियों के विकास और परीक्षण चक्र को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में देखा जा सकता है।
Junput → West Bengal और Chandipur Integrated Test Range → Odisha को आपस में भ्रमित न करें। जूनपुट पूर्व मेदिनीपुर जिले में बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित है, जबकि Chandipur ओडिशा के बालासोर जिले में स्थित DRDO का प्रमुख Integrated Test Range है।
(68.) Where did the Indian Air Force conduct its first ‘Dronathon-2026’ drone testing programme?
भारतीय वायु सेना ने अपना पहला ‘ड्रोनाथॉन-2026’ ड्रोन परीक्षण कार्यक्रम कहाँ आयोजित किया?
(A) New Delhi / नई दिल्ली
(B) Jaisalmer / जैसलमेर
(C) Jaipur / जयपुर
(D) Nashik / नासिक
भारतीय वायु सेना (Indian Air Force–IAF) ने अपनी उभरती हुई मानवरहित हवाई प्रणालियों (Unmanned Aerial Systems–UAS) और Counter-Unmanned Aircraft Systems (CUAS) क्षमताओं का वास्तविक परिचालन परिस्थितियों में आकलन करने के लिए पहला IAF Dronathon-2026 आयोजित किया।
यह तीन दिवसीय कार्यक्रम 14 से 16 सितंबर 2026 तक पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज (Pokhran Field Firing Range), जैसलमेर, राजस्थान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, Vice Chief of the Air Staff (VCAS) ने 14 सितंबर 2026 को किया।
Dronathon-2026 का प्रमुख उद्देश्य भारतीय मानवरहित-प्रणाली उद्योग के साथ सीधा जुड़ाव स्थापित करना तथा उभरती तकनीकों की वास्तविक और चुनौतीपूर्ण परिचालन परिस्थितियों में विश्वसनीयता, प्रभावशीलता और अनुकूलन क्षमता का मूल्यांकन करना था।
इस प्रथम संस्करण में भारत के तेजी से विकसित हो रहे मानवरहित प्रणालियों के पारिस्थितिकी तंत्र से 20 से अधिक रक्षा कंपनियों, Start-ups, MSMEs, Defence Public Sector Undertakings (DPSUs) और innovators ने भाग लिया। कार्यक्रम में static displays के साथ-साथ live operational demonstrations भी किए गए।
Dronathon-2026 में विशेष रूप से surveillance and reconnaissance, autonomous operations, swarm technologies, electronic warfare तथा Counter-Unmanned Aircraft Systems (CUAS) जैसी क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसका उद्देश्य केवल तकनीकी प्रदर्शन तक सीमित न रहकर यह देखना था कि ये प्रणालियां वास्तविक युद्धक्षेत्र और contested environment में किस प्रकार operational effect उत्पन्न कर सकती हैं।
कार्यक्रम के उद्घाटन दिवस पर IAF UAS Roadmap भी जारी किया गया। इस रोडमैप का उद्देश्य भारतीय उद्योग, academia और research organisations को भारतीय वायु सेना की भविष्य की मानवरहित हवाई प्रणाली संबंधी प्राथमिकताओं की स्पष्ट दिशा देना तथा focused innovation को बढ़ावा देना है।
Dronathon-2026 के पहले दिन IAF ने स्वदेशी रूप से विकसित ‘Vayu UTtaM’ Multi-Mode Unmanned Traffic Management (UTM) System की महत्वपूर्ण क्षमता का real-time demonstration किया। पोखरण में प्रदर्शन के दौरान इस प्रणाली ने military और civil दोनों प्रकार के UAS का पता लगाने और उन्हें track करने की क्षमता प्रदर्शित की।
‘Vayu UTtaM’ का उद्देश्य बढ़ती हुई drone traffic वाले airspace में UAS operations के coordinated management में सहायता करना तथा unauthorised या rogue drones की पहचान और समय पर mitigation में मदद करना है। इसके संभावित उपयोग केवल सैन्य क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं; इसमें airspace safety, critical infrastructure, civil aviation और public safety जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं।
| पहलू / Aspect | महत्वपूर्ण तथ्य / Key Fact |
|---|---|
| कार्यक्रम | IAF Dronathon-2026 |
| आयोजक | Indian Air Force (IAF) |
| संस्करण | पहला Dronathon / First IAF Dronathon |
| तिथि | 14–16 सितंबर 2026 |
| स्थान | Pokhran Field Firing Range, Jaisalmer, Rajasthan |
| उद्घाटनकर्ता | Air Marshal Ashutosh Dixit, Vice Chief of the Air Staff |
| प्रतिभागी | 20 से अधिक defence companies, start-ups, MSMEs, DPSUs और innovators |
| मुख्य तकनीक | Unmanned Aircraft Systems (UAS) और Counter-UAS (CUAS) |
| प्रमुख फोकस | Surveillance & Reconnaissance, Autonomous Operations, Swarm Technologies, Electronic Warfare |
| विशेष प्रदर्शन | Indigenous ‘Vayu UTtaM’ Multi-Mode Unmanned Traffic Management System |
| IAF Roadmap | IAF UAS Roadmap जारी किया गया |
| व्यापक उद्देश्य | Atmanirbharta, indigenous defence ecosystem और future-ready unmanned warfare capabilities को मजबूत करना |
- UAS मानवरहित प्लेटफॉर्म के माध्यम से surveillance, reconnaissance और intelligence gathering की क्षमता बढ़ा सकते हैं।
- Autonomous systems और swarm technologies भविष्य के battlefield में distributed और coordinated operations के लिए महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
- CUAS technologies का उद्देश्य शत्रु या अनधिकृत drones से उत्पन्न emerging aerial threats की पहचान और उनका मुकाबला करना है।
- Electronic warfare capabilities contested electromagnetic environment में communications, navigation और unmanned systems से जुड़े operational challenges से निपटने में महत्वपूर्ण हैं।
- IAF का दृष्टिकोण केवल drone airframe तक सीमित नहीं है; इसमें propulsion, sensors, payloads, communications, autonomy, electronic warfare, countermeasures और airspace management सहित पूरा ecosystem शामिल है।
Pokhran Field Firing Range, Jaisalmer भारतीय सशस्त्र बलों के महत्वपूर्ण training और weapons-testing क्षेत्रों में से एक है। भारतीय वायु सेना ने यहां विभिन्न बड़े operational exercises भी आयोजित किए हैं।
उदाहरण के लिए, Exercise Vayushakti-26 का आयोजन 27 फरवरी 2026 को पोखरण रेंज, जैसलमेर में किया गया था। इसमें 130 से अधिक aircraft ने भाग लिया और fighter, transport, helicopter, air-defence तथा unmanned systems सहित विभिन्न क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया।
इसलिए परीक्षा की दृष्टि से Pokhran Range → Jaisalmer → Rajasthan → Indian Air Force का संबंध महत्वपूर्ण है।
Dronathon-2026 → Jaisalmer, Rajasthan को याद रखें। यह IAF का पहला Dronathon था और इसका मुख्य फोकस UAS, CUAS, autonomous operations, swarm technology, surveillance, reconnaissance और electronic warfare पर था।
साथ ही, Vayu UTtaM को Dronathon-2026 से जोड़कर याद करें। यह स्वदेशी Multi-Mode Unmanned Traffic Management (UTM) प्रणाली है, जिसने military तथा civil UAS की detection और tracking क्षमता प्रदर्शित की।
(69.) Which neighbouring country has been validated by the WHO for eliminating dog-transmitted human rabies as a public health problem?
किस पड़ोसी देश को WHO ने कुत्तों से फैलने वाले मानव रेबीज को सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में समाप्त करने के लिए मान्यता दी है?
(A) Myanmar / म्यांमार
(B) Bhutan / भूटान
(C) Pakistan / पाकिस्तान
(D) Nepal / नेपाल
भूटान (Bhutan) ने कुत्तों से मनुष्यों में फैलने वाली रेबीज (dog-mediated human rabies) को सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में समाप्त करने की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 4 सितंबर 2026 को भूटान द्वारा dog-transmitted human rabies के elimination को आधिकारिक रूप से validate किया।
इसके साथ ही भूटान WHO South-East Asia Region का पहला देश बन गया जिसने कुत्तों से फैलने वाली मानव रेबीज को सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में समाप्त करने की WHO validation प्राप्त की है।
WHO के अनुसार भूटान में जून 2023 से dog-mediated rabies के कारण कोई मानव मृत्यु दर्ज नहीं हुई। WHO द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार elimination की पुष्टि के लिए कम-से-कम दो वर्षों तक मानव मृत्यु का अभाव होने के साथ-साथ पुनः संक्रमण को रोकने की क्षमता प्रदर्शित करना आवश्यक है।
भूटान ने अपनी उपलब्धि के प्रमाण के रूप में National Dossier on the Elimination of Dog-Mediated Human Rabies तैयार किया और जून 2026 में WHO से स्वतंत्र validation का अनुरोध किया। इसके बाद 17–22 अगस्त 2026 के दौरान WHO के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने भूटान का field mission किया।
विशेषज्ञ दल ने राष्ट्रीय एवं स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं, प्रयोगशालाओं, programme records और surveillance systems का निरीक्षण किया तथा Bhutan–India border area का भी दौरा किया। इसके आधार पर WHO ने भूटान के elimination claim को validate किया।
- Mass Dog Vaccination: कुत्तों का बड़े पैमाने पर टीकाकरण कर संक्रमण के स्रोत को नियंत्रित किया गया।
- Dog Population Management: आवारा एवं free-roaming dog population के प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया।
- Universal Access to PEP: काटे जाने के बाद लोगों को Post-Exposure Prophylaxis (PEP) की आसान और निःशुल्क उपलब्धता सुनिश्चित की गई।
- Integrated Surveillance: मानव और पशु स्वास्थ्य क्षेत्रों के surveillance systems को एक-दूसरे से जोड़ा गया।
- Rapid Outbreak Response: संभावित rabies cases की सूचना मिलने पर human-health और animal-health authorities ने संयुक्त जांच एवं response किया।
- Community Participation: स्थानीय समुदायों तथा De-suung volunteers (Guardians of Peace) ने dog vaccination, population management और awareness activities में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- One Health Approach: मानव, पशु और पर्यावरणीय स्वास्थ्य को परस्पर संबंधित मानते हुए multisectoral coordination को अपनाया गया।
One Health एक integrated approach है, जिसमें मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य तथा पर्यावरण/पारिस्थितिकी के स्वास्थ्य को आपस में जुड़ा हुआ माना जाता है। रेबीज जैसे zoonotic disease के नियंत्रण में यह दृष्टिकोण विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि संक्रमण का स्रोत पशु हो सकता है, जबकि उसका प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर पड़ता है।
भूटान में suspected rabies case की सूचना मिलने पर human-health और animal-health authorities के बीच संयुक्त field investigation और surveillance किया जाता है। यही multisectoral coordination उसके elimination programme की प्रमुख विशेषताओं में से एक है।
| पहलू / Aspect | महत्वपूर्ण तथ्य / Key Fact |
|---|---|
| रोग | Rabies / रेबीज |
| रोग का प्रकार | Viral, vaccine-preventable और zoonotic disease |
| मुख्य transmission | संक्रमित पशु की bite/scratch और saliva के संपर्क से |
| मानव transmission में कुत्तों की भूमिका | वैश्विक स्तर पर मानव रेबीज संक्रमण के up to 99% मामलों में कुत्ते जिम्मेदार होते हैं |
| WHO South-East Asia Region में स्थिति | Rabies 9 देशों में endemic है |
| भूटान की उपलब्धि | Dog-mediated human rabies को public health problem के रूप में elimination की WHO validation |
| WHO validation की तिथि | 4 सितंबर 2026 |
| WHO South-East Asia Region में स्थान | पहला देश |
| भूटान में अंतिम dog-mediated human rabies deaths | जून 2023 के बाद कोई मानव मृत्यु दर्ज नहीं |
| प्रमुख रणनीति | Mass dog vaccination + dog population management + surveillance + PEP |
| दृष्टिकोण | One Health |
रेबीज के संभावित exposure के बाद समय पर Post-Exposure Prophylaxis (PEP) जीवनरक्षक होती है। WHO के अनुसार इसमें exposure के बाद घाव की अच्छी तरह सफाई/धुलाई, human rabies vaccine तथा आवश्यक परिस्थितियों में Rabies Immunoglobulin (RIG) शामिल हो सकते हैं।
इसलिए रेबीज नियंत्रण की रणनीति केवल कुत्तों के vaccination तक सीमित नहीं है। Source control (dog vaccination) और human protection (PEP) दोनों को साथ लेकर चलना आवश्यक है।
वैश्विक स्तर पर “Zero by 30” का लक्ष्य वर्ष 2030 तक dog-mediated rabies से होने वाली मानव मृत्यु को समाप्त करना है। यह रणनीति WHO, WOAH (World Organisation for Animal Health), FAO (Food and Agriculture Organization) तथा Global Alliance for Rabies Control (GARC) के सहयोग पर आधारित है और One Health framework को अपनाती है।
WHO के अनुसार लगभग 59,000 लोग प्रतिवर्ष रेबीज से मरते हैं, जिनमें बड़ी संख्या एशिया और अफ्रीका में होती है। वैश्विक रेबीज burden का बड़ा हिस्सा dog-mediated transmission से जुड़ा है।
WHO South-East Asia Region में रेबीज अभी भी Bangladesh, Bhutan, DPRK, India, Indonesia, Myanmar, Nepal, Sri Lanka और Thailand सहित 9 देशों में endemic है। भूटान की 2026 validation इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण public health milestone है।
WHO के अनुसार 17 सितंबर 2026 तक Bhutan, Chile और Mexico को dog-mediated human rabies के public health problem के elimination के लिए WHO validation प्राप्त हो चुकी थी।
Bhutan → First country in WHO South-East Asia Region → WHO validation for elimination of dog-mediated human rabies → 4 September 2026 को विशेष रूप से याद रखें।
साथ ही Rabies → One Health → Mass Dog Vaccination → Dog Population Management → Surveillance → PEP → Zero by 30 (2030) का संबंध परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
(70.) On which date has the United Nations General Assembly proclaimed the International Day for the Elimination of Child, Early and Forced Marriage?
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने बाल, कम उम्र और जबरन विवाह के उन्मूलन के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस किस तिथि को घोषित किया है?
(A) 27 November / 27 नवम्बर
(B) 21 July / 21 जुलाई
(C) 22 December / 22 दिसम्बर
(D) 21 September / 21 सितम्बर
संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly–UNGA) ने 4 सितंबर 2026 को सर्वसम्मति (consensus) से प्रस्ताव A/80/L.99 को अपनाते हुए प्रत्येक वर्ष 27 नवंबर को “International Day for the Elimination of Child, Early and Forced Marriage” के रूप में घोषित किया।
यह निर्णय बाल विवाह, कम उम्र में विवाह और जबरन विवाह जैसी प्रथाओं को समाप्त करने के लिए वैश्विक स्तर पर जागरूकता, रोकथाम, कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और जवाबदेही को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है। 27 नवंबर 2026 को इस नए अंतर्राष्ट्रीय दिवस का पहला आधिकारिक आयोजन होगा।
इस प्रस्ताव की पहल का नेतृत्व सिएरा लियोन (Sierra Leone) ने किया। सिएरा लियोन की प्रथम महिला Dr. Fatima Maada Bio ने इस वैश्विक पहल के लिए महत्वपूर्ण advocacy की। भारत सहित कई देशों ने प्रस्ताव को co-sponsor किया।
27 नवंबर की तारीख भारत के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दिन 27 नवंबर 2024 को भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (Ministry of Women and Child Development) ने राष्ट्रीय अभियान “Bal Vivah Mukt Bharat” (Child Marriage Free India) शुरू किया था।
इस अभियान का उद्देश्य भारत को बाल विवाह मुक्त बनाना है। अभियान awareness generation, community mobilisation, Child Marriage Prohibition Officers (CMPOs) की क्षमता मजबूत करने, समय पर reporting और बाल विवाह के जोखिम वाले किशोरियों की पहचान करके उनकी शिक्षा, skill development तथा empowerment पर केंद्रित है।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा 27 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में घोषित किया जाना भारत के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है क्योंकि इसी तारीख को वर्ष 2024 में Bal Vivah Mukt Bharat अभियान शुरू हुआ था। इस प्रकार राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर बाल विवाह उन्मूलन के प्रयासों के लिए एक समान महत्वपूर्ण तारीख स्थापित हुई है।
- बाल, कम उम्र और जबरन विवाह के खिलाफ वैश्विक जागरूकता बढ़ाना।
- सरकारों को कानूनों और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रोत्साहित करना।
- बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सशक्तिकरण में निवेश को बढ़ावा देना।
- बाल विवाह की रोकथाम के लिए community-level participation और multi-sectoral coordination को मजबूत करना।
- बाल विवाह के विरुद्ध वैश्विक प्रयासों में accountability और monitoring को बढ़ाना।
- Sustainable Development Goals (SDGs) की दिशा में प्रगति को तेज करना, विशेषकर SDG 5.3 के लक्ष्य को।
बाल विवाह का उन्मूलन United Nations Sustainable Development Goal (SDG) 5 – Gender Equality के Target 5.3 से सीधे जुड़ा है। SDG 5.3 का लक्ष्य सभी हानिकारक प्रथाओं को समाप्त करना है, जिनमें child, early and forced marriage प्रमुख रूप से शामिल हैं। वैश्विक लक्ष्य 2030 तक इन हानिकारक प्रथाओं को समाप्त करने की दिशा में तेजी लाना है।
| पहलू / Aspect | महत्वपूर्ण तथ्य / Key Fact |
|---|---|
| अभियान | Bal Vivah Mukt Bharat / Child Marriage Free India |
| शुरुआत | 27 नवंबर 2024 |
| संबंधित मंत्रालय | Ministry of Women and Child Development (MWCD) |
| मुख्य उद्देश्य | भारत को बाल विवाह मुक्त बनाना |
| दृष्टिकोण | Whole-of-Government और Whole-of-Society Approach |
| मुख्य फोकस | Awareness, prevention, reporting, enforcement, community mobilisation और girls’ empowerment |
| विशेष पोर्टल | Child Marriage Free Bharat Portal / Bal Vivah Mukt Bharat Portal |
| 100-Day Special Campaign | 4 दिसंबर 2025 से शुरू |
| दीर्घकालिक लक्ष्य | 2030 तक Child Marriage-Free India की दिशा में प्रगति |
फरवरी 2026 तक सरकारी जानकारी के अनुसार, Bal Vivah Mukt Bharat अभियान से संबंधित awareness programmes का संदेश 6 करोड़ से अधिक नागरिकों तक पहुंचा था और पोर्टलों पर 28 लाख से अधिक anti-child-marriage pledges दर्ज किए गए थे।
Bal Vivah Mukt Bharat के तहत 100-Day Special Campaign को 4 दिसंबर 2025 को शुरू किया गया। इसका उद्देश्य campaign के प्रभाव को और तेज करना तथा institutions, community leaders और service providers को अधिक व्यवस्थित तरीके से जोड़ना था।
अभियान को thematic spells में लागू किया गया। इसमें schools, colleges और universities में sensitisation; धार्मिक संस्थानों एवं marriage service providers की भागीदारी; तथा Gram Panchayats और Municipal Wards को child-marriage-free बनाने की दिशा में mobilisation जैसे उपाय शामिल थे।
भारत में बाल विवाह को नियंत्रित करने वाला प्रमुख कानून Prohibition of Child Marriage Act (PCMA), 2006 है। यह कानून बाल विवाह के solemnisation को प्रतिबंधित करता है और संबंधित व्यक्तियों के लिए दंडात्मक प्रावधान करता है।
PCMA, 2006 के अनुसार पुरुष के लिए 21 वर्ष से कम और महिला के लिए 18 वर्ष से कम आयु को child की परिभाषा में रखा गया है। इसलिए वर्तमान कानूनी व्यवस्था के अनुसार भारत में विवाह की न्यूनतम आयु पुरुषों के लिए 21 वर्ष और महिलाओं के लिए 18 वर्ष है।
महत्वपूर्ण रूप से, यह कहना अधिक सटीक है कि कानून केवल “बाल विवाह में शामिल होना” ही अपराध नहीं मानता; PCMA में बाल विवाह कराने, solemnise करने, promote करने, permit करने तथा संबंधित परिस्थितियों में भाग लेने वालों के लिए भी दंडात्मक प्रावधान हैं।
Child Marriage Prohibition Officers (CMPOs) बाल विवाह की रोकथाम, जागरूकता, शिकायतों पर कार्रवाई और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों के साथ coordination में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। Bal Vivah Mukt Bharat अभियान के तहत CMPOs की पहचान, capacity building और उनकी जानकारी को portal पर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है।
- बालिकाओं की शिक्षा में व्यवधान और school dropout का जोखिम बढ़ता है।
- कम उम्र में गर्भधारण से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं।
- बालिकाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और skill development के अवसर सीमित हो सकते हैं।
- कम उम्र में विवाह gender-based violence और exploitation के जोखिम को बढ़ा सकता है।
- बाल विवाह गरीबी और सामाजिक असमानता के intergenerational cycle को बनाए रखने में योगदान कर सकता है।
27 November → International Day for the Elimination of Child, Early and Forced Marriage → UNGA Resolution A/80/L.99 → 4 September 2026 → Sierra Leone-led initiative → India co-sponsor → Bal Vivah Mukt Bharat launched on 27 November 2024 → SDG 5.3 → 2030 target को एक साथ याद रखें।
| प्रश्न / Question | उत्तर / Answer |
|---|---|
| नया International Day कब मनाया जाएगा? | 27 नवंबर |
| UNGA ने कब प्रस्ताव अपनाया? | 4 सितंबर 2026 |
| प्रस्ताव संख्या | A/80/L.99 |
| प्रस्ताव का नेतृत्व किसने किया? | सिएरा लियोन |
| भारत से इसका विशेष संबंध क्या है? | Bal Vivah Mukt Bharat अभियान 27 नवंबर 2024 को शुरू हुआ |
| भारत का संबंधित मंत्रालय | Ministry of Women and Child Development |
| मुख्य SDG Target | SDG 5.3 |
| भारत में प्रमुख कानून | Prohibition of Child Marriage Act, 2006 |
| पुरुष के लिए न्यूनतम विवाह आयु | 21 वर्ष |
| महिला के लिए न्यूनतम विवाह आयु | 18 वर्ष |
| वैश्विक लक्ष्य | 2030 तक child, early and forced marriage जैसी harmful practices को समाप्त करने की दिशा में तेजी |
(71.) The ‘Gramanubhav’ programme was launched by which state government?
‘ग्रामानुभव’ कार्यक्रम किस राज्य सरकार द्वारा शुरू किया गया है?
(A) Bihar / बिहार
(B) Karnataka / कर्नाटक
(C) West Bengal / पश्चिम बंगाल
(D) Uttar Pradesh / उत्तर प्रदेश
कर्नाटक सरकार ने शहरी छात्रों को ग्रामीण जीवन, कृषि, स्थानीय अर्थव्यवस्था और ग्रामीण आजीविका का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से ‘ग्रामानुभव (Gramanubhava)’ कार्यक्रम को मंजूरी दी है। इस पहल का मूल विचार छात्रों को classroom-based learning से आगे ले जाकर ग्रामीण परिवेश को ही एक जीवंत कक्षा (living classroom) के रूप में अनुभव कराना है।
इस कार्यक्रम के तहत शहरी स्कूलों और Pre-University (PU) कॉलेजों के छात्रों को ग्रामीण क्षेत्रों में ले जाकर उन्हें गांवों में कृषि, ग्रामीण जीवन, किसानों की आजीविका तथा स्थानीय समुदायों की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराया जाएगा।
‘ग्रामानुभव’ का व्यापक उद्देश्य urban-rural divide को कम करना, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के प्रति छात्रों की समझ बढ़ाना तथा शहरों में रहने वाली युवा पीढ़ी को यह समझने का अवसर देना है कि भोजन के उत्पादन से लेकर ग्रामीण परिवारों की आय और आजीविका तक की पूरी प्रक्रिया किस प्रकार काम करती है।
यह पहल experiential learning की अवधारणा पर आधारित है। इसमें छात्रों को केवल पुस्तकीय जानकारी देने के बजाय ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर वास्तविक परिस्थितियों को देखने, स्थानीय लोगों से संवाद करने और कृषि तथा ग्रामीण गतिविधियों को समझने का अवसर दिया जाता है।
- Target Group: शहरी क्षेत्रों के school और Pre-University students.
- Learning Model: experiential और field-based learning.
- Rural Exposure: छात्रों को ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करना।
- Agricultural Understanding: खेती, फसल उत्पादन और किसानों की आजीविका को समझना।
- Community Interaction: ग्रामीण परिवारों और स्थानीय समुदायों के साथ संवाद एवं अनुभव साझा करना।
- Urban-Rural Linkage: शहरी और ग्रामीण जीवन के बीच समझ एवं संपर्क को मजबूत करना।
- Social Awareness: ग्रामीण क्षेत्रों की सामाजिक एवं आर्थिक वास्तविकताओं के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना।
भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि और ग्रामीण आजीविका का महत्वपूर्ण स्थान है। इसके बावजूद शहरी क्षेत्रों में रहने वाले कई बच्चों और युवाओं का कृषि की वास्तविक प्रक्रिया से प्रत्यक्ष संपर्क सीमित होता है। ‘ग्रामानुभव’ जैसी पहल इस अंतर को कम करने में मदद कर सकती है।
छात्र खेतों, कृषि गतिविधियों और ग्रामीण उत्पादन प्रणालियों को प्रत्यक्ष रूप से देखकर food production, farm livelihoods, rural employment, natural resources और स्थानीय अर्थव्यवस्था के बीच संबंधों को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं।
यह पहल agriculture education, environmental awareness, community engagement और vocational/experiential learning को भी बढ़ावा दे सकती है। ग्रामीण भारत को केवल पाठ्यपुस्तक के विषय के रूप में देखने के बजाय विद्यार्थियों को उसे प्रत्यक्ष सामाजिक-आर्थिक परिवेश के रूप में समझने का अवसर मिलता है।
Experiential Learning का अर्थ है अनुभव के माध्यम से सीखना। ‘ग्रामानुभव’ इसी सिद्धांत को ग्रामीण परिवेश में लागू करता है। विद्यार्थी गांवों में जाकर वास्तविक परिस्थितियों का अवलोकन करते हैं और अपने अनुभव को classroom learning से जोड़ते हैं।
उदाहरण के लिए, किसी फसल की खेती के बारे में केवल पुस्तक पढ़ने के बजाय विद्यार्थी खेत में जाकर soil preparation, sowing, irrigation, crop management, harvesting और post-harvest activities जैसी प्रक्रियाओं को समझ सकते हैं।
| Learning Area | छात्रों के लिए संभावित अनुभव |
|---|---|
| कृषि | फसल उत्पादन, खेती की तकनीक और किसानों की दैनिक गतिविधियों को समझना |
| जल प्रबंधन | सिंचाई, वर्षा जल और स्थानीय जल-संसाधनों की भूमिका को समझना |
| मृदा | मिट्टी की गुणवत्ता, मृदा संरक्षण और कृषि उत्पादकता के संबंध को समझना |
| पशुपालन | डेयरी, पशुपालन और ग्रामीण परिवारों की आय में इसकी भूमिका का अध्ययन |
| ग्रामीण अर्थव्यवस्था | कृषि, स्थानीय बाजार, छोटे व्यवसाय और ग्रामीण रोजगार को समझना |
| महिला भागीदारी | ग्रामीण महिलाओं की कृषि, SHGs और आजीविका गतिविधियों में भूमिका को समझना |
| स्थानीय शासन | Gram Panchayat और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की जानकारी प्राप्त करना |
| पर्यावरण | प्राकृतिक संसाधनों, जैव विविधता और sustainable rural practices का अध्ययन |
कर्नाटक की अर्थव्यवस्था में कृषि और allied activities का महत्वपूर्ण स्थान है। राज्य में अलग-अलग agro-climatic zones पाए जाते हैं, जिसके कारण यहां विभिन्न प्रकार की फसलों और कृषि प्रणालियों का विकास हुआ है। इस विविधता के कारण ग्रामीण क्षेत्रों को छात्रों के लिए field-based learning के उपयोगी केंद्र के रूप में देखा जा सकता है।
कर्नाटक सरकार कृषि क्षेत्र में digital agriculture, satellite imagery, drones और integrated digital crop survey जैसी तकनीकों के उपयोग को भी बढ़ावा दे रही है। इससे पारंपरिक कृषि ज्ञान और आधुनिक agricultural technology के बीच संबंध को समझने के अवसर बढ़ते हैं।
ग्रामीण भारत में Self-Help Groups (SHGs) महिलाओं और ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कर्नाटक में Sanjeevini–Karnataka State Rural Livelihood Promotion Society (KSRLPS) के माध्यम से DAY-NRLM के अंतर्गत ग्रामीण आजीविका, SHGs, कृषि-आधारित गतिविधियों और entrepreneurship को बढ़ावा दिया जाता है।
इस प्रकार ‘ग्रामानुभव’ जैसे field-based programmes छात्रों को कृषि के साथ-साथ rural entrepreneurship, SHGs, local markets, food systems और livelihood diversification को समझने का अवसर भी प्रदान कर सकते हैं।
| उद्देश्य | महत्व |
|---|---|
| Urban-Rural Divide कम करना | शहरी छात्रों को ग्रामीण जीवन की वास्तविकताओं से जोड़ना |
| कृषि की समझ | Food production और farming systems का प्रत्यक्ष अनुभव |
| Experiential Learning | Field experience को classroom learning से जोड़ना |
| Social Sensitisation | ग्रामीण समुदायों और उनकी चुनौतियों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना |
| Rural Livelihood Awareness | कृषि, पशुपालन, SHGs और स्थानीय व्यवसायों की भूमिका समझना |
| Environmental Awareness | जल, मृदा, जैव विविधता और sustainable agriculture को समझना |
Gramanubhava → Karnataka → Urban School & Pre-University Students → Rural Exposure → Agriculture & Rural Livelihoods → Experiential Learning → Bridging Urban-Rural Divide को एक साथ याद रखें।
परीक्षा में यदि प्रश्न ‘ग्रामानुभव’ कार्यक्रम के संदर्भ में पूछा जाए, तो इसका मुख्य फोकस शहरी विद्यार्थियों को ग्रामीण जीवन और कृषि का प्रत्यक्ष अनुभव कराना है। यह किसी सामान्य rural employment scheme या agricultural subsidy programme के रूप में नहीं, बल्कि मुख्यतः educational and experiential exposure initiative के रूप में समझना चाहिए।
| प्रश्न / Question | उत्तर / Answer |
|---|---|
| ‘ग्रामानुभव’ किस राज्य की पहल है? | कर्नाटक |
| मुख्य लक्षित समूह | शहरी स्कूल और Pre-University छात्र |
| मुख्य क्षेत्र | ग्रामीण जीवन, कृषि और ग्रामीण आजीविका |
| Learning Model | Experiential / Field-Based Learning |
| मुख्य उद्देश्य | Urban-Rural Divide को कम करना |
| ग्रामीण क्षेत्र को किस रूप में देखा जाता है? | Living Classroom / जीवंत कक्षा |
| संबंधित व्यापक विषय | Agriculture, Rural Livelihoods, Community Engagement और Sustainable Development |
(72.) Where was the Global Dryland Congress 2026 held?
‘ग्लोबल ड्राईलैंड कांग्रेस 2026’ का आयोजन कहाँ किया गया?
(A) Jaipur / जयपुर
(B) Hyderabad / हैदराबाद
(C) New Delhi / नई दिल्ली
(D) Indore / इंदौर
Dryland Congress 2026, जिसे Global Dryland Congress 2026 के रूप में भी संदर्भित किया गया, का आयोजन 10–12 सितंबर 2026 को National Agricultural Science Complex (NASC), New Delhi में किया गया। यह दूसरा Dryland Congress था और इसका मुख्य विषय था: “Transforming Dryland Agriculture through South–South Cooperation” अर्थात “दक्षिण-दक्षिण सहयोग के माध्यम से शुष्क भूमि कृषि का रूपांतरण।”
कांग्रेस का संयुक्त आयोजन Indian Council of Agricultural Research (ICAR) और International Crops Research Institute for the Semi-Arid Tropics (ICRISAT) द्वारा किया गया। इसमें dryland agriculture से जुड़े वैज्ञानिकों, policymakers, development organisations, farmers, industry, start-ups, NGOs और research institutions को एक मंच पर लाया गया।
इस आयोजन में 25 से अधिक देशों के 800 से अधिक delegates ने भाग लिया। इसका उद्देश्य केवल dryland agriculture की समस्याओं पर चर्चा करना नहीं, बल्कि science, technology, policy, markets और international cooperation के माध्यम से ऐसे समाधान विकसित करना था जिन्हें बड़े स्तर पर लागू किया जा सके।
Dryland agriculture उन कृषि प्रणालियों को संदर्भित करती है जो सीमित और अनिश्चित वर्षा, उच्च जल-संकट, सूखा, मृदा क्षरण और जलवायु परिवर्तन जैसी परिस्थितियों में संचालित होती हैं। ऐसे क्षेत्रों में सिंचाई की उपलब्धता सीमित होने के कारण rainwater management, drought-tolerant crops, soil and water conservation तथा climate-resilient farming अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
Drylands विश्व के विशाल भू-भाग को कवर करते हैं और अरबों लोगों की आजीविका से जुड़े हैं। इन क्षेत्रों में छोटे और सीमांत किसान जलवायु परिवर्तन, भूमि क्षरण, जल की कमी, कम उत्पादकता और बाजार संबंधी चुनौतियों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील होते हैं।
- Climate-resilient agriculture: जलवायु परिवर्तन और अनिश्चित मौसम के प्रति अधिक लचीली कृषि प्रणालियों को बढ़ावा देना।
- Drought resilience: सूखा-सहिष्णु फसलों, बेहतर farming systems और water-management technologies को बढ़ावा देना।
- Food and nutrition security: dryland regions में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को मजबूत करना।
- Smallholder farmer livelihoods: छोटे किसानों की आय, उत्पादकता और resilience को मजबूत करना।
- South–South Cooperation: Global South के देशों के बीच agricultural technologies, knowledge और successful models का आदान-प्रदान।
- Scalable innovation: research-based innovations को laboratories से farms तक पहुंचाना और बड़े स्तर पर लागू करना।
| Theme | मुख्य फोकस / Focus |
|---|---|
| Breeding for Tomorrow | Dryland crops में genetic gains और climate-resilient varieties को तेज करना |
| Climate-Resilient Dryland Landscapes | जलवायु अनुकूल landscape management और natural-resource conservation |
| Better Diets and Nutrition | Markets और policies के माध्यम से बेहतर diets तथा nutrition security |
| Resilient Farming Systems | अधिक resilient और sustainable dryland farming systems का विकास |
| Seed Systems in the Global South | उन्नत और climate-resilient seeds की उपलब्धता एवं delivery systems |
| Gender and Youth-Centred Transformation | महिलाओं और युवाओं की dryland agri-food systems में भागीदारी |
Dryland Congress 2026 का एक विशेष महत्व यह था कि इसने ICAR और ICRISAT के बीच 50 वर्षों की साझेदारी को भी चिह्नित किया। इस partnership ने भारत में dryland agriculture से संबंधित climate-resilient crop varieties/hybrids, seed systems, landscape restoration तथा smallholder farmer productivity और profitability में योगदान दिया है।
ICRISAT का मुख्यालय Patancheru, Hyderabad, Telangana में स्थित है और यह CGIAR से संबंधित प्रमुख international agricultural research institutions में से एक है। इसका प्रमुख फोकस semi-arid tropics और dryland agriculture से संबंधित research पर है।
South–South Cooperation (SSC) का अर्थ Global South के देशों के बीच knowledge, technology, expertise और development experiences का पारस्परिक आदान-प्रदान है। Dryland Congress में इसका उद्देश्य Africa, Asia, Latin America और अन्य dryland regions के देशों के बीच ऐसी agricultural innovations साझा करना था जिन्हें समान climatic और socio-economic परिस्थितियों के अनुसार स्थानीय स्तर पर अपनाया जा सके।
Congress में South–South और Triangular Cooperation पर भी जोर दिया गया। इसका महत्व इसलिए है क्योंकि dryland regions की कई समस्याएं सीमाओं से परे समान हैं—जैसे drought, water scarcity, land degradation, climate variability और low farm productivity।
Congress का तीसरा दिन 12 सितंबर को मनाए जाने वाले United Nations Day for South-South Cooperation के साथ coincide हुआ। इस अवसर ने agricultural research, innovation और development के क्षेत्र में Global South के देशों के बीच peer-to-peer learning और technology transfer के महत्व को रेखांकित किया।
Dryland Congress 2026 का एक महत्वपूर्ण outcome Delhi Declaration on Drylands (3D) का adoption था। यह declaration dryland agriculture को बदलने के लिए collaboration, knowledge exchange, innovation और collective action पर आधारित साझा agenda प्रस्तुत करता है।
Declaration का व्यापक उद्देश्य research और innovation को केवल scientific publications तक सीमित न रखकर उन्हें farm-level implementation, adaptation और scalable solutions में बदलना है।
- 8 Plenary Sessions
- 8 Keynote Addresses
- 18 Lead Talks
- 54 Invited Presentations
- Dryland Expo
- Startup और industry engagement platforms
- Policy dialogues और innovation showcases
- ISSCA Awards के माध्यम से agricultural innovations को मान्यता
ICRISAT Center of Excellence for South–South Cooperation in Agriculture (ISSCA) Global South में proven agricultural innovations को साझा और scale करने के लिए एक महत्वपूर्ण platform है। यह governments, researchers और development partners को एक साथ लाकर sustainable और climate-smart agricultural solutions को बढ़ावा देता है।
ISSCA के माध्यम से Asia, Africa और Latin America सहित Global South के विभिन्न क्षेत्रों में सफल agricultural technologies और approaches को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार adapt करने पर जोर दिया जाता है।
| पहलू / Aspect | महत्वपूर्ण तथ्य / Key Fact |
|---|---|
| Event | Dryland Congress 2026 |
| संस्करण | Second Dryland Congress |
| तिथि | 10–12 September 2026 |
| स्थान | National Agricultural Science Complex (NASC), New Delhi |
| मुख्य आयोजक | ICAR और ICRISAT |
| Theme | Transforming Dryland Agriculture through South–South Cooperation |
| भागीदारी | 800+ delegates from 25+ countries |
| प्रमुख विषय | Breeding, Climate Resilience, Nutrition, Farming Systems, Seed Systems, Gender & Youth |
| विशेष अवसर | 50 years of ICAR–ICRISAT partnership |
| अंतरराष्ट्रीय दिवस से संबंध | UN Day for South-South Cooperation – 12 September |
| महत्वपूर्ण outcome | Delhi Declaration on Drylands (3D) |
| महत्वपूर्ण platform | ICRISAT Center of Excellence for South–South Cooperation in Agriculture (ISSCA) |
भारत के अनेक कृषि क्षेत्र वर्षा पर निर्भर हैं और सूखा, वर्षा की अनिश्चितता, भूमि क्षरण तथा जल-संकट जैसी समस्याओं का सामना करते हैं। इसलिए भारत के लिए millets, pulses, oilseeds, drought-tolerant varieties, water-use efficiency, soil conservation और climate-smart agriculture जैसी रणनीतियां विशेष महत्व रखती हैं।
Dryland agriculture का महत्व केवल production तक सीमित नहीं है। यह food security, nutrition security, rural employment, farmer income, ecological restoration और climate adaptation से भी सीधे जुड़ा हुआ है।
Dryland Congress 2026 → New Delhi → 10–12 September 2026 → ICAR + ICRISAT → Theme: Transforming Dryland Agriculture through South–South Cooperation → 50 years of ICAR–ICRISAT partnership → UN Day for South-South Cooperation → Delhi Declaration on Drylands (3D) को एक साथ याद रखें।
| प्रश्न / Question | उत्तर / Answer |
|---|---|
| Dryland Congress 2026 कहाँ आयोजित हुआ? | New Delhi |
| Venue क्या था? | National Agricultural Science Complex (NASC) |
| तिथि क्या थी? | 10–12 September 2026 |
| मुख्य आयोजक कौन थे? | ICAR और ICRISAT |
| मुख्य Theme क्या था? | Transforming Dryland Agriculture through South–South Cooperation |
| किस साझेदारी के 50 वर्ष पूरे हुए? | ICAR–ICRISAT Partnership |
| 12 सितंबर का संबंध किससे है? | United Nations Day for South-South Cooperation |
| Congress का प्रमुख declaration? | Delhi Declaration on Drylands (3D) |
| कुल प्रमुख thematic areas | 6 |
(73.) Where are the 20th Asian Games being held in 2026?
20वें एशियाई खेल 2026 का आयोजन कहाँ किया जा रहा है?
(A) Japan / जापान
(B) India / भारत
(C) Sri Lanka / श्रीलंका
(D) China / चीन
20वें एशियाई खेल (20th Asian Games), जिन्हें Aichi-Nagoya 2026 Asian Games के नाम से जाना जाता है, का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक जापान में किया जा रहा है। खेलों का मुख्य आयोजन Aichi Prefecture और Nagoya City में हो रहा है।
इन खेलों का उद्घाटन समारोह 19 सितंबर 2026 को आयोजित किया गया। भारतीय दल के लिए Olympic medalist Manu Bhaker और Asian Games men’s shot put champion Tajinderpal Singh Toor को उद्घाटन समारोह के लिए भारत के flag bearers के रूप में चुना गया।
यह आयोजन जापान के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि जापान तीसरी बार Asian Games की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले जापान ने Tokyo 1958 और Hiroshima 1994 में Asian Games की मेजबानी की थी। इस प्रकार Aichi-Nagoya 2026 जापान में आयोजित होने वाला तीसरा Asian Games edition है।
| पहलू / Aspect | महत्वपूर्ण तथ्य / Key Fact |
|---|---|
| खेल | 20th Asian Games / 20वें एशियाई खेल |
| आयोजक देश | Japan / जापान |
| मुख्य मेजबान | Aichi Prefecture और Nagoya City |
| आयोजन अवधि | 19 September – 4 October 2026 |
| उद्घाटन समारोह | 19 September 2026 |
| भारतीय महिला Flag Bearer | Manu Bhaker |
| भारतीय पुरुष Flag Bearer | Tajinderpal Singh Toor |
| जापान की Asian Games मेजबानी | तीसरी बार |
| जापान में पूर्व आयोजन | Tokyo 1958 और Hiroshima 1994 |
| मुख्य उद्देश्य | एशिया के देशों के बीच खेल प्रतिस्पर्धा, मैत्री और सहयोग को बढ़ावा देना |
मनु भाकर (Manu Bhaker) भारत की प्रमुख pistol shooter हैं और Olympic पदक विजेता हैं। वह भारत की नई पीढ़ी की प्रमुख निशानेबाजों में शामिल हैं और 2024 Paris Olympics में दो कांस्य पदक जीतकर एक ही Olympic edition में दो पदक जीतने वाली स्वतंत्र भारत की पहली महिला athlete बनीं।
तजिंदरपाल सिंह तूर (Tajinderpal Singh Toor) भारतीय shot-put athlete हैं। उन्होंने Asian Games में men’s shot put में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता है और इस स्पर्धा के मौजूदा Asian Games champion के रूप में Aichi-Nagoya 2026 में भारतीय दल का प्रतिनिधित्व किया।
जापान ने पहली बार 1958 Asian Games की मेजबानी Tokyo में की थी। इसके बाद 1994 Asian Games का आयोजन Hiroshima में हुआ। Aichi-Nagoya 2026 के साथ जापान तीसरी बार इस महाद्वीपीय बहु-खेल प्रतियोगिता का मेजबान बना।
परीक्षा की दृष्टि से यह तथ्य महत्वपूर्ण है कि Tokyo 1958 → Hiroshima 1994 → Aichi-Nagoya 2026 जापान में आयोजित Asian Games editions की क्रमिक श्रृंखला है।
- Asian Games एशिया की प्रमुख multi-sport continental sporting event है।
- इसका आयोजन Olympic Council of Asia (OCA) के अधीन होता है।
- Asian Games को सामान्यतः Asiad के नाम से भी जाना जाता है।
- प्रथम Asian Games का आयोजन 1951 में New Delhi, India में हुआ था।
- 1951 के प्रथम Asian Games में 11 देशों ने भाग लिया था।
- भारत प्रथम Asian Games का मेजबान होने के साथ-साथ इसके प्रारंभिक editions में प्रमुख भागीदार देशों में रहा है।
- Asian Games में athletics, swimming, shooting, wrestling, boxing, badminton, hockey और अन्य अनेक Olympic तथा Asian sports शामिल होते हैं।
Aichi Prefecture जापान के Honshu द्वीप के मध्य भाग में स्थित है और इसकी राजधानी Nagoya है। Nagoya जापान के प्रमुख औद्योगिक एवं आर्थिक केंद्रों में से एक है और विशेष रूप से automobile और manufacturing industries के लिए जाना जाता है।
Aichi क्षेत्र जापान के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए Asian Games का आयोजन यहां खेलों के साथ-साथ जापान की industrial, technological और cultural identity को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करता है।
- भारतीय खिलाड़ियों को एशिया के सर्वश्रेष्ठ athletes के साथ प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलता है।
- Asian Games Olympic qualification pathways तथा elite-level sporting preparation के संदर्भ में कई disciplines के लिए महत्वपूर्ण हैं।
- Shooting, athletics, wrestling, boxing, badminton, hockey और अन्य खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की प्रदर्शन क्षमता का आकलन किया जाता है।
- यह आयोजन भारत में sports development, high-performance training, grassroots talent identification और international sporting exposure के महत्व को रेखांकित करता है।
| प्रश्न / Question | उत्तर / Answer |
|---|---|
| 20वें Asian Games की मेजबानी कौन कर रहा है? | Japan |
| मुख्य आयोजन क्षेत्र | Aichi Prefecture और Nagoya |
| आयोजन की तिथि | 19 September – 4 October 2026 |
| भारत की महिला Flag Bearer | Manu Bhaker |
| भारत के पुरुष Flag Bearer | Tajinderpal Singh Toor |
| जापान ने पहले Asian Games कब आयोजित किए? | Tokyo, 1958 |
| जापान ने दूसरी बार कब मेजबानी की? | Hiroshima, 1994 |
| जापान की कुल मेजबानी | तीसरी बार |
| प्रथम Asian Games कहाँ हुए थे? | New Delhi, India, 1951 |
| Asian Games की continental governing body | Olympic Council of Asia (OCA) |
| Asian Games का लोकप्रिय नाम | Asiad |
Aichi-Nagoya 2026 → Japan → 20th Asian Games → 19 September–4 October 2026 → Manu Bhaker + Tajinderpal Singh Toor → Japan’s third Asian Games hosting → Tokyo 1958 + Hiroshima 1994 को एक साथ याद रखें।
विशेष रूप से Japan = Tokyo 1958, Hiroshima 1994, Aichi-Nagoya 2026 और First Asian Games = New Delhi, 1951 को परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण chronology के रूप में याद करना उपयोगी है।
(74.) What is the name of the historic first men’s T20 International between India and Japan?
भारत और जापान के बीच प्रस्तावित ऐतिहासिक प्रथम पुरुष T20 अंतरराष्ट्रीय मैच का नाम क्या है?
(A) Duleep Cup / दिलीप कप
(B) Suzuki Cup / सुजुकी कप
(C) Kapil Dev Cup / कपिल देव कप
(D) Toyota Cup / टोयोटा कप
“Suzuki Cup – India-Japan 75th Anniversary Cricket Match” भारत और जापान की पुरुष राष्ट्रीय क्रिकेट टीमों के बीच आयोजित होने वाला ऐतिहासिक T20 International (T20I) मैच है। यह मुकाबला 22 सितंबर 2026 को Sano International Cricket Ground, Tochigi Prefecture, Japan में निर्धारित किया गया है।
यह मैच दोनों देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली पुरुष राष्ट्रीय टीम भिड़ंत है। विशेष रूप से, यह भारत का जापान में पहला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच भी है। मैच का आयोजन भारत-जापान राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के समारोहों की शुरुआत के हिस्से के रूप में किया जा रहा है।
Suzuki Motor Corporation इस मुकाबले का Title Partner है, इसलिए मैच को “Suzuki Cup” नाम दिया गया है। इसका आधिकारिक नाम “Suzuki Cup – 75th Anniversary Match Celebrating Japan-India Diplomatic Relations” है।
यह मैच “Sport 75” पहल का पहला कदम है। यह पहल भारत और जापान के बीच खेलों के माध्यम से people-to-people exchanges, cooperation और sporting ties को मजबूत करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। यह पहल दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच शिखर वार्ता के दौरान बनी सहमति से संबंधित है और भारत की 2036 Olympic and Paralympic Games की मेजबानी की महत्वाकांक्षा को भी ध्यान में रखती है।
भारत और जापान ने 1952 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। वर्ष 2027 में दोनों देशों के राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ पूरी होगी। जुलाई 2026 की भारत-जापान शिखर बैठक में दोनों देशों ने वर्ष 2027 को “India-Japan Year of Shared Horizons” के रूप में मनाने और विभिन्न commemorative activities आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की।
| पहलू / Aspect | महत्वपूर्ण तथ्य / Key Fact |
|---|---|
| प्रतियोगिता / Match | Suzuki Cup – India-Japan 75th Anniversary Cricket Match |
| खेल | Men’s T20 International (T20I) Cricket |
| प्रतिभागी | India vs Japan |
| तिथि | 22 September 2026 |
| स्थान | Sano International Cricket Ground |
| प्रान्त / Prefecture | Tochigi Prefecture, Japan |
| Title Partner | Suzuki Motor Corporation |
| आयोजक संस्थाएं | Japan Cricket Association (JCA) और Board of Control for Cricket in India (BCCI) |
| ऐतिहासिक महत्व | India और Japan men’s national teams का पहला international cricket meeting |
| Japan के लिए महत्व | Japan का ICC Full Member India के खिलाफ पहला international cricket match |
| भारत के लिए महत्व | भारत का Japan में पहला international cricket match |
| संबंधित पहल | Sport 75 |
| राजनयिक संबंध | India-Japan Diplomatic Relations की 75वीं वर्षगांठ |
Sano International Cricket Ground जापान के Sano City, Tochigi Prefecture में स्थित है। यह जापान में cricket के विकास के लिए महत्वपूर्ण grounds में से एक है और Japan national team के matches की मेजबानी करता है। यह ground 2009 में खोला गया था और इसकी क्षमता लगभग 2,000 spectators है।
22 सितंबर का मुकाबला केवल एक ceremonial event नहीं है; यह जापान के लिए Asian Games 2026 की तैयारी का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। India और Japan दोनों Aichi-Nagoya 2026 Asian Games में men’s cricket tournament का हिस्सा हैं।
Japan की पुरुष टीम 2026 Asian Games के group stage में भाग लेगी, जबकि India को tournament structure के अनुसार सीधे quarter-final stage में स्थान मिला है। इसलिए Suzuki Cup Japan के लिए एक high-level preparation opportunity भी है।
Japan Cricket Association ने Asian Games के लिए चुनी गई अपनी टीम के साथ ही India के खिलाफ Suzuki Cup के लिए squad घोषित की। टीम की कप्तानी Kendel Kadowaki-Fleming कर रहे हैं, जो Japan के leading T20I run-scorer हैं।
- Japan Cricket Association (JCA) जापान में cricket की प्रमुख governing body है।
- Japan अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ICC Associate Member है; भारत ICC Full Member है।
- Japan की पुरुष टीम ने ICC competitions और Asia-Pacific regional tournaments में भाग लिया है।
- Japan में cricket की लोकप्रियता baseball और football की तुलना में काफी सीमित रही है, इसलिए भारत जैसी प्रमुख cricketing nation की मेजबानी को JCA जापान में खेल के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण अवसर मानता है।
- JCA का उद्देश्य domestic participation, youth development और international exposure के माध्यम से Japan में cricket का विस्तार करना है।
भारत के लिए यह मुकाबला केवल bilateral cricket fixture नहीं है। यह sports diplomacy और भारत-जापान के व्यापक strategic तथा people-to-people relations में खेलों की भूमिका को दर्शाता है।
ICC के अनुसार, 2026 में भारत ने ICC Men’s T20 World Cup जीता और Suzuki Cup के समय वह reigning T20 World Cup champion था। इसलिए Japan के लिए विश्व स्तरीय भारतीय टीम के खिलाफ खेलना international cricket exposure का महत्वपूर्ण अवसर है।
Sports diplomacy के माध्यम से देशों के बीच people-to-people contacts, cultural exchange और mutual understanding को बढ़ावा दिया जा सकता है। Suzuki Cup इसी व्यापक दृष्टिकोण का उदाहरण है, जहां क्रिकेट को भारत-जापान मैत्री और सहयोग के माध्यम के रूप में उपयोग किया जा रहा है।
| प्रश्न / Question | उत्तर / Answer |
|---|---|
| Suzuki Cup किन देशों के बीच है? | India और Japan |
| किस खेल से संबंधित है? | Men’s T20 International Cricket |
| मैच की तारीख | 22 September 2026 |
| Venue | Sano International Cricket Ground |
| Venue किस prefecture में है? | Tochigi Prefecture |
| Title Partner | Suzuki Motor Corporation |
| आयोजक | JCA और BCCI |
| ऐतिहासिक महत्व | India और Japan men’s national teams का पहला international cricket meeting |
| संबंधित initiative | Sport 75 |
| किस अवसर से जुड़ा है? | India-Japan Diplomatic Relations की 75वीं वर्षगांठ |
| Japan के कप्तान | Kendel Kadowaki-Fleming |
| Asian Games 2026 का host | Aichi-Nagoya, Japan |
Suzuki Cup → India vs Japan → Men’s T20I → 22 September 2026 → Sano International Cricket Ground → Tochigi, Japan → Suzuki Motor Corporation (Title Partner) → 75th Anniversary of India-Japan Diplomatic Relations → Sport 75 को एक साथ याद रखें।
एक महत्वपूर्ण distinction यह है कि “Suzuki Cup” किसी पारंपरिक ICC tournament का नाम नहीं है; यह भारत-जापान के इस विशेष 75th-anniversary commemorative T20I match का title है।
(75.) Where was the 27th World Knowledge Forum 2026 held?
27वें वर्ल्ड नॉलेज फोरम 2026 का आयोजन कहाँ किया गया?
(A) Rome, Italy / रोम, इटली
(B) New Delhi, India / नई दिल्ली, भारत
(C) Seoul, South Korea / सियोल, दक्षिण कोरिया
(D) London, England / लंदन, इंग्लैंड
27वां World Knowledge Forum (WKF) 2026 का आयोजन 8–10 सितंबर 2026 को Seoul, South Korea में Jangchung Arena और The Shilla Seoul में किया गया। इसका आयोजन Maekyung Media द्वारा किया जाता है।
2026 के संस्करण का मुख्य विषय था: “The Promethean Moment: Architecting the Co-Intelligence Order” अर्थात् “प्रोमेथियस का क्षण: सह-बुद्धिमत्ता (Co-Intelligence) व्यवस्था का निर्माण”। इसका केंद्रीय फोकस Artificial Intelligence (AI) और मानव समाज के बीच ऐसी co-intelligence व्यवस्था विकसित करने पर था जिसमें तकनीकी प्रगति, मानव क्षमता, संस्थागत व्यवस्था और सामाजिक हितों के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित किया जा सके।
विश्व ज्ञान मंच ने 2026 के लिए AI को 21वीं सदी की एक transformative technology के रूप में देखा। मंच की अवधारणा के अनुसार AI मानवता के लिए अत्यधिक संभावनाएँ पैदा कर सकता है, लेकिन इसके साथ नियंत्रण, दुरुपयोग, रोजगार, तकनीकी एकाधिकार और सामाजिक असमानता जैसी चुनौतियाँ भी जुड़ी हैं। इसलिए चर्चा केवल AI के विकास तक सीमित न रहकर AI governance, human-AI cooperation और नई वैश्विक व्यवस्था तक विस्तारित हुई।
2026 World Knowledge Forum को पाँच प्रमुख knowledge pillars के आसपास संरचित किया गया: Power, Capital, Intelligence, Planet और Humanity। इन क्षेत्रों के माध्यम से वैश्विक शक्ति-संतुलन, पूंजी और निवेश, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, भविष्य की अर्थव्यवस्था, पर्यावरण तथा मानव समाज पर तकनीकी परिवर्तन के प्रभाव जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
| बिंदु / Point | तथ्य / Fact |
|---|---|
| कार्यक्रम | 27th World Knowledge Forum (WKF) 2026 |
| स्थान | Seoul, South Korea |
| मुख्य आयोजन स्थल | Jangchung Arena और The Shilla Seoul |
| तिथि | 8–10 September 2026 |
| आयोजक | Maekyung Media |
| मुख्य विषय | The Promethean Moment: Architecting the Co-Intelligence Order |
| मुख्य फोकस | AI, Human-AI Co-Intelligence, Global Order, Economy, Technology और Humanity |
| मुख्य Knowledge Pillars | Power, Capital, Intelligence, Planet और Humanity |
| विश्व ज्ञान मंच की शुरुआत | 2000 |
| 2026 संस्करण | 27th Edition |
World Knowledge Forum की शुरुआत वर्ष 2000 में हुई थी। इसका उद्देश्य knowledge sharing के माध्यम से वैश्विक विकास और समृद्धि से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए विश्वभर के विशेषज्ञों को एक मंच प्रदान करना है। यह मंच राजनीतिक नेताओं, अर्थशास्त्रियों, उद्योगपतियों, निवेशकों, शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और technology experts को एक साथ लाता है।
2026 के मंच में AI के अलावा physical AI, robotics, autonomous mobility, quantum computing, cybersecurity, digital assets, global investment, geopolitics और national security जैसे विषयों पर भी विभिन्न सत्र आयोजित किए गए। आधिकारिक कार्यक्रम में AI और मानव के बीच नई सह-अस्तित्व व्यवस्था, AI-driven industrial transformation तथा AI और national security जैसे विषय प्रमुख रहे।
2026 के प्रमुख वक्ताओं में David Cameron, यूनाइटेड किंगडम के पूर्व प्रधानमंत्री; Richard Dawkins, University of Oxford के Emeritus Professor; Erik Brynjolfsson, Stanford University के Professor; तथा अन्य वैश्विक राजनीतिक, आर्थिक और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे।
आधिकारिक World Knowledge Forum के अनुसार, मंच के दीर्घकालिक रिकॉर्ड में 66,022 participants, 6,058 speakers, 86 countries और 1,903 sessions दर्ज हैं। ये मंच के संचयी आँकड़े हैं, केवल 2026 संस्करण में उपस्थित लोगों की संख्या नहीं।
Exam Perspective: यह प्रश्न मुख्यतः स्थान + आयोजन + थीम के संयोजन पर आधारित है। इसलिए याद रखें: 27th World Knowledge Forum → Seoul, South Korea → 8–10 September 2026 → “The Promethean Moment: Architecting the Co-Intelligence Order”.
Source: World Knowledge Forum – Official Website | WKF 2026 Theme | WKF 2026 Programme
September 2026 Current Affairs MCQs Part 3 in Hindi
सितंबर 2026 मासिक करंट अफेयर्स MCQs – भाग 3 (September 2026 Current Affairs MCQs Part 3) में सितंबर 2026 के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों को परीक्षा-उन्मुख Multiple Choice Questions (MCQs) के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस भाग में विभिन्न क्षेत्रों जैसे राष्ट्रीय घटनाक्रम, शासन एवं नीतियाँ, अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय संबंध, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, सामाजिक मुद्दे, सरकारी योजनाएँ, रक्षा, खेल, पुरस्कार, महत्वपूर्ण दिवस, रिपोर्ट एवं सूचकांक आदि से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को शामिल किया गया है। सितंबर 2026 के समसामयिक घटनाक्रमों पर आधारित ऐसे MCQs विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में त्वरित पुनरावृत्ति के लिए उपयोगी हैं।
यह अभ्यास विशेष रूप से UPSC, BPSC, SSC, State PCS, Railway, Banking और अन्य Government Exams की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए तैयार किया गया है। प्रश्नों के माध्यम से केवल तथ्यों की याददाश्त ही नहीं, बल्कि घटनाओं से जुड़े स्थान, संस्थान, योजनाएँ, थीम, व्यक्तित्व, आँकड़े और उनके व्यापक संदर्भ को भी समझने का प्रयास किया गया है।
भाग 3 सितंबर 2026 के शुरुआती एवं मध्य अवधि के महत्वपूर्ण करंट अफेयर्स को कवर करता है और आगे के भागों के साथ मिलकर पूरे महीने की व्यापक revision में सहायता करेगा। सितंबर 2026 के समसामयिक घटनाक्रमों में BRICS Summit, WCEF 2026, SEMICON India 2026, आर्थिक एवं नीतिगत विकास तथा विभिन्न राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाएँ शामिल रही हैं।
📚 Useful For: UPSC Prelims | BPSC | SSC CGL | SSC CHSL | Railway | Banking | State PCS | Other Competitive Exams
🎯 उद्देश्य: Practice → Revise → Understand → Improve Accuracy → Score Better
September 2026 Current Affairs MCQs Part 3