September 2026 Current Affairs MCQs Part 2 in Hindi

September 2026 Current Affairs MCQs Part 2

September 2026 Current Affairs MCQs Part 2

26. भारत ने किस देश के साथ जैवलिन एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) की खरीद के लिए हाल ही में समझौता किया है?
(A) फ्रांस
(B) रूस
(C) जापान
(D) सं. रा. अमेरिका

Correct Answer: (A) लगभग 60 जेवलिन एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलें

Explanation:
भारत और अमेरिका ने भारतीय सेना के लिए लगभग 60 जेवलिन एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों (ATGM) की खरीद के लिए ₹292 करोड़ के सरकारी-से-सरकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह खरीद अमेरिकी Foreign Military Sales (FMS) मार्ग के माध्यम से की गई है और इसके लिए भारतीय सेना ने Letter of Offer and Acceptance (LOA) पर हस्ताक्षर किए हैं।

FGM-148 Javelin एक मानव-पोर्टेबल, कंधे से दागी जाने वाली, मध्यम दूरी की fire-and-forget एंटी-टैंक मिसाइल प्रणाली है। इसका उपयोग मुख्य रूप से टैंकों और अन्य बख्तरबंद लक्ष्यों के विरुद्ध किया जाता है। मिसाइल प्रणाली में एक पुनः प्रयोज्य Command Launch Unit (CLU) और डिस्पोजेबल लॉन्च ट्यूब में रखी मिसाइल शामिल होती है। इसका प्रभावी परिचालन क्षेत्र सामान्यतः लगभग 65 मीटर से 4 किलोमीटर तक बताया जाता है।

27. मिशन रंगीन मछली 2031 हाल ही में कहां पर शुरू हुआ है?
(A) चंडीगढ़
(B) लक्षदीप
(C) वाराणसी
(D) लद्दाख

Correct Answer: (B) लक्षद्वीप

Explanation:
भारत सरकार ने 31 अगस्त 2026 को लक्षद्वीप के अगत्ती (Agatti) द्वीप में ‘मिशन रंगीन मछली 2031’ (Mission Rangin Machhli 2031) का शुभारंभ किया। इस रणनीतिक कार्ययोजना का शुभारंभ भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने किया।

मिशन का मुख्य उद्देश्य भारत के सजावटी मत्स्य पालन (Ornamental Fisheries) क्षेत्र को अधिक वैज्ञानिक, संगठित, टिकाऊ और बाजार-केंद्रित बनाना है। इसके अंतर्गत सजावटी मछलियों के पालन, प्रजनन, स्वास्थ्य प्रबंधन, परिवहन और व्यापार से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित करने पर जोर दिया गया है।

मिशन के तहत वैज्ञानिक प्रबंधन, जैव-सुरक्षा (Biosecurity), गुणवत्ता मानकों और नियामक अनुपालन के लिए एक समान ढाँचा विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। स्वास्थ्य प्रबंधन, मछलियों के सुरक्षित परिवहन और व्यापार के लिए Standard Operating Procedures (SOPs) तैयार करने पर भी जोर है।

इसका एक महत्वपूर्ण उद्देश्य सजावटी मत्स्य पालन की पूरी मूल्य श्रृंखला (Value Chain) को मजबूत करना है, जिसमें प्रजनन, हैचरी, पालन, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रमाणन, परिवहन और बाजार तक पहुँच शामिल है। इससे मछली किसानों और इस क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारकों की क्षमता निर्माण तथा घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच को बढ़ावा देने की उम्मीद है।

लक्षद्वीप का व्यापक मत्स्य क्षेत्र से संबंध:
मिशन के साथ लक्षद्वीप में समुद्री शैवाल (Seaweed) की खेती, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और बाजार संपर्क को बढ़ावा देने के लिए क्लस्टर-आधारित दृष्टिकोण पर भी जोर दिया जा रहा है। लक्षद्वीप को समुद्री शैवाल के लिए एक समर्पित क्लस्टर के रूप में विकसित करने की पहल व्यापक मत्स्य क्षेत्र की मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने से जुड़ी है।

Exam Point: Mission Rangin Machhli 2031 → Ornamental FisheriesAgatti, Lakshadweep31 August 2026Vice-President C. P. Radhakrishnan.

Source: Mission Rangin Machhli 2031

28. राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के संयुक्त सचिव के रूप में हाल ही में किसे नियुक्त किया गया है?
(A) विकास श्रीवास्तव
(B) अनुज देसाई
(C) विशाल अग्निहोत्री
(D) अंशुमन शर्मा

Correct Answer: (D) अंशुमान शर्मा

Explanation:
अंशुमान शर्मा (Anshuman Sharma), 2005 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS–Income Tax) अधिकारी को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) में संयुक्त सचिव (Joint Secretary) नियुक्त किया गया है। नियुक्ति को Appointments Committee of the Cabinet (ACC) ने मंजूरी दी है। उन्हें पाँच वर्ष की अवधि के लिए या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, नियुक्त किया गया है।

यह नियुक्ति NTA में चल रहे संस्थागत एवं प्रशासनिक सुधार का हिस्सा है। उनके पद के लिए NTA में एक रिक्त Deputy Secretary/Director-level post को प्रारंभिक रूप से दो वर्ष के लिए Joint Secretary level तक अस्थायी रूप से अपग्रेड किया गया है।

हालिया पुनर्गठन के दौरान NTA में विभिन्न सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्तियाँ की गई हैं। इनमें IRS, IAS और IPS अधिकारियों को Director, Joint Director और Joint Secretary स्तर के पदों पर शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य परीक्षा संचालन में प्रशासनिक क्षमता, जवाबदेही, पारदर्शिता और परीक्षा-प्रबंधन को मजबूत करना है।

NTA के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य:
पूरा नाम: National Testing Agency (राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी)
स्थापना: 2017 में केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद स्थापित
प्रशासनिक नियंत्रण: शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग (Department of Higher Education) के अंतर्गत स्वायत्त संगठन
मुख्यालय: नई दिल्ली
मुख्य उद्देश्य: उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश एवं छात्रवृत्ति/फेलोशिप से संबंधित राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं का वैज्ञानिक एवं मानकीकृत तरीके से संचालन
• NTA द्वारा आयोजित प्रमुख परीक्षाओं में JEE (Main), NEET (UG), CUET (UG), CUET (PG), UGC-NET, CSIR-UGC NET, CMAT और अन्य परीक्षाएँ शामिल हैं।

परीक्षा-सुधार का संदर्भ:
NTA को मजबूत करने के लिए सरकार ने स्थायी मानव संसाधन, प्रशासनिक संरचना, परीक्षा सुरक्षा और तकनीकी क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया है। के. राधाकृष्णन समिति ने भी NTA की संस्थागत क्षमता और स्थायी मानव संसाधन को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया था। हालिया नियुक्तियाँ इसी व्यापक पुनर्गठन प्रक्रिया के संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं।

Exam Point:
Anshuman Sharma → IRS (Income Tax), 2005 Batch → Joint Secretary, NTA → Department of Higher Education → Five-year tenure.

29. भारत की पहली ओजोन आधारित ‘पेयजल उपचार परियोजना’ की शुरूआत की किस राज्य सरकार द्वारा की गयी है?
(A) हिमाचल प्रदेश
(B) कर्नाटक
(C) गुजरात
(D) राजस्थान

Correct Answer: (A) हिमाचल प्रदेश

Explanation:
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिले के देहरा में राज्य की पहली ओजोन-आधारित पेयजल उपचार परियोजना स्थापित करने की घोषणा की है। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग ₹46 करोड़ है और इसका उद्देश्य लोगों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है।

इस परियोजना में जल के कीटाणुशोधन (Disinfection) के लिए ओजोन गैस (O₃) का उपयोग किया जाएगा। ओजोन एक शक्तिशाली ऑक्सीकरणकारी पदार्थ है, जो जल में मौजूद कई प्रकार के बैक्टीरिया, वायरस और अन्य सूक्ष्मजीवों को निष्क्रिय करने में प्रभावी होता है।

ओजोन उपचार का एक महत्वपूर्ण लाभ यह है कि यह पारंपरिक क्लोरीनीकरण की तुलना में जल के स्वाद और गंध को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है। उपचार प्रक्रिया में ओजोन जल में मौजूद कार्बनिक पदार्थों तथा कुछ प्रदूषकों के ऑक्सीकरण में भी सहायक हो सकता है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, देहरा में स्थापित होने वाली यह परियोजना हिमाचल प्रदेश की पहली ओजोन-आधारित पेयजल उपचार परियोजना होगी। भविष्य में राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार की परियोजनाएँ स्थापित करने की योजना बताई गई है।

देहरा और कांगड़ा से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य:
देहरा कांगड़ा जिले में स्थित है।
• कांगड़ा हिमाचल प्रदेश के प्रमुख जिलों में से एक है और राज्य में पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
• देहरा क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति को मजबूत करने के लिए अन्य जल परियोजनाएँ भी संचालित की जा रही हैं।
• कांगड़ा जिले में ग्रामीण पेयजल योजनाओं के विकेंद्रीकृत प्रबंधन को मजबूत करने के लिए ग्राम पंचायतों की भूमिका भी बढ़ाई जा रही है।

ओजोन जल उपचार — Exam Point:
Ozone (O₃) → शक्तिशाली ऑक्सीकरणकारी पदार्थ → जल कीटाणुशोधन → सूक्ष्मजीवों को निष्क्रिय करने में प्रभावी → स्वाद एवं गंध में सुधार की संभावना।

Quick Revision:
राज्य: हिमाचल प्रदेश
जिला: कांगड़ा
स्थान: देहरा
परियोजना: पहली ओजोन-आधारित पेयजल उपचार परियोजना
अनुमानित लागत: ₹46 करोड़
मुख्यमंत्री: सुखविंदर सिंह सुक्खू

Source: Dehra Ozone-Based Drinking Water Project

30. मिस वर्ल्ड 2026 का खिताब हाल ही में किसने जीता है?
(A) तानुसिया चेट्टी
(B) निकिता पोरवाल
(C) एलिजाबेथ रेयनेस
(D) जोहेरी मोल डोमिंग्विज

Correct Answer: (D) जोहेइरी मोला डोमिंगुएज़ (Joheirry Mola Dominguez)

Explanation:
डोमिनिकन रिपब्लिक की जोहेइरी मोला डोमिंगुएज़ (Joheirry Mola Dominguez) ने Miss World 2026 का खिताब जीता। उन्हें 5 सितंबर 2026 को वियतनाम के न्हा ट्रांग (Nha Trang) में आयोजित भव्य फाइनल में ताज पहनाया गया। यह Miss World की 73वीं संस्करण और प्रतियोगिता की 75वीं वर्षगांठ का विशेष आयोजन था। आधिकारिक Miss World के अनुसार फाइनल में 111 राष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

जोहेइरी मोला ने स्पेन की Elisabeth Reynés को पीछे छोड़ते हुए खिताब जीता, जबकि मलेशिया की Taanusiya Chetty को Second Runner-up घोषित किया गया। उन्होंने थाईलैंड की Opal Suchata Chuangsri का स्थान लिया, जो Miss World 2025 थीं।

जोहेइरी मोला के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य:
• वे शिक्षिका, पत्रकार/न्यूज़ कॉरेस्पॉन्डेंट और कम्युनिटी एडवोकेट हैं।
• उन्होंने Universidad Iberoamericana से Business Management and Administration में डिग्री प्राप्त की है।
• वे Voices of Tomorrow की संस्थापक और अध्यक्ष हैं।
• उनका सामाजिक कार्य विशेष रूप से कमजोर समुदायों के बच्चों और युवाओं को English-language education उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।

Beauty With a Purpose:
Miss World प्रतियोगिता में Beauty With a Purpose एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल है। जोहेइरी मोला का प्रोजेक्ट कमजोर समुदायों के बच्चों के लिए अंग्रेजी शिक्षा के अवसर बढ़ाने पर केंद्रित है। फाइनल के दौरान उन्होंने अंग्रेजी भाषा को बच्चों के लिए नए अवसरों तक पहुँच बनाने वाले माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया।

डोमिनिकन रिपब्लिक के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि:
जोहेइरी मोला की जीत डोमिनिकन रिपब्लिक का दूसरा Miss World खिताब है। इससे पहले Mariasela Álvarez ने 1982 में देश के लिए पहला Miss World खिताब जीता था। इस प्रकार 2026 की जीत के साथ डोमिनिकन रिपब्लिक ने लगभग 44 वर्ष बाद दूसरी बार यह ताज जीता।

Miss World 2026 — Quick Revision:
विजेता: Joheirry Mola Dominguez
देश: Dominican Republic
फाइनल: 5 सितंबर 2026
स्थान: Nha Trang, Vietnam
First Runner-up: Elisabeth Reynés — Spain
Second Runner-up: Taanusiya Chetty — Malaysia
पिछली विजेता: Opal Suchata Chuangsri — Thailand
प्रतिभागी: 111 राष्ट्रीय प्रतिनिधि
विशेष अवसर: Miss World की 75वीं वर्षगांठ
भारत: Nikita Porwal ने भारत का प्रतिनिधित्व किया और Top 40 में जगह बनाई।

Exam Point:
Miss World 2026 → Joheirry Mola Dominguez → Dominican Republic → Nha Trang, Vietnam → 5 September 2026.

31. भारत और किस देश के मध्य ‘युद्ध अभ्यास-2026’ का आयोजन किया गया है ?
(A) भूटान
(B) श्रीलंका
(C) नेपाल
(D) सं. रा. अमेरिका

Correct Answer: (D) संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)

Explanation:
भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका की सेनाओं के बीच ‘युद्ध अभ्यास-2026 (Yudh Abhyas 2026)’ का 22वाँ संस्करण 15 सितंबर 2026 को शुरू हुआ। उद्घाटन समारोह औली फॉरेन ट्रेनिंग नोड, उत्तराखंड में आयोजित किया गया। यह अभ्यास एक साथ औली और राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित किया जा रहा है।

इस संस्करण में दोनों देशों के लगभग 600-600 सैन्यकर्मी, अर्थात कुल लगभग 1,200 personnel, भाग ले रहे हैं। भारतीय पक्ष का नेतृत्व मेजर जनरल अमरेश गुंजन, GOC, 14 Infantry Division द्वारा किया गया, जबकि अमेरिकी पक्ष का प्रतिनिधित्व कर्नल बेंजामिन जैकमैन, Commander, 1st Infantry Brigade Combat Team, 11th Airborne Division, U.S. Army ने किया।

अभ्यास के प्रमुख उद्देश्य:
• पर्वतीय और अर्ध-पर्वतीय क्षेत्रों में संयुक्त सैन्य अभियानों की क्षमता बढ़ाना।
Integrated Battle Groups (IBGs) के रोजगार और infantry-dominated operations का अभ्यास करना।
• दोनों सेनाओं के बीच interoperability और संयुक्त planning तथा execution को मजबूत करना।
• दोनों सेनाओं की Tactics, Techniques and Procedures (TTPs) का आदान-प्रदान करना।
• विभिन्न भौगोलिक एवं operational environments में coordinated military operations की क्षमता विकसित करना।

Technology Infusion:
Yudh Abhyas 2026 में आधुनिक तकनीक को विशेष महत्व दिया गया है। सैनिक drones और autonomous systems का उपयोग surveillance और reconnaissance के लिए कर रहे हैं। दोनों सेनाओं के Subject Matter Experts emerging technologies तथा multi-domain warfare पर विचार-विमर्श भी कर रहे हैं। महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आधुनिक weapon systems का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।

औली में अभ्यास के दौरान counter-terrorism और close-quarter operations से संबंधित प्रशिक्षण भी किया गया, जिसमें drones, robotic dogs, trained canines और sniper teams जैसी क्षमताओं का इस्तेमाल किया गया। इससे मानव बल और आधुनिक unmanned technologies के संयुक्त उपयोग पर जोर स्पष्ट होता है।

दो अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों का महत्व:
औली, उत्तराखंड: उच्च हिमालयी क्षेत्र में mountain warfare, high-altitude operations और cold-weather conditions के अनुरूप प्रशिक्षण।

महाजन फील्ड फायरिंग रेंज, राजस्थान: रेगिस्तानी/अर्ध-शुष्क परिस्थितियों में field training, firing exercises तथा आधुनिक weapon systems के प्रदर्शन और tactical integration पर जोर।

इस प्रकार एक ही अभ्यास में पर्वतीय और रेगिस्तानी परिस्थितियों में प्रशिक्षण से दोनों सेनाओं को अलग-अलग terrain और operational environments में interoperability विकसित करने का अवसर मिलता है।

Yudh Abhyas के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य:
अभ्यास: Yudh Abhyas
भाग लेने वाले देश: भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका
सेनाएँ: Indian Army और U.S. Army
2026 संस्करण: 22वाँ
उद्घाटन: 15 सितंबर 2026
मुख्य स्थान: Auli Foreign Training Node, Uttarakhand तथा Mahajan Field Firing Range, Rajasthan
भागीदारी: लगभग 600 सैनिक प्रत्येक देश से
मुख्य फोकस: Integrated Battle Groups, mountain warfare, infantry operations, drones, autonomous systems और multi-domain warfare
प्रकृति: द्विपक्षीय (Bilateral) सैन्य अभ्यास

भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों से संबंधित तथ्य:
भारत और अमेरिका के बीच नियमित रूप से कई सैन्य अभ्यास आयोजित किए जाते हैं। Army-to-Army स्तर पर Yudh Abhyas, Navy स्तर पर Malabar और Air Force स्तर पर Cope India जैसे अभ्यास दोनों देशों के बीच operational cooperation और interoperability को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों के संदर्भ में LEMOA (2016), COMCASA (2018) और BECA (2020) जैसे समझौते भी महत्वपूर्ण हैं। अमेरिका ने भारत को Major Defense Partner का दर्जा 2016 में दिया था।

Exam Point:
Yudh Abhyas 2026 → India + USA → 22nd Edition → Auli, Uttarakhand + Mahajan Field Firing Range, Rajasthan → Integrated Battle Groups + Mountain/Semi-Mountain Operations + Drones & Autonomous Systems.

Source: Press Information Bureau – Yudh Abhyas 2026

32. US ओपन 2026 में महिला एकल का खिताब हाल ही में किसने जीता है?
(A) कोको गॉफ
(B) आर्यना सबालेंका
(C) इगा स्वियाटेक
(D) एलेना रायबाकिना

Correct Answer: (D) एलेना रायबाकिना (Elena Rybakina)

Explanation:
कजाकिस्तान की एलेना रायबाकिना (Elena Rybakina) ने US Open 2026 में महिला एकल (Women’s Singles) का खिताब जीता। उन्होंने फाइनल में बेलारूस की आर्यना सबालेंका (Aryna Sabalenka) को 6-4, 5-7, 6-2 से हराया। यह रायबाकिना का पहला US Open खिताब और करियर का तीसरा Grand Slam singles title है।

महिला एकल का फाइनल 12 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क स्थित Arthur Ashe Stadium में खेला गया। रायबाकिना इस टूर्नामेंट में No. 2 seed थीं, जबकि सबालेंका top seed और दो बार की defending champion थीं।

इस जीत से रायबाकिना ने 2026 में अपना दूसरा Grand Slam जीता। इससे पहले उन्होंने 2026 Australian Open के फाइनल में भी सबालेंका को हराकर खिताब जीता था। उनका पहला Grand Slam खिताब 2022 Wimbledon Championships में आया था। इस प्रकार US Open 2026 की जीत उनका तीसरा Grand Slam singles title है।

विश्व नंबर 1:
US Open 2026 जीतने के साथ रायबाकिना ने WTA rankings में विश्व नंबर 1 स्थान हासिल किया। उन्होंने आर्यना सबालेंका को शीर्ष स्थान से हटाया, जो इससे पहले लगातार 99 सप्ताह तक World No. 1 रही थीं। नई ranking सोमवार को आधिकारिक रूप से लागू हुई।

फाइनल तक का सफर:
सेमीफाइनल में रायबाकिना ने अमेरिका की Coco Gauff को 3-6, 6-4, 6-4 से हराया। दूसरी ओर, सबालेंका ने अमेरिका की Jessica Pegula को 7-5, 6-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।

Sabalenka–Rybakina Rivalry:
US Open 2026 का फाइनल इन दोनों खिलाड़ियों के बीच 2026 Australian Open final का पुनर्मुकाबला भी था। US Open फाइनल से पहले दोनों के बीच 17 career meetings हो चुकी थीं, जिसमें सबालेंका को 10-7 की बढ़त प्राप्त थी। Grand Slam finals में भी दोनों के बीच मुकाबले हुए हैं—2023 Australian Open final में सबालेंका जीती थीं, जबकि 2026 Australian Open final में रायबाकिना विजेता बनीं।

एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड:
सबालेंका US Open में लगातार तीसरा खिताब जीतने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने 2024 और 2025 में लगातार दो US Open women’s singles titles जीते थे। रायबाकिना की जीत ने उनकी संभावित three-peat की कोशिश को रोक दिया।

रायबाकिना की US Open 2026 जीत का महत्व:
• पहला US Open women’s singles title
• करियर का तीसरा Grand Slam singles title
• 2026 का दूसरा Grand Slam title
• Australian Open 2026 के बाद उसी वर्ष दूसरा major।
• WTA ranking में World No. 1 बनने की उपलब्धि।
• Sabalenka के लगातार तीसरे US Open title की संभावना समाप्त हुई।

2026 US Open Women’s Singles — Quick Revision:
विजेता: Elena Rybakina
देश: Kazakhstan
Runner-up: Aryna Sabalenka — Belarus
फाइनल स्कोर: 6-4, 5-7, 6-2
फाइनल की तारीख: 12 सितंबर 2026
स्थान: Arthur Ashe Stadium, New York
Rybakina Seed: No. 2
Sabalenka Seed: No. 1
Rybakina Grand Slam titles after US Open 2026: 3
2022 Wimbledon: Rybakina’s first Grand Slam title
2026 Australian Open: Rybakina’s second Grand Slam title
2026 US Open: Rybakina’s third Grand Slam title
नई World No. 1: Elena Rybakina

Exam Point:
US Open 2026 Women’s Singles → Elena Rybakina → Kazakhstan → defeated Aryna Sabalenka → 6-4, 5-7, 6-2 → first US Open title → third Grand Slam title → World No. 1.

33. हाल ही में जारी ‘चुनावी लोकतंत्र सूचकांक 2026’ में भारत कौन से स्थान पर रहा है?
(A) 97वें
(B) 106वें
(C) 38वें
(D) 156वें

Correct Answer: (B) 106वें

Explanation:
V-Dem Democracy Report 2026 के अनुसार, वर्ष 2025 के आंकड़ों पर आधारित Electoral Democracy Index (EDI) में भारत को 179 देशों में 106वाँ स्थान प्राप्त हुआ। भारत का EDI स्कोर 0.38 रहा। यह रैंकिंग V-Dem Institute द्वारा प्रकाशित Democracy Report 2026 का हिस्सा है।

V-Dem का पूरा नाम Varieties of Democracy है। यह University of Gothenburg, Sweden से संबद्ध V-Dem Institute द्वारा संचालित एक व्यापक लोकतंत्र-अध्ययन परियोजना है। V-Dem लोकतंत्र को केवल चुनावों तक सीमित नहीं मानता, बल्कि इसे विभिन्न आयामों में मापता है। इसके डेटासेट में सैकड़ों indicators और कई democracy indices शामिल हैं।

V-Dem के लोकतंत्र के पाँच प्रमुख आयाम:
1. Electoral Democracy — स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव, सार्वभौमिक मताधिकार, अभिव्यक्ति और संगठन की स्वतंत्रता तथा राजनीतिक विकल्पों की उपलब्धता।
2. Liberal Democracy — व्यक्तिगत स्वतंत्रता, कानून का शासन, न्यायिक एवं संस्थागत नियंत्रण तथा कार्यपालिका पर संवैधानिक checks and balances।
3. Participatory Democracy — नागरिकों की प्रत्यक्ष एवं संगठित राजनीतिक भागीदारी।
4. Deliberative Democracy — सार्वजनिक तर्क, संवाद और विभिन्न दृष्टिकोणों पर विचार करते हुए राजनीतिक निर्णय लेने की प्रक्रिया।
5. Egalitarian Democracy — विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच राजनीतिक अधिकार, संसाधनों और प्रभाव में समानता।

भारत की V-Dem 2026 स्थिति:
Electoral Democracy Index (EDI): 106वाँ स्थान; स्कोर 0.38
Liberal Democracy Index (LDI): 105वाँ स्थान; स्कोर 0.26
Liberal Component Index (LCI): 99वाँ स्थान; स्कोर 0.58
Egalitarian Component Index (ECI): 138वाँ स्थान; स्कोर 0.41
Participatory Component Index (PCI): 83वाँ स्थान; स्कोर 0.54
Deliberative Component Index (DCI): 100वाँ स्थान; स्कोर 0.57

V-Dem की 2026 रिपोर्ट में भारत को उसकी अपनी वर्गीकरण-पद्धति के अनुसार “Electoral Autocracy” श्रेणी में रखा गया है। यह V-Dem का descriptive classification है और इसे अन्य लोकतंत्र सूचकांकों या संवैधानिक रूप से निर्धारित भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था के समान नहीं समझना चाहिए।

भारत के संदर्भ में रिपोर्ट का महत्वपूर्ण तथ्य:
V-Dem के 2026 आंकड़ों में भारत का EDI score 0.38 दर्ज किया गया। रिपोर्ट की समय-सीमा के अनुसार यह 2025 के देश-वर्ष डेटा को दर्शाता है; इसलिए इसे 2026 में भारत की किसी नई चुनावी घटना का प्रत्यक्ष माप नहीं समझना चाहिए।

वैश्विक संदर्भ:
V-Dem Democracy Report 2026 के अनुसार लोकतंत्र में वैश्विक स्तर पर गिरावट की प्रवृत्ति जारी रही। रिपोर्ट में 2025 के लिए दुनिया के विभिन्न देशों में democratic backsliding और autocratization का विश्लेषण किया गया है। V-Dem के अनुसार उत्तरी यूरोप के Denmark, Sweden और Norway उच्च लोकतांत्रिक स्कोर वाले देशों में शामिल हैं।

V-Dem Dataset से संबंधित तथ्य:
V-Dem का Version 16 डेटासेट मार्च 2026 में प्रकाशित हुआ। इसके Country-Year Core dataset में 5 high-level democracy indices, 93 sub-indices और 179 constituent indicators शामिल हैं। पूर्ण Country-Year dataset में 531 V-Dem indicators और 251 indices उपलब्ध हैं।

V-Dem क्यों महत्वपूर्ण है?
V-Dem का महत्व इसलिए है क्योंकि यह लोकतंत्र को केवल चुनाव होने या न होने के आधार पर नहीं मापता। यह चुनावी प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, संगठन की स्वतंत्रता, नागरिक भागीदारी, deliberation, equality, rule of law और institutional constraints जैसे अनेक पहलुओं को अलग-अलग indicators के माध्यम से मापता है।

UPSC Exam Point:
V-Dem Democracy Report 2026 → India → EDI Rank 106/179 → Score 0.38 → Data Year 2025 → LDI Rank 105 → V-Dem Institute, University of Gothenburg, Sweden.

Source: V-Dem Institute – Democracy Report 2026  |  V-Dem Dataset

34. भारत के पहले ‘कार्बन गार्डन’ का उद्घाटन हाल ही में कहां हुआ है?
(A) IIT कानपुर
(B) दिल्ली विश्वविद्यालय
(C) अलीगढ़ विश्वविद्यालय
(D) BHU

Correct Answer: (B) दिल्ली विश्वविद्यालय (DU)

Explanation:
दिल्ली विश्वविद्यालय (University of Delhi) ने अपने वनस्पति विज्ञान विभाग (Department of Botany) में भारत का पहला Carbon Garden स्थापित किया है। विश्वविद्यालय के अनुसार, इसे शहरी क्षेत्रों में वायु एवं मृदा प्रदूषण को कम करने, कार्बन अवशोषण और जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए एक Urban Ecosystem Services Model के रूप में विकसित किया गया है।

यह Carbon Garden लगभग 2,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला है और इसे एक Mini Biodiversity Park के रूप में विकसित किया गया है। सितंबर 2026 में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने इसका औपचारिक उद्घाटन किया और इस अवसर पर एक कल्पवृक्ष (Kalpavriksha) का पौधा भी लगाया।

Carbon Garden की प्रमुख विशेषताएँ:
• इसमें लगभग 50 प्रजातियों के पौधे शामिल हैं, जिनमें जड़ी-बूटियाँ (Herbs), झाड़ियाँ (Shrubs) और पेड़ (Trees) शामिल हैं।
• इसमें केवल पौधे ही नहीं, बल्कि Algae, Fungi, Bacteria, Bryophytes, Pteridophytes, Gymnosperms और Angiosperms जैसे विभिन्न जीवन-रूप भी शामिल हैं।
• उद्यान में Spirulina (Arthrospira) जैसे सूक्ष्मजीवी/शैवाल जीवन-रूप भी मौजूद हैं।
• इसमें एक Algae Pond भी विकसित किया गया है।
• पौधे और सूक्ष्मजीव वातावरण से Carbon Dioxide (CO₂) तथा कुछ प्रदूषकों को अवशोषित/परिवर्तित करने में भूमिका निभाते हैं।
• पेड़ों की छाल (Tree Bark) पर मौजूद सूक्ष्मजीव कुछ गैसों और Volatile Organic Compounds (VOCs) के अपघटन में भूमिका निभा सकते हैं।

Carbon Garden कैसे काम करता है?
Carbon Garden का मूल विचार पौधों और सूक्ष्मजीवों की प्राकृतिक जैव-रासायनिक प्रक्रियाओं का उपयोग करना है। पौधे प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) के माध्यम से CO₂ का अवशोषण करते हैं और कार्बन को जैविक पदार्थ के रूप में संचित करते हैं। वहीं मिट्टी, पौधों की जड़ों और पेड़ों की छाल में मौजूद सूक्ष्मजीव विभिन्न जैव-भूरासायनिक प्रक्रियाओं के माध्यम से प्रदूषकों के अपघटन में योगदान कर सकते हैं।

विश्वविद्यालय के अनुसार, पेड़ों की छाल पर मौजूद माइक्रोबियल समुदाय विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। लगभग 1 वर्ग मीटर पेड़ की छाल पर लगभग 6 ट्रिलियन माइक्रोबियल कोशिकाएँ हो सकती हैं, जो कुछ गैसों जैसे methane, carbon monoxide और अन्य volatile compounds के साथ अंतःक्रिया कर सकती हैं।

जैव विविधता का महत्व:
यह पहल केवल Carbon Sequestration तक सीमित नहीं है। विभिन्न प्रकार के पौधों और सूक्ष्मजीवों को एक ही छोटे शहरी क्षेत्र में शामिल करके इसे एक living biodiversity laboratory की तरह विकसित किया गया है। इससे विद्यार्थियों को ecology, botany, microbiology, carbon cycling और urban environmental management का व्यावहारिक अध्ययन करने का अवसर मिलता है।

शहरी पर्यावरण के लिए महत्व:
दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहरों में छोटे-छोटे हरित क्षेत्रों को वैज्ञानिक तरीके से विकसित करना urban biodiversity, soil health, carbon sequestration और environmental education में योगदान कर सकता है। DU ने अपने अन्य विभागों और कॉलेजों में भी इसी प्रकार के Carbon Gardens विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

Carbon Garden और सामान्य पार्क में अंतर:
सामान्य पार्क का प्रमुख उद्देश्य हरित क्षेत्र, मनोरंजन और सौंदर्य प्रदान करना होता है, जबकि Carbon Garden को विशेष रूप से ecosystem services को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाता है। इसमें पौधों के साथ soil microbes, algae, fungi और अन्य microorganisms की भूमिका को भी पर्यावरणीय कार्यों का हिस्सा माना जाता है।

पर्यावरणीय महत्व:
Carbon sequestration को बढ़ावा देना।
• शहरी जैव विविधता का संरक्षण।
• वायु प्रदूषकों के प्राकृतिक अवशोषण/अपघटन में सहायता।
• मृदा की जैविक गुणवत्ता और microbial activity को बढ़ावा देना।
• विद्यार्थियों के लिए living laboratory उपलब्ध कराना।
• सतत शहरी विकास और Nature-based Solutions की अवधारणा को प्रोत्साहित करना।

दिल्ली विश्वविद्यालय से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य:
स्थापना: 1922
प्रकार: केंद्रीय विश्वविद्यालय (Central University)
स्थान: नई दिल्ली
Carbon Garden: Department of Botany, North Campus
क्षेत्रफल: लगभग 2,000 वर्ग फुट
पौधों की विविधता: लगभग 50 प्रजातियाँ
प्रकृति: Mini Biodiversity Park / Urban Ecosystem Services Model

Quick Revision:
भारत का पहला Carbon Garden → दिल्ली विश्वविद्यालय → Department of Botany → लगभग 2,000 sq. ft. → लगभग 50 plant species → Mini Biodiversity Park → Air & Soil Pollution + Biodiversity.

Source: University of Delhi – Department of Botany: Carbon Garden

35. संघाई सहयोग संगठन की तीसरी आधिकारिक भाषा के रूप में किसे शामिल किया गया है?
(A) हिंदी
(B) उर्दू
(C) अरबी
(D) अंग्रेजी

Correct Answer: (D) अंग्रेज़ी

Explanation:

शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation—SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में अंग्रेज़ी को संगठन के चार्टर में आधिकारिक भाषा के रूप में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। यह शिखर सम्मेलन 1 सितंबर 2026 को बिश्केक, किर्गिस्तान में आयोजित किया गया था और यह SCO की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित हुआ।

SCO के मूल चार्टर के अनुच्छेद 20 के अनुसार पहले चीनी और रूसी संगठन की आधिकारिक एवं कार्यकारी भाषाएँ थीं। 2026 के बिश्केक शिखर सम्मेलन में चार्टर में संशोधन एवं परिवर्धन के लिए एक प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए गए और भारत की पहल से अंग्रेज़ी को SCO के संस्थागत ढाँचे में शामिल करने का निर्णय प्रमुख परिणामों में रहा।

अंग्रेज़ी को शामिल करने की भारत की मांग नई नहीं है। भारत लंबे समय से तर्क देता रहा है कि अंग्रेज़ी को तीसरी आधिकारिक भाषा का दर्जा मिलने से SCO के सदस्य देशों के बीच संचार, संवाद और व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहभागिता को बढ़ावा मिल सकता है।

26वें SCO शिखर सम्मेलन, 2026 के महत्वपूर्ण तथ्य:

  • स्थान: बिश्केक, किर्गिस्तान।
  • तिथि: 1 सितंबर 2026।
  • अध्यक्षता: किर्गिस्तान ने 2025–26 में SCO की अध्यक्षता की।
  • अगली अध्यक्षता: 2026–27 के लिए अध्यक्षता पाकिस्तान को सौंपी गई।
  • 25वीं वर्षगांठ: 2026 में SCO की स्थापना के 25 वर्ष पूरे हुए।
  • मुख्य दस्तावेज: बिश्केक घोषणा (Bishkek Declaration)।
  • शिखर सम्मेलन में SCO चार्टर में संशोधन एवं परिवर्धन से संबंधित प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए गए।
  • जलवायु परिवर्तन, परमाणु सुरक्षा, ऊर्जा संरक्षण, मादक पदार्थों के विरुद्ध सहयोग तथा क्षेत्रीय सुरक्षा सहित कई विषयों पर निर्णय एवं वक्तव्य अपनाए गए।
  • भारत की प्रमुख पहलों में SCO Civilization Dialogue Forum, Young Scientist Forum और Young Author’s Conclave शामिल रहे।

SCO के बारे में परीक्षा-उपयोगी तथ्य:

  • स्थापना: 15 जून 2001।
  • मुख्यालय/सचिवालय: बीजिंग, चीन।
  • क्षेत्रीय आतंकवाद-रोधी संरचना (RATS): ताशकंद, उज़्बेकिस्तान।
  • वर्तमान पूर्ण सदस्य: 10 — चीन, रूस, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, भारत, पाकिस्तान, ईरान और बेलारूस।
  • भारत और पाकिस्तान: 2017 में पूर्ण सदस्य बने।
  • ईरान: 2023 में पूर्ण सदस्य बना।
  • बेलारूस: 2024 में पूर्ण सदस्य बना।
  • SCO का प्रारंभिक आधार Shanghai Five था, जिसमें चीन, रूस, कजाखस्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान शामिल थे।
  • उज़्बेकिस्तान के शामिल होने के बाद 2001 में संगठन का विस्तार होकर SCO का गठन हुआ।
  • SCO को आधिकारिक रूप से एक सैन्य गठबंधन (Military Alliance) नहीं माना जाता; इसका सहयोग सुरक्षा, आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक और मानवीय क्षेत्रों तक विस्तृत है।

विशेष परीक्षा बिंदु: SCO की भाषाओं से संबंधित प्रश्न में पुराने स्रोतों के आधार पर केवल चीनी और रूसी को उत्तर न मानें। सितंबर 2026 के बिश्केक शिखर सम्मेलन के बाद अंग्रेज़ी को SCO के चार्टर में आधिकारिक भाषा के रूप में शामिल करने का निर्णय समसामयिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

Source: Prime Minister of India — 26th SCO Summit, Bishkek | Shanghai Cooperation Organisation — 26th SCO Summit

36. विश्व ओजोन दिवस किस तिथि को मनाया जाता है?
(A) 14 सितम्बर
(B) 16 दिसम्बर
(C) 14 दिसम्बर
(D) 16 सितम्बर

Correct Answer: (D) 16 सितंबर

Explanation:

प्रत्येक वर्ष 16 सितंबर को विश्व ओजोन दिवस (World Ozone Day), जिसे आधिकारिक रूप से International Day for the Preservation of the Ozone Layer कहा जाता है, मनाया जाता है। इसका उद्देश्य ओजोन परत के संरक्षण, ओजोन-क्षयकारी पदार्थों (Ozone-Depleting Substances—ODS) के नियंत्रण तथा पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर इसके महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 19 दिसंबर 1994 को प्रस्ताव A/RES/49/114 के माध्यम से 16 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित किया। यह तिथि 16 सितंबर 1987 को मॉन्ट्रियल में Montreal Protocol on Substances that Deplete the Ozone Layer पर हस्ताक्षर किए जाने की स्मृति में चुनी गई थी। इस दिवस का आधिकारिक आयोजन 1995 से शुरू हुआ।

ओजोन परत मुख्यतः समतापमंडल (Stratosphere) में पाई जाती है और सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) विकिरण, विशेष रूप से UV-B, को अवशोषित करके पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

विश्व ओजोन दिवस 2026 के महत्वपूर्ण तथ्य:

  • तिथि: 16 सितंबर 2026।
  • 2026 की थीम: “Global Action for a Cooler Planet” (एक ठंडे/शीतल ग्रह के लिए वैश्विक कार्रवाई)।
  • 2026 में Kigali Amendment को अपनाए जाने के 10 वर्ष पूरे हुए।
  • 2026 की थीम ओजोन संरक्षण के साथ-साथ sustainable cooling और जलवायु परिवर्तन से निपटने पर भी जोर देती है।
  • Kigali Amendment का प्रमुख उद्देश्य शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैसों Hydrofluorocarbons (HFCs) के उत्पादन और खपत को चरणबद्ध रूप से कम करना है।

Montreal Protocol से संबंधित परीक्षा-उपयोगी तथ्य:

  • Montreal Protocol: 16 सितंबर 1987 को अपनाया/हस्ताक्षरित किया गया।
  • इसका उद्देश्य ओजोन परत को नुकसान पहुँचाने वाले पदार्थों के उत्पादन और उपभोग को नियंत्रित तथा चरणबद्ध रूप से समाप्त करना है।
  • यह Vienna Convention for the Protection of the Ozone Layer (1985) के अंतर्गत विकसित महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणीय समझौता है।
  • Montreal Protocol मुख्य रूप से CFCs, halons, carbon tetrachloride, methyl chloroform तथा अन्य ओजोन-क्षयकारी पदार्थों को नियंत्रित करता है।
  • Kigali Amendment को 2016 में अपनाया गया और यह HFCs को चरणबद्ध रूप से कम करने पर केंद्रित है।
  • Kigali Amendment 1 जनवरी 2019 को लागू हुआ।
  • UNEP के अनुसार Montreal Protocol के कारण लगभग 99% ओजोन-क्षयकारी पदार्थों को चरणबद्ध रूप से समाप्त किया जा चुका है।

ओजोन परत का महत्व:

  • यह सूर्य की हानिकारक UV-B radiation से मानव स्वास्थ्य और पारिस्थितिक तंत्र की रक्षा करती है।
  • अत्यधिक UV-B विकिरण से skin cancer, cataracts तथा प्रतिरक्षा प्रणाली पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
  • बढ़ी हुई UV radiation कृषि फसलों, वनस्पतियों और जलीय पारिस्थितिक तंत्रों को भी प्रभावित कर सकती है।
  • Ozone depletion और climate change अलग-अलग समस्याएँ हैं, लेकिन Montreal Protocol तथा Kigali Amendment दोनों के माध्यम से इनसे निपटने के बीच महत्वपूर्ण सह-लाभ (co-benefits) प्राप्त होते हैं।

परीक्षा के लिए याद रखें:
1985 → Vienna Convention
1987 → Montreal Protocol
1994 → UN ने 16 सितंबर को Ozone Day घोषित किया
1995 → पहला आधिकारिक World Ozone Day observance
2016 → Kigali Amendment
2019 → Kigali Amendment लागू
2026 → Kigali Amendment के 10 वर्ष + “Global Action for a Cooler Planet”

Source: United Nations — International Day for the Preservation of the Ozone Layer | UNEP — World Ozone Day 2026 | UNEP Ozone Secretariat — World Ozone Day 2026

37. हाल ही में भारतीय रेलवे के किस जोन ने 100% विद्युतीकरण का लक्ष्य हांसिल कर लिया है?
(A) मध्य रेलवे
(B) दक्षिण रेलवे
(C) उत्तर रेलवे
(D) पूर्व-उत्तर रेलवे

Correct Answer: (B) दक्षिणी रेलवे

Explanation:

दक्षिणी रेलवे (Southern Railway) ने सितंबर 2026 में अपने पूरे 5,068 रूट किलोमीटर (RKM) Broad Gauge (BG) नेटवर्क का 100% विद्युतीकरण पूरा कर लिया। यह उपलब्धि पत्तुकोट्टई–कराईकुडी (Pattukkottai–Karaikkudi) के अंतिम 71 RKM खंड के विद्युतीकरण के साथ हासिल हुई।

इस अंतिम खंड का वैधानिक निरीक्षण (Statutory Inspection) 9 सितंबर 2026 को दक्षिणी रेलवे के Principal Chief Electrical Engineer श्री गणेश द्वारा किया गया। इसके साथ Southern Railway के पूरे Broad Gauge नेटवर्क पर इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन की सुविधा उपलब्ध हो गई और अब इलेक्ट्रिक तथा डीजल ट्रैक्शन के बीच बार-बार बदलाव की आवश्यकता कम हो गई है।

दक्षिणी रेलवे के 100% विद्युतीकरण के प्रमुख तथ्य:

  • रेलवे जोन: दक्षिणी रेलवे (Southern Railway)।
  • कुल विद्युतीकृत BG नेटवर्क: 5,068 RKM।
  • विद्युतीकरण: 100% Broad Gauge नेटवर्क।
  • अंतिम खंड: Pattukkottai–Karaikkudi।
  • अंतिम खंड की लंबाई: 71 RKM।
  • वैधानिक निरीक्षण: 9 सितंबर 2026।
  • इस उपलब्धि के बाद पूरे जोन में seamless electric train operations को बढ़ावा मिलेगा।

इस उपलब्धि का महत्व:

  • Traction Change की आवश्यकता में कमी: इलेक्ट्रिक और गैर-विद्युतीकृत खंडों के बीच लोकोमोटिव बदलने की आवश्यकता समाप्त होती है।
  • Operational Flexibility: इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव को पूरे Broad Gauge नेटवर्क में अधिक लचीले ढंग से संचालित किया जा सकेगा।
  • Locomotive Utilisation: इलेक्ट्रिक इंजनों के बेहतर उपयोग और संचालन क्षमता में सुधार होगा।
  • ऊर्जा दक्षता: इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन डीजल आधारित संचालन की तुलना में अधिक ऊर्जा-कुशल हो सकता है।
  • पर्यावरणीय लाभ: डीजल पर निर्भरता कम होने से जीवाश्म ईंधन की खपत और संबंधित उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलेगी।
  • बेहतर ट्रेन संचालन: नेटवर्क में अधिक सुचारु और कुशल ट्रेन संचालन को बढ़ावा मिलेगा।

Southern Railway में विद्युतीकरण का ऐतिहासिक क्रम:

  • 11 मई 1931: मद्रास क्षेत्र में पहली बार इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन शुरू हुआ। मद्रास, बॉम्बे के बाद इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन शुरू करने वाला भारत का दूसरा महानगरीय क्षेत्र बना।
  • 1968: Madras Beach–Tambaram खंड पर 25 kV AC electrification शुरू की गई।
  • 2026: Pattukkottai–Karaikkudi के अंतिम 71 RKM के विद्युतीकरण के साथ Southern Railway के पूरे 5,068 RKM BG नेटवर्क का 100% विद्युतीकरण पूरा हुआ।

भारतीय रेलवे में विद्युतीकरण — परीक्षा उपयोगी तथ्य:

  • भारतीय रेलवे ने Broad Gauge नेटवर्क के विद्युतीकरण को Mission Mode में आगे बढ़ाया है।
  • मार्च 2026 तक भारतीय रेलवे के लगभग 99.6% Broad Gauge नेटवर्क का विद्युतीकरण हो चुका था।
  • मार्च 2026 तक लगभग 69,873 RKM Broad Gauge नेटवर्क विद्युतीकृत हो चुका था।
  • 2014 से पहले लगभग 21,801 RKM नेटवर्क विद्युतीकृत था, जबकि 2014–2026 के दौरान लगभग 48,072 RKM का विद्युतीकरण किया गया।
  • भारतीय रेलवे के अनुसार विद्युत ट्रैक्शन से डीजल की खपत में उल्लेखनीय कमी आई है और इससे ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलती है।

Exam Revision:
Southern Railway → 100% BG Electrification
Total BG Network → 5,068 RKM
Final Section → Pattukkottai–Karaikkudi
Final Section Length → 71 RKM
Statutory Inspection → 9 September 2026
Electric Traction in Madras → 11 May 1931
25 kV AC → Madras Beach–Tambaram, 1968

Sources: The Indian Express — Southern Railway 100% Electrification | The New Indian Express — Southern Railway Electrification | PIB — Indian Railways Electrification Status, 2026

38. छठा अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन 2026 का आयोजन हाल ही में कहां हुआ?
(A) नासिक
(B) भोपाल
(C) चंडीगढ़
(D) नवी मुम्बई

Correct Answer: (D) नवी मुंबई

Explanation:

छठा अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन (6th All India Official Language Conference) का आयोजन 14–15 सितंबर 2026 को नवी मुंबई, महाराष्ट्र में किया गया। सम्मेलन का आयोजन गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग (Department of Official Language) द्वारा किया गया।

सम्मेलन का उद्घाटन सत्र 14 सितंबर 2026 को हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित हुआ। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मुख्य अतिथि के रूप में हिंदी दिवस 2026 तथा छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन को संबोधित किया।

यह दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन वाशी, नवी मुंबई स्थित CIDCO Exhibition & Convention Centre में आयोजित किया गया। इसमें विद्वानों, साहित्यकारों, शिक्षाविदों तथा केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

सम्मेलन के प्रमुख तथ्य:

  • सम्मेलन: छठा अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन।
  • स्थान: नवी मुंबई, महाराष्ट्र।
  • स्थल: CIDCO Exhibition & Convention Centre, वाशी, नवी मुंबई।
  • तिथि: 14–15 सितंबर 2026।
  • आयोजक: राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार।
  • मुख्य अतिथि: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह।
  • सम्मेलन का उद्देश्य हिंदी के साथ-साथ सभी भारतीय भाषाओं के बीच समन्वय, संवाद और साझेदारी को मजबूत करना था।

छठे सम्मेलन की प्रमुख विशेषताएँ:

  • सम्मेलन में राजभाषा गौरव पुरस्कार और राजभाषा कीर्ति पुरस्कार 2025–26 प्रदान किए गए।
  • इस वर्ष का एक विशेष चर्चा सत्र राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक पक्षों पर केंद्रित था।
  • राजभाषा विभाग की पत्रिका ‘राजभाषा भारती’ का ‘वंदे मातरम्’ केंद्रित विशेष स्मारक अंक भी जारी किया गया।
  • नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों (TOLICs/NARAKAS) की भूमिका पर विशेष सत्र आयोजित किया गया।
  • सम्मेलन में विभिन्न संस्थानों, संगठनों, बैंकों और मंत्रालयों द्वारा 32 स्टॉलों वाली विशेष प्रदर्शनी आयोजित की गई।
  • सम्मेलन ने हिंदी और महाराष्ट्र की समृद्ध भाषाई, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक परंपराओं के बीच संबंध को भी रेखांकित किया।

राजभाषा से संबंधित परीक्षा-उपयोगी तथ्य:

  • 14 सितंबर 1949: संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया।
  • इसी ऐतिहासिक निर्णय की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है।
  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 के अनुसार संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी है।
  • संघ के शासकीय कार्यों में हिंदी के साथ अंग्रेज़ी के प्रयोग को भी कानून द्वारा जारी रखा गया है।
  • राजभाषा अधिनियम, 1963 (Official Languages Act, 1963) संघ के आधिकारिक कार्यों में हिंदी और अंग्रेज़ी के प्रयोग से संबंधित महत्वपूर्ण कानून है।
  • राजभाषा विभाग गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।
  • राजभाषा विभाग द्वारा 2021 से प्रत्येक वर्ष अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं।

2026 सम्मेलन के लिए महत्वपूर्ण Current Affairs Points:

  • 14 सितंबर 2026: हिंदी दिवस + छठा अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का उद्घाटन।
  • 14–15 सितंबर 2026: दो दिवसीय सम्मेलन।
  • नवी मुंबई: सम्मेलन का आयोजन स्थल।
  • गृह मंत्रालय का राजभाषा विभाग: आयोजन संस्था।
  • अमित शाह: मुख्य अतिथि एवं केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री।
  • मुख्य विषय: हिंदी तथा भारतीय भाषाओं के बीच समन्वय, संवाद और साझेदारी को मजबूत करना।

Exam Revision:
Hindi Diwas → 14 September
Constituent Assembly adopted Hindi as Official Language → 14 September 1949
Article 343 → Official Language of the Union
6th All India Official Language Conference → Navi Mumbai
Date → 14–15 September 2026
Venue → CIDCO Exhibition & Convention Centre, Vashi
Organiser → Department of Official Language, Ministry of Home Affairs
Chief Guest → Amit Shah
Special Theme/Discussion → Vande Mataram
Special Exhibition → 32 Stalls

Sources: Press Information Bureau — 6th All India Official Language Conference | Department of Official Language — Ministry of Home Affairs | Government Webcast — Hindi Diwas 2026 & 6th Official Language Conference

39. सेमीकॉन इंडिया 2026 का आयोजन हाल ही में कहां होगा?
(A) नई दिल्ली
(B) कानपुर
(C) बेंगलुरू
(D) मुम्बई

Correct Answer: (A) नई दिल्ली

Explanation:

SEMICON India 2026 का पांचवां संस्करण 17 से 19 सितंबर 2026 तक यशोभूमि (India International Convention and Expo Centre), द्वारका, नई दिल्ली में आयोजित किया गया। इसका उद्घाटन 17 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया।

SEMICON India 2026 की थीम “Silicon to Systems: Building the Ecosystem” (सिलिकॉन से सिस्टम तक: इकोसिस्टम का निर्माण) है। यह आयोजन भारत के सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स पारिस्थितिकी तंत्र की पूरी वैल्यू चेन— चिप डिजाइन, निर्माण, पैकेजिंग, सामग्री, उपकरण, R&D, सप्लाई चेन और प्रतिभा विकास—को एक मंच पर लाता है।

SEMICON India 2026 का आयोजन India Semiconductor Mission (ISM), Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) तथा SEMI द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

SEMICON India 2026 के प्रमुख तथ्य:

  • संस्करण: 5वां SEMICON India।
  • स्थान: यशोभूमि, द्वारका, नई दिल्ली।
  • तिथि: 17–19 सितंबर 2026।
  • उद्घाटन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा।
  • थीम: “Silicon to Systems: Building the Ecosystem”।
  • भागीदारी: 600 से अधिक प्रदर्शक/कंपनियाँ, जिनमें लगभग 300 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी शामिल हैं।
  • देशों की भागीदारी: 52 देशों के प्रतिनिधि/प्रतिभागी।
  • Country Pavilions: जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर और स्वीडन सहित 6 देश।
  • Indian State Pavilions/Booths: 12 राज्य।
  • प्रदर्शनी क्षेत्र लगभग 15,000 वर्ग मीटर है।
  • आयोजन में Startup Pavilion, Innovation Showcase, Student Hackathon और Workforce Development Pavilion भी शामिल हैं।

SEMICON India 2026 के प्रमुख फोकस क्षेत्र:

  • Semiconductor Manufacturing & Technology
  • AI & Digital Transformation
  • Chip Design और Product Creation
  • Advanced Packaging और Assembly & Testing
  • Semiconductor Materials, Chemicals & Gases
  • Supply Chain Resilience
  • R&D और Innovation
  • Startups और Entrepreneurship
  • Talent Development और Skilling
  • Sustainability और ESG

भारत के Semiconductor Ecosystem से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य:

  • भारत सरकार ने देश में एक मजबूत और आत्मनिर्भर सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए India Semiconductor Mission (ISM) की स्थापना की है।
  • Semicon India Programme के तहत सेमीकंडक्टर निर्माण, पैकेजिंग, परीक्षण, डिजाइन और संबंधित क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है।
  • Semicon 1.0 के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं के माध्यम से भारत में semiconductor manufacturing और assembly/testing क्षमता विकसित की जा रही है।
  • SEMICON India 2026 में सरकार ने Semicon 2.0 की दिशा में भारत के अगले चरण की रणनीति पर भी जोर दिया, जिसमें design, manufacturing, packaging, R&D और talent development को व्यापक रूप से मजबूत करने पर ध्यान है।
  • गुजरात के साणंद (Sanand) में commercial DRAM और NAND production शुरू होने की जानकारी SEMICON India 2026 में दी गई।
  • Dholera, Gujarat में Tata Electronics की 300-mm semiconductor fabrication facility तथा Jagiroad, Assam में OSAT facility भारत की semiconductor manufacturing एवं packaging क्षमता के विस्तार की प्रमुख परियोजनाओं में हैं।

SEMICON India के महत्व:

  • भारत को वैश्विक semiconductor value chain में एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में स्थापित करने में सहायता करता है।
  • चिप निर्माण के साथ-साथ design-to-system क्षमता विकसित करने पर जोर देता है।
  • वैश्विक कंपनियों, भारतीय उद्योग, startups, academia और policymakers के बीच सहयोग के लिए मंच उपलब्ध कराता है।
  • Semiconductor supply chains को अधिक resilient और diversified बनाने के प्रयासों को समर्थन देता है।
  • Semiconductor manufacturing के साथ skilling, R&D और indigenous product development को बढ़ावा देता है।

2026 का महत्वपूर्ण विकास: SEMICON India 2026 के दौरान भारत ने semiconductor ecosystem को केवल नीति और परियोजना-स्वीकृति के चरण से आगे बढ़ाकर व्यावसायिक उत्पादन, स्वदेशी डिजाइन, advanced packaging, R&D और talent development की दिशा में आगे बढ़ाने पर जोर दिया। सम्मेलन में 25 प्रमुख घोषणाओं और collaborations की भी जानकारी दी गई, जिनमें manufacturing, materials, logistics, chip design, advanced packaging, power electronics और workforce development जैसे क्षेत्र शामिल थे।

Exam Revision:

SEMICON India 2026 → 5वां संस्करण
Venue → Yashobhoomi, Dwarka, New Delhi
Date → 17–19 September 2026
Inaugurated by → Prime Minister Narendra Modi
Theme → “Silicon to Systems: Building the Ecosystem”
Participants → 600+ exhibitors/companies
International participation → लगभग 300 international participants
Country representation → 52 countries
Country Pavilions → 6
Indian State Booths → 12
Exhibition Area → 15,000+ sq. metres
Joint Organisers → India Semiconductor Mission (ISM), MeitY & SEMI

Sources: PIB — SEMICON India 2026 | PIB — Inauguration of SEMICON India 2026 | PIB — SEMICON India 2026 Day 2 Highlights

40. दुनियां की सबसे लम्बी ‘स्टील स्लैग सड़क’ हाल ही में किस राज्य में बनायी जाएगी?
(A) गोवा
(B) त्रिपुरा
(C) छत्तीसगढ़
(D) हरियाणा

Correct Answer: (C) छत्तीसगढ़

Explanation:

भारत ने छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में 1.85 किलोमीटर लंबी दुनिया की सबसे लंबी सड़क, जो Processed Steel Slag Aggregates से निर्मित है, के लिए Guinness World Record हासिल किया है। यह उपलब्धि 12 सितंबर 2026 को दर्ज की गई।

यह सड़क CSIR-Central Road Research Institute (CSIR-CRRI) और Jindal Steel Limited के सहयोग से विकसित स्वदेशी तकनीक का बड़े पैमाने पर प्रदर्शन है। इसमें इस्पात उद्योग से निकलने वाले Steel Slag को वैज्ञानिक रूप से संसाधित करके सड़क निर्माण में उपयोग होने वाले aggregates में परिवर्तित किया गया।

Steel Slag इस्पात उत्पादन की प्रक्रिया से निकलने वाला एक उप-उत्पाद (by-product) है। सामान्यतः सड़क निर्माण में प्राकृतिक aggregates जैसे पत्थर और crushed rock का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। Processed steel slag का उपयोग प्राकृतिक aggregates के विकल्प के रूप में करके circular economy और Waste-to-Wealth दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया जा सकता है।

रायगढ़ Steel Slag Road के प्रमुख तथ्य:

  • स्थान: रायगढ़, छत्तीसगढ़।
  • लंबाई: 1.85 किलोमीटर।
  • विश्व रिकॉर्ड: World’s Longest Road Built with Processed Steel Slag Aggregates।
  • रिकॉर्ड से जुड़ी संस्थाएँ: CSIR-CRRI और Jindal Steel Limited।
  • रिकॉर्ड की घोषणा: 12 सितंबर 2026।
  • सड़क निर्माण में processed steel slag aggregates का उपयोग किया गया।
  • यह भारत की indigenous steel slag road technology के बड़े पैमाने पर उपयोग का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

Steel Slag Road Technology के संभावित लाभ:

  • लागत में कमी: सरकार के अनुसार उपयुक्त परिस्थितियों में steel slag road technology सड़क निर्माण लागत को लगभग 40% तक कम कर सकती है।
  • उच्च मजबूती: उपयुक्त applications में conventional roads की तुलना में लगभग चार गुना अधिक strength की क्षमता बताई गई है।
  • कम रखरखाव: उपयुक्त परिस्थितियों में बड़े maintenance की आवश्यकता लगभग 15 वर्षों के बाद पड़ सकती है।
  • प्राकृतिक संसाधनों की बचत: प्राकृतिक stone aggregates के स्थान पर industrial by-product का उपयोग किया जा सकता है।
  • Waste-to-Wealth: औद्योगिक अपशिष्ट को उपयोगी infrastructure material में बदलने का उदाहरण है।
  • Circular Economy: इस्पात उद्योग के उप-उत्पाद को दोबारा productive use में लाने से resource efficiency को बढ़ावा मिलता है।
  • Industrial Waste Management: बड़ी मात्रा में उत्पन्न होने वाले steel slag के वैज्ञानिक उपयोग का रास्ता खुलता है।

भारत में Steel Slag Road Technology के अन्य महत्वपूर्ण प्रयोग:

  • Hazira, Gujarat: processed steel slag aggregates का उपयोग छह-लेन सड़क निर्माण में किया गया।
  • NH-66 Mumbai–Goa Highway: लगभग 80,000 tonnes steel slag को processed aggregates में परिवर्तित कर एक किलोमीटर लंबे चार-लेन सड़क खंड में उपयोग किया गया।
  • Hazira Port: लगभग 1.1 km लंबी steel slag road का उपयोग multi-purpose berth को coal yard से जोड़ने के लिए किया गया।
  • Arunachal Pradesh: इस तकनीक का उपयोग heavy-duty road infrastructure तथा रणनीतिक सीमा क्षेत्र में भी किया गया है।

2026 की अगली बड़ी परियोजना:

रायगढ़ की 1.85 km रिकॉर्ड सड़क के बाद CSIR-CRRI को ओडिशा के अंगुल में Jindal Steel के plant से संबंधित 40 km लंबी सड़क के लिए work order प्राप्त हुआ है। इससे steel slag road technology को छोटे demonstration project से बड़े infrastructure scale तक ले जाने की संभावना है।

Steel Slag और पर्यावरणीय स्थिरता:

  • Steel slag को सड़क निर्माण में उपयोग करने से landfill/disposal की आवश्यकता को कम करने में सहायता मिल सकती है।
  • प्राकृतिक aggregates के विकल्प के रूप में इसका उपयोग resource conservation में योगदान कर सकता है।
  • यह industrial symbiosis का उदाहरण है, जिसमें एक उद्योग का by-product दूसरे infrastructure sector के लिए raw material बनता है।
  • भारत में इस प्रकार की तकनीक को resource efficiency, circular economy और sustainable infrastructure के व्यापक लक्ष्यों से जोड़ा जा सकता है।

महत्वपूर्ण परीक्षा बिंदु: वर्ष 2026 में छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में बनी 1.85 km लंबी सड़क को “World’s Longest Road Built with Processed Steel Slag Aggregates” के रूप में Guinness World Record मिला। इस परियोजना में CSIR-CRRI + Jindal Steel की साझेदारी और processed steel slag aggregates का उपयोग किया गया।

Exam Revision:

World’s Longest Steel Slag Road → Raigarh, Chhattisgarh
Length → 1.85 km
Record → World’s Longest Road Built with Processed Steel Slag Aggregates
Record Date → 12 September 2026
Technology → Processed Steel Slag Aggregates
Key Organisations → CSIR-CRRI & Jindal Steel Limited
Major Benefit → Waste-to-Wealth & Circular Economy
Potential Cost Reduction → Around 40%
Reported Strength → Around 4 Times Conventional Roads
Next Major Project → 40-km Road in Odisha

Sources: Press Information Bureau — Steel Slag Road Technology & Guinness World Record | PIB Hindi — रायगढ़ Steel Slag Road | PIB — Steel Slag Road on NH-66

41. केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा किस शहर में फास्टैग पोर्टेबिलिटी के लिए ‘वन टैग’ सुविधा का शुभारंभ किया गया?
(A) लखनऊ
(B) नई दिल्ली
(C) मुम्बई
(D) विशाखापत्तनम

Correct Answer: (C) मुंबई

Explanation:

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 11 सितंबर 2026 को मुंबई में आयोजित Global Fintech Fest (GFF) 2026 के दौरान ‘OneTag’ नामक NETC FASTag Portability सुविधा का शुभारंभ किया। यह पहल FASTag उपयोगकर्ताओं को मौजूदा भौतिक FASTag को बदले बिना उसके issuer bank को बदलने की सुविधा देती है।

पहले यदि कोई FASTag उपयोगकर्ता अपना issuer bank बदलना चाहता था, तो सामान्यतः नया FASTag लेना पड़ता था। OneTag इस प्रक्रिया को मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के समान अधिक सुविधाजनक बनाता है। उपयोगकर्ता वाहन पर लगे उसी FASTag को बनाए रखते हुए नए issuer bank के साथ अपना FASTag wallet onboard कर सकता है।

OneTag के प्रमुख तथ्य:

  • नाम: OneTag – NETC FASTag Portability.
  • लॉन्च: 11 सितंबर 2026।
  • स्थान: मुंबई, महाराष्ट्र।
  • लॉन्च करने वाले: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी।
  • आयोजन: Global Fintech Fest (GFF) 2026।
  • मुख्य उद्देश्य: FASTag issuer bank बदलने की सुविधा बिना मौजूदा physical FASTag बदले उपलब्ध कराना।
  • संयुक्त पहल: Indian Highways Management Company Limited (IHMCL) और National Payments Corporation of India (NPCI)।
  • IHMCL, National Highways Authority of India (NHAI) द्वारा promoted company है।

OneTag कैसे काम करता है?

  • उपयोगकर्ता NHAI Rajmargyatra App के माध्यम से FASTag portability प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
  • वाहन के विवरण का verification किया जाता है।
  • वर्तमान issuer bank से प्राप्त 6-digit Mobile Verification Code के माध्यम से मौजूदा FASTag की पुष्टि की जाती है।
  • उपयोगकर्ता नया issuer bank चुनता है और आवश्यक verification के बाद नए bank के साथ wallet onboarding पूरी करता है।
  • FASTag ID और वाहन से जुड़ा physical tag वही रहता है; केवल issuer bank बदलता है।
  • पुराने issuer bank का wallet आवश्यक समायोजन के बाद बंद किया जाता है और शेष balance की वापसी की जाती है।
  • एक बार issuer बदलने के बाद दोबारा portability के लिए 6 महीने का cooling period रखा गया है।

OneTag के संभावित लाभ:

  • Consumer Choice: उपयोगकर्ता अपनी पसंद का issuer bank चुन सकता है।
  • Convenience: नया FASTag खरीदने और windshield से पुराना tag हटाने की आवश्यकता नहीं रहती।
  • Interoperability: NETC ecosystem में विभिन्न issuer banks के बीच अधिक सुगम portability को बढ़ावा मिलता है।
  • Cost Reduction: बार-बार नए physical tags जारी करने, dispatch और replacement से जुड़े खर्च को कम करने में मदद मिल सकती है।
  • Digital Mobility: toll-payment ecosystem को अधिक customer-centric और technology-enabled बनाने में सहायता करता है।
  • Environmental Benefit: अनावश्यक नए physical tags के उत्पादन और disposal को कम करने में योगदान हो सकता है।

FASTag से संबंधित परीक्षा-उपयोगी तथ्य:

  • FASTag एक electronic toll collection system है जो Radio Frequency Identification (RFID) technology का उपयोग करता है।
  • FASTag वाहन की windshield पर लगाया जाता है और toll plaza पर RFID reader के माध्यम से इसकी पहचान की जाती है।
  • Toll amount संबंधित FASTag-linked account/wallet से electronic रूप से debit किया जाता है।
  • FASTag भारत के National Electronic Toll Collection (NETC) ecosystem का प्रमुख हिस्सा है।
  • NPCI NETC ecosystem में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • OneTag के लॉन्च के समय भारत में 13 करोड़ से अधिक FASTags जारी हो चुके थे और 98% से अधिक toll transactions digital माध्यम से हो रहे थे।

Rajmargyatra App:

OneTag portability सुविधा को NHAI के Rajmargyatra mobile application पर उपलब्ध कराया गया है। इस ऐप पर FASTag से संबंधित अन्य citizen-centric सुविधाओं के साथ FASTag Annual Pass, FASTag Local Pass और Emergency Helpline 1033 जैसी सेवाएँ भी उपलब्ध हैं। :contentReference[oaicite:5]{index=5}

Global Fintech Fest 2026 के महत्वपूर्ण तथ्य:

  • 7वां Global Fintech Fest (GFF) 2026 मुंबई में 8–11 सितंबर 2026 तक आयोजित हुआ।
  • प्रमुख आयोजन स्थल: Jio World Centre और Trident BKC, Mumbai
  • Theme: “Potential to Impact: Agentic AI, Tokenisation, Quantum – Trusted, Connected, Global Systems for Inclusive Finance.”
  • प्रमुख चर्चा क्षेत्रों में Agentic AI, Tokenisation और Quantum Technology शामिल रहे।
  • GFF 2026 में 80 से अधिक देशों, 8,000+ participating institutions, 5,000+ startups और 1,200+ speakers की भागीदारी दर्ज की गई।

Exam Revision:
OneTag → NETC FASTag Portability
Launched → 11 September 2026
Launch Venue → Mumbai
Event → Global Fintech Fest 2026
Launched by → Nitin Gadkari
Joint Initiative → IHMCL + NPCI
Platform → NHAI Rajmargyatra App
Key Feature → Issuer bank can be changed without replacing physical FASTag
Cooling Period → 6 months
Technology → RFID
System → National Electronic Toll Collection (NETC)

Sources: PIB — OneTag Launch at GFF 2026 | PIB — OneTag on Rajmargyatra App | Global Fintech Fest 2026 — Official Website

42. ‘एशियाई हॉकी महासंघ’ (AHF) पुरुष जूनियर एशिया कप का खिताब हाल ही में किसने जीता है?
(A) ब्राजील
(B) श्रीलंका
(C) नेपाल
(D) भारत

Correct Answer: (D) भारत

Explanation:

भारतीय पुरुष जूनियर हॉकी टीम ने 13 सितंबर 2026 को चीन के मोकी (Moqi) में खेले गए फाइनल में दक्षिण कोरिया को 4–1 से हराकर 2026 Men’s Junior Asia Cup का खिताब जीत लिया। यह भारत का इस प्रतियोगिता में रिकॉर्ड छठा खिताब है। भारत ने लगातार चौथी बार यह महाद्वीपीय जूनियर खिताब जीता और अपने पिछला खिताब सफलतापूर्वक बरकरार रखा।

यह प्रतियोगिता AHF (Asian Hockey Federation) Junior Asia Cup 2026 के नाम से आयोजित हुई और इसका आयोजन 4 से 13 सितंबर 2026 तक मोकी, चीन में किया गया। भारत ने फाइनल में शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और मध्यांतर तक 3–0 की बढ़त बना ली थी। अंततः भारत ने 4–1 से मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किया।

फाइनल के प्रमुख क्षण:

  • पहला गोल: अजीत यादव ने 9वें मिनट में गोल किया।
  • दूसरा गोल: कप्तान अनमोल एक्का ने 13वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला।
  • तीसरा गोल: प्रभदीप सिंह ने 21वें मिनट में भारत की बढ़त 3–0 कर दी।
  • चौथा गोल: आशु मौर्य ने 50वें मिनट में भारत के लिए चौथा गोल किया।
  • दक्षिण कोरिया के कप्तान ली मिनह्योक ने 54वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक के माध्यम से कोरिया का एकमात्र गोल किया।
  • अंतिम स्कोर: भारत 4–1 दक्षिण कोरिया

भारत के 2026 Men’s Junior Asia Cup अभियान के महत्वपूर्ण तथ्य:

  • स्थान: मोकी, चीन।
  • प्रतियोगिता: Men’s Junior Asia Cup 2026।
  • आयोजक महाद्वीपीय संस्था: Asian Hockey Federation (AHF)।
  • अवधि: 4–13 सितंबर 2026।
  • फाइनल: भारत बनाम दक्षिण कोरिया।
  • फाइनल स्कोर: भारत 4–1 दक्षिण कोरिया।
  • विजेता: भारत।
  • उपविजेता: दक्षिण कोरिया।
  • भारत ने प्रतियोगिता का खिताब छठी बार जीता।
  • भारत लगातार चौथी बार चैंपियन बना।
  • इस जीत के साथ भारत ने FIH Men’s Junior World Cup के लिए भी क्वालीफाई किया।

भारत के Men’s Junior Asia Cup खिताब:

  • 2004 — भारत
  • 2008 — भारत
  • 2015 — भारत
  • 2023 — भारत
  • 2024 — भारत
  • 2026 — भारत

2026 की जीत से पहले भारत ने 2004, 2008, 2015, 2023 और 2024 में Men’s Junior Asia Cup का खिताब जीता था। इस प्रकार भारत प्रतियोगिता के इतिहास में सबसे अधिक खिताब जीतने वाली टीम बना हुआ है।

भारत का टूर्नामेंट प्रदर्शन:

  • भारत 14–0 इंडोनेशिया: शुरुआती पूल मैच में बड़ी जीत।
  • भारत 3–3 जापान: पूल चरण में ड्रॉ।
  • भारत 7–3 दक्षिण कोरिया: पूल चरण में महत्वपूर्ण जीत।
  • भारत 15–0 चीनी ताइपे: पूल चरण में शानदार जीत।
  • सेमीफाइनल: भारत 3–1 मलेशिया: भारत ने फाइनल में प्रवेश किया।
  • फाइनल: भारत 4–1 दक्षिण कोरिया: भारत ने स्वर्ण पदक जीता।

प्रमुख भारतीय खिलाड़ी:

  • अनमोल एक्का: भारतीय टीम के कप्तान और प्रमुख drag-flicker। उन्होंने टूर्नामेंट में कई महत्वपूर्ण penalty-corner goals किए।
  • प्रभदीप सिंह: फाइनल में भारत का तीसरा गोल किया और पूरे टूर्नामेंट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • अजीत यादव: फाइनल में भारत का पहला गोल किया।
  • आशु मौर्य: फाइनल में 50वें मिनट में भारत का चौथा गोल किया।
  • विवेक लाकड़ा: भारतीय गोलकीपर ने पूरे टूर्नामेंट में महत्वपूर्ण बचाव किए और सेमीफाइनल में भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

सेमीफाइनल में मलेशिया के खिलाफ भारत ने 3–1 से जीत दर्ज की थी। कप्तान अनमोल एक्का ने दो गोल किए और उस समय टूर्नामेंट में उनके गोलों की संख्या 16 तक पहुँच गई थी। गोलकीपर विवेक लाकड़ा ने भी महत्वपूर्ण बचाव किए थे।

Junior Asia Cup का महत्व:

  • यह एशिया की प्रमुख Junior Men’s Hockey प्रतियोगिताओं में से एक है।
  • प्रतियोगिता युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्च गुणवत्ता का अनुभव प्रदान करती है।
  • यह प्रतियोगिता FIH Junior World Cup qualification के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है।
  • भारत की 2026 की जीत ने उसे एशियाई जूनियर हॉकी में उसकी निरंतरता और रिकॉर्ड छठे खिताब के साथ फिर से शीर्ष पर रखा।

महत्वपूर्ण परीक्षा तथ्य:

  • 2026 Men’s Junior Asia Cup Champion → भारत
  • Runner-up → दक्षिण कोरिया
  • Final Score → India 4–1 Korea
  • Final Venue → Moqi, China
  • Final Date → 13 September 2026
  • India’s Title Count → 6
  • Consecutive Titles → 4
  • Previous Titles → 2004, 2008, 2015, 2023, 2024
  • FIH Junior World Cup → भारत ने qualification हासिल किया।

Exam Revision:
Tournament → Men’s Junior Asia Cup 2026
Champion → India
Runner-up → South Korea
Final Score → India 4–1 South Korea
Venue → Moqi, China
Final Date → 13 September 2026
India’s Titles → 6
Consecutive Titles → 4
Captain → Anmol Ekka
Qualification → FIH Men’s Junior World Cup

Sources: Hockey India — India Crowned Champions for Record Sixth Time | Hockey India — Men’s Junior Asia Cup 2026 Results | Hockey India — Tournament Details & Indian Squad

43. किस राज्य ने ‘नारियल मूल्यवर्धन पार्क’ शुरू करने की घोषणा की है?
(A) आंध्र प्रदेश
(B) तमिलनाडु
(C) गोवा
(D) केरलम

Correct Answer: (D) केरल

Explanation:

केरल ने 2 सितंबर 2026, यानी विश्व नारियल दिवस (World Coconut Day) के अवसर पर राज्य में Coconut Value-Addition Park स्थापित करने की घोषणा की। प्रस्तावित पार्क का उद्देश्य नारियल क्षेत्र में आधुनिक प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन, उद्यमिता, निवेश, रोजगार और निर्यात को बढ़ावा देना तथा किसानों की आय में वृद्धि करना है।

यह घोषणा विश्व नारियल दिवस 2026 के राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम के दौरान की गई। केरल सरकार ने नारियल क्षेत्र के पुनरुद्धार के लिए वैज्ञानिक खेती, उत्पादकता वृद्धि, पुराने एवं कम उत्पादक नारियल पेड़ों का पुनर्जीवन, रोग एवं कीट प्रबंधन तथा मजबूत प्रसंस्करण और विपणन व्यवस्था पर भी जोर दिया।

प्रस्तावित Coconut Value-Addition Park को Coconut Development Board (CDB) के सहयोग से विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य केवल कच्चे नारियल की बिक्री तक सीमित रहने के बजाय उससे अधिक मूल्य वाले उत्पादों का निर्माण करके value chain को मजबूत करना है।

Coconut Value-Addition Park के प्रमुख उद्देश्य:

  • आधुनिक प्रसंस्करण: नारियल के वैज्ञानिक एवं आधुनिक processing को बढ़ावा देना।
  • Value Addition: कच्चे नारियल से उच्च-मूल्य वाले processed products तैयार करना।
  • किसानों की आय: उत्पादों के बेहतर मूल्य और बाजार संपर्क के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने में सहायता।
  • उद्यमिता: युवाओं, महिला उद्यमियों और MSMEs के लिए नए व्यवसायिक अवसर पैदा करना।
  • निर्यात: गुणवत्तापूर्ण coconut-based products के international market को विकसित करना।
  • निवेश: private investment और processing industries को आकर्षित करना।
  • रोजगार: processing, packaging, logistics और marketing से संबंधित रोजगार के अवसर बढ़ाना।

नारियल से बनने वाले प्रमुख Value-Added Products:

  • Coconut Oil
  • Virgin Coconut Oil (VCO)
  • Coconut Milk
  • Coconut Cream
  • Desiccated Coconut
  • Coconut Chips
  • Nata de Coco
  • Coconut Water-based Products
  • Coconut Sugar
  • Coconut Flour
  • Coconut Shell Charcoal और Activated Carbon
  • Coir और अन्य Coconut Fibre Products

केरल की Coconut Rejuvenation Plan:

Coconut Value-Addition Park के साथ केरल सरकार ने नारियल क्षेत्र के पुनरुद्धार के लिए Coconut Rejuvenation Plan पर भी जोर दिया है। इसके लिए लगभग ₹500 करोड़ की परियोजना प्रस्तावित की गई है, जिसमें नारियल की खेती से लेकर processing और marketing तक विभिन्न चरणों को शामिल करने की योजना है। प्रारंभिक चरण में Coconut Development Board की ओर से ₹500 करोड़ और राज्य सरकार की ओर से ₹41 करोड़ की भागीदारी का प्रस्ताव बताया गया है।

इसके अतिरिक्त, केरल कृषि विभाग ने अगले 5 वर्षों में लगभग 40,000 हेक्टेयर क्षेत्र में नारियल की खेती को बढ़ाने की योजना भी सामने रखी है। इसमें पुराने एवं कम उत्पादक पेड़ों को हटाना, पुनर्रोपण, बागानों का rejuvenation तथा pest और disease management शामिल हैं।

World Coconut Day 2026 के महत्वपूर्ण तथ्य:

  • तिथि: 2 सितंबर 2026।
  • 2026 की थीम: “Coconuts in times of uncertainty: Securing food, energy, and livelihoods”
  • आयोजक/अंतरराष्ट्रीय संदर्भ: International Coconut Community (ICC)।
  • भारत: International Coconut Community का संस्थापक सदस्य है।
  • विश्व नारियल दिवस प्रत्येक वर्ष 2 सितंबर को मनाया जाता है।
  • यह तिथि Asian and Pacific Coconut Community (APCC), जिसे बाद में International Coconut Community (ICC) के रूप में जाना गया, की स्थापना से जुड़ी है।
  • 2026 में ICAR-Central Plantation Crops Research Institute (ICAR-CPCRI), Kasaragod, Kerala में भी World Coconut Day मनाया गया।

भारत और केरल के लिए नारियल का आर्थिक महत्व:

  • नारियल भारत में खाद्य, पेय, तेल, सौंदर्य प्रसाधन, coir और अन्य औद्योगिक उत्पादों का महत्वपूर्ण स्रोत है।
  • नारियल आधारित गतिविधियाँ किसानों के साथ-साथ processing, coir, handicrafts, logistics और छोटे उद्योगों को भी रोजगार देती हैं।
  • Kerala ऐतिहासिक रूप से भारत के प्रमुख नारियल उत्पादक राज्यों में रहा है और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था में नारियल का महत्वपूर्ण स्थान है।
  • नारियल के पेड़ के विभिन्न भागों—फल, पानी, खोल, रेशा और पत्तियों—का उपयोग खाद्य एवं गैर-खाद्य उत्पादों में किया जाता है।
  • Coconut-based processing में value addition बढ़ाने से किसानों को केवल raw commodity prices पर निर्भर रहने से बचाने में मदद मिल सकती है।

केरल के नारियल क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियाँ:

  • पुराने और senile coconut palms के कारण उत्पादकता में कमी।
  • जलवायु परिवर्तन से तापमान, वर्षा और आर्द्रता में बदलाव।
  • कीट एवं रोगों की बढ़ती समस्या।
  • वैज्ञानिक खेती और आधुनिक plantation management की आवश्यकता।
  • छोटे एवं बिखरे हुए holdings के कारण mechanisation और commercial processing में कठिनाई।
  • किसानों को बेहतर processing, branding और export markets से जोड़ने की आवश्यकता।

Exam-Oriented Facts:

  • Coconut Value-Addition Park → Kerala
  • Announcement → 2 September 2026
  • Occasion → World Coconut Day 2026
  • Key Partner → Coconut Development Board (CDB)
  • Main Focus → Processing, Value Addition, Entrepreneurship, Investment and Exports
  • Coconut Rejuvenation Plan → लगभग ₹500 करोड़ का प्रस्ताव
  • Proposed Expansion → 40,000 hectares in five years
  • World Coconut Day → 2 September
  • 2026 Theme → “Coconuts in times of uncertainty: Securing food, energy, and livelihoods”
  • ICAR-CPCRI → Kasaragod, Kerala

Exam Revision:
State → Kerala
Initiative → Coconut Value-Addition Park
Announcement Date → 2 September 2026
Occasion → World Coconut Day
Partner → Coconut Development Board
Purpose → Modern Processing + Value Addition + Exports
Rejuvenation Plan → ₹500 crore proposal
Cultivation Expansion → 40,000 hectares in 5 years
World Coconut Day → 2 September
2026 Theme → Securing food, energy and livelihoods

Sources: ICAR-CPCRI — World Coconut Day 2026 | PIB — Coconut Development Board and Value Addition | Coconut Development Board — Government of India

44. हाल ही में कलिंग रत्न पुरस्कार 2026 किसे प्रदान किया गया है?
(A) अजीत डोभाल
(B) न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा
(C) जोसेफ विजय
(D) रघुराम राजन

Correct Answer: (B) दीपक मिश्रा

Explanation:

भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा को कटक, ओडिशा में सरला साहित्य संसद द्वारा कलिंग रत्न पुरस्कार 2026 (Kalinga Ratna Award) से सम्मानित किया गया। पुरस्कार समारोह 8 सितंबर 2026 को आयोजित हुआ। पुरस्कार में देवी सरस्वती की चांदी की मूर्ति और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाता है।

कलिंग रत्न सरला साहित्य संसद द्वारा प्रदान किया जाने वाला वार्षिक सम्मान है। इसकी स्थापना 2007 में की गई थी और यह ओडिशा से जुड़े ऐसे प्रतिष्ठित व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया हो।

कलिंग रत्न पुरस्कार 2026 के प्रमुख तथ्य:

  • पुरस्कार: Kalinga Ratna Award 2026।
  • प्राप्तकर्ता: न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, पूर्व मुख्य न्यायाधीश, भारत।
  • स्थान: सरला भवन, कटक, ओडिशा।
  • तिथि: 8 सितंबर 2026।
  • प्रदान करने वाली संस्था: सरला साहित्य संसद।
  • पुरस्कार की स्थापना: 2007।
  • पुरस्कार में: देवी सरस्वती की चांदी की मूर्ति और प्रशस्ति-पत्र।
  • यह सम्मान ओडिशा से संबंधित/जुड़े ऐसे योग्य व्यक्तियों को दिया जाता है जिनका योगदान राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण रहा हो।

न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य:

  • न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा भारत के 45वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) रहे।
  • उन्होंने 28 अगस्त 2017 से 2 अक्टूबर 2018 तक भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य किया।
  • वे Justice J. S. Khehar के बाद CJI बने और उनके बाद Justice Ranjan Gogoi ने पद संभाला।
  • वे पटना उच्च न्यायालय और दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश भी रहे।
  • वे भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।

दीपक मिश्रा के CJI कार्यकाल से जुड़े प्रमुख संवैधानिक/कानूनी मामले:

  • Navtej Singh Johar v. Union of India (2018): सहमति से वयस्कों के बीच समलैंगिक संबंधों को अपराध बनाने वाली IPC की धारा 377 के उस हिस्से को असंवैधानिक घोषित किया गया जो consenting adults के निजी संबंधों पर लागू होता था।
  • Joseph Shine v. Union of India (2018): IPC की धारा 497 से संबंधित adultery कानून को असंवैधानिक घोषित किया गया।
  • Sabarimala case — Indian Young Lawyers Association v. State of Kerala (2018): सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से संबंधित महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रश्न पर निर्णय दिया।
  • Aadhaar judgment (2018): संविधान पीठ के महत्वपूर्ण निर्णय में आधार व्यवस्था से जुड़े विभिन्न संवैधानिक और निजता संबंधी प्रश्नों पर विचार किया गया।

कलिंग रत्न पुरस्कार के पूर्व प्रमुख प्राप्तकर्ता:

  • Justice Ranganath Misra — भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश।
  • Rabi Ray — लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष।
  • Justice Arijit Pasayat — सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश।
  • Ramakanta Rath — प्रसिद्ध ओड़िया कवि एवं साहित्यकार।
  • Dr. Sitakanta Mahapatra — प्रसिद्ध साहित्यकार एवं साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष।
  • Tulasi Munda — सामाजिक कार्यकर्ता एवं पद्मश्री पुरस्कार प्राप्तकर्ता।
  • Pratibha Ray — प्रसिद्ध ओड़िया लेखिका।
  • Dharmendra Pradhan — 2024 में कलिंग रत्न से सम्मानित।

सरला साहित्य संसद की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कलिंग रत्न पुरस्कार 2007 से प्रदान किया जा रहा है। संस्था का मुख्यालय सरला भवन, बीजू पटनायक छक, तुलसीपुर, कटक में है। संस्था ओड़िया साहित्य, संस्कृति और सामाजिक गतिविधियों के क्षेत्र में भी कार्य करती है।

2026 समारोह में अन्य प्रमुख सम्मान:

  • इसी समारोह में प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. रामचंद्र बेहरा को सरला सम्मान (Sarala Samman) प्रदान किया गया।
  • डॉ. रामचंद्र बेहरा को ओड़िया साहित्य में छह दशकों से अधिक के योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
  • समारोह की अध्यक्षता सरला साहित्य संसद के संस्थापक-अध्यक्ष प्रवाकर स्वैन ने की।
  • ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

महत्वपूर्ण नोट: Kalinga Ratna Award को UNESCO Kalinga Prize for the Popularization of Science से भ्रमित नहीं करना चाहिए। दोनों अलग-अलग सम्मान हैं। Kalinga Ratna Sarala Sahitya Sansad, Cuttack द्वारा प्रदान किया जाने वाला सम्मान है।

Exam Revision:

Kalinga Ratna Award 2026 → Justice Dipak Misra
Former Post → Chief Justice of India
CJI Number → 45th
CJI Tenure → 28 August 2017 – 2 October 2018
Conferring Organisation → Sarala Sahitya Sansad
Venue → Cuttack, Odisha
Date → 8 September 2026
Award Instituted → 2007
Award Memento → Silver Idol of Goddess Saraswati + Citation
Sarala Samman 2026 → Dr. Ramachandra Behera
2024 Kalinga Ratna → Dharmendra Pradhan

Sources: News On AIR — Former CJI Justice Dipak Misra Conferred Kalinga Ratna | Sarala Sahitya Sansad — Kalinga Ratna | Sarala Sahitya Sansad — Official Website

45. किस राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन को मंजूरी दी गयी है?
(A) झारखंड
(B) छत्तीसगढ़
(C) मध्यप्रदेश
(D) गुजरात

Correct Answer: (B) छत्तीसगढ़

Explanation:

छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 9 सितंबर 2026 को आयोजित बैठक में ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को मंजूरी दी। इस मिशन का उद्देश्य राज्य के युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर पैदा करना है।

मिशन के लिए आगामी 5 वर्षों में ₹500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसका व्यापक लक्ष्य युवाओं को केवल Job Seekers के रूप में तैयार करने के बजाय उन्हें Job Creators बनाने तथा छत्तीसगढ़ को Startup, Innovation और New Technology-based Industries का प्रमुख केंद्र बनाना है।

मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन के प्रमुख प्रावधान:

  • कुल प्रावधान: आगामी 5 वर्षों के लिए ₹500 करोड़।
  • उद्यमिता विकास केंद्र: राज्य के सभी 33 जिलों में स्थापित किए जाएंगे।
  • Emerging Technology Labs: 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब स्थापित किए जाएंगे।
  • Industry Excellence Centres: 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
  • NIPUN Job Engine: उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास और औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देगा।
  • मिशन का लक्ष्य युवाओं को Job Seeker से Job Creator बनाने में सहायता करना है।
  • राज्य में Startup, Innovation और New-Age Technology आधारित उद्योगों के विकास को प्रोत्साहित किया जाएगा।

NIPUN का पूर्ण रूप:

NIPUN = New Age Industrial Preparedness for Upskilling New Generation Youth

NIPUN घटक का प्रमुख उद्देश्य युवाओं को उद्योग-संगत कौशल प्रदान करना और उन्हें नई तकनीक आधारित उद्योगों में उत्पन्न हो रहे रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है।

मिशन के दो प्रमुख आयाम:

  • Startup Component: स्टार्टअप, नवाचार, उद्यमिता और नई तकनीक आधारित व्यवसायों को तकनीकी, वित्तीय एवं संस्थागत समर्थन।
  • NIPUN Component: उद्योग की मांग के अनुरूप Upskilling, Reskilling और Employability को मजबूत करना।

छत्तीसगढ़ की Startup Policy से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य:

  • राज्य की Startup Policy के तहत स्टार्टअप्स को तकनीकी, वित्तीय और संस्थागत सहयोग देने पर जोर है।
  • Chhattisgarh Startup (Capital) Fund के लिए ₹100 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
  • Capital Fund के माध्यम से राज्य में स्थापित/संचालित स्टार्टअप्स में निवेश के लिए SEBI-registered Alternative Investment Funds (AIFs) के साथ व्यवस्था की गई है।
  • Chhattisgarh State Credit Risk Fund (CCRF) के लिए ₹50 करोड़ का प्रावधान है।
  • मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को बैंकों से ₹1 करोड़ तक collateral-free loan प्राप्त करने के लिए credit guarantee का प्रावधान किया गया है।
  • पात्र स्टार्टअप्स को अधिकतम ₹50 लाख तक के term loan/ working capital पर निर्धारित शर्तों के तहत 5 वर्षों तक 75% interest subsidy का प्रावधान है।

ये प्रावधान छत्तीसगढ़ के व्यापक startup ecosystem को मजबूत करने के लिए पहले से उपलब्ध नीति-समर्थन को दर्शाते हैं और नए मुख्यमंत्री Startup एवं NIPUN Mission के साथ मिलकर युवाओं, startups और उद्योगों के बीच बेहतर linkage बनाने का आधार प्रदान करते हैं।

मिशन का रोजगार एवं कौशल विकास पर संभावित प्रभाव:

  • उद्योगों की मांग के अनुरूप skill development को बढ़ावा मिलेगा।
  • युवाओं की employability और job-readiness में सुधार करने का लक्ष्य है।
  • Emerging Technologies से जुड़े नए रोजगार क्षेत्रों के लिए workforce तैयार की जाएगी।
  • Entrepreneurship ecosystem मजबूत होने से नए enterprises और startups के निर्माण को प्रोत्साहन मिल सकता है।
  • 33 जिलों में Entrepreneurship Development Centres की स्थापना से startup support को जिला स्तर तक ले जाने का प्रयास होगा।
  • Industry Excellence Centres उद्योग और skill-development ecosystem के बीच बेहतर linkage विकसित करने में सहायक हो सकते हैं।

छत्तीसगढ़ के उभरते Technology & Startup Ecosystem:

जून 2026 में दुर्ग में IT Park का उद्घाटन किया गया था। इसे छत्तीसगढ़ सरकार, IIT Bhilai और Nagar Nigam Durg की collaborative initiative के रूप में विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य दुर्ग-भिलाई क्षेत्र को technology, innovation, entrepreneurship, research और employment का उभरता केंद्र बनाना है। यह पहल मुख्यमंत्री Startup एवं NIPUN Mission के व्यापक technology और innovation ecosystem से भी जुड़ती है।

2026 के छत्तीसगढ़ कैबिनेट निर्णयों का व्यापक संदर्भ:

  • मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन: ₹500 करोड़, 5 वर्षों के लिए।
  • छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026–30: राज्य को प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से।
  • National Skill Training Institute (NSTI): नवा रायपुर में स्थापना का निर्णय।
  • इन निर्णयों में रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता, नवाचार और निर्यात क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

Exam-Oriented Facts:

  • Mission → मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन
  • State → छत्तीसगढ़
  • Approval Date → 9 September 2026
  • Chief Minister → विष्णु देव साय
  • Financial Provision → ₹500 करोड़
  • Duration → 5 years
  • Entrepreneurship Development Centres → 33
  • Emerging Technology Labs → 100
  • Industry Excellence Centres → 5
  • NIPUN Job Engine → Industry-linked skill development & formal employment
  • NIPUN Full Form → New Age Industrial Preparedness for Upskilling New Generation Youth
  • Core Goal → Job Seeker to Job Creator

Exam Revision:
State → Chhattisgarh
Mission → Mukhyamantri Startup & NIPUN Mission
Approved → 9 September 2026
Chairperson of Cabinet Meeting → Vishnu Deo Sai
Outlay → ₹500 crore for 5 years
District Entrepreneurship Centres → 33
Emerging Technology Labs → 100
Industry Excellence Centres → 5
Employment Platform → NIPUN Job Engine
NIPUN → New Age Industrial Preparedness for Upskilling New Generation Youth
Vision → Job Seekers to Job Creators

Sources: Chhattisgarh Budget 2026–27 — Official Press Note | Chhattisgarh Startup Policy — Official Gazette | PIB — IT Park Durg | ThePrint/PTI — Chief Minister Startup & NIPUN Mission

46. महिला हॉकी जूनियर एशिया कप 2026 का खिताब हाल ही में किसने जीता है?
(A) भारत
(B) जापान
(C) चीन
(D) दक्षिण कोरिया

Correct Answer: (A) भारत

Explanation:

भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने 13 सितंबर 2026 को चीन के मोकी (Moqi) में खेले गए AHF Junior Asia Cup 2026 के फाइनल में मेजबान चीन को 1–0 से हराकर खिताब अपने नाम किया। भारत की ओर से सानिका चंद्रकांत माने (Sanika Chandrakant Mane) ने 17वें मिनट में निर्णायक गोल किया।

इस जीत के साथ भारत ने Women’s Junior Asia Cup का लगातार तीसरा खिताब जीतते हुए प्रतियोगिता में अपनी हैट्रिक ऑफ टाइटल्स पूरी की। भारत ने इससे पहले 2012 और 2023 में भी यह खिताब जीता था। इस प्रकार 2026 की जीत भारत का इस प्रतियोगिता में तीसरा खिताब है।

फाइनल में चीन ने अधिक समय तक गेंद पर नियंत्रण बनाने और दबाव बनाने का प्रयास किया, लेकिन भारतीय रक्षा-पंक्ति ने शानदार प्रदर्शन किया। चीन को मैच में केवल एक पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे भारतीय टीम ने गोल में बदलने नहीं दिया। भारत ने अपनी 1–0 की बढ़त को अंतिम सीटी तक बनाए रखा।

भारत ने पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए खिताब जीता। Elite Pool में भारत ने तीन जीत और एक ड्रॉ के साथ 10 अंक हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया। क्वार्टर-फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 19–0 से हराया, जबकि सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 5–1 से पराजित किया।

  • प्रतियोगिता: AHF Junior Asia Cup 2026 – Women
  • स्थान: मोकी (Moqi), चीन
  • फाइनल: भारत 1–0 चीन
  • फाइनल की तारीख: 13 सितंबर 2026
  • निर्णायक गोल: सानिका चंद्रकांत माने – 17वां मिनट
  • भारत की उपलब्धि: लगातार तीसरा Women’s Junior Asia Cup खिताब
  • सेमीफाइनल: भारत ने दक्षिण कोरिया को 5–1 से हराया
  • क्वार्टर-फाइनल: भारत ने पाकिस्तान को 19–0 से हराया
  • टूर्नामेंट में भारत: अजेय अभियान
  • विश्व कप क्वालीफिकेशन: इस जीत के साथ भारत ने FIH Junior Women’s World Cup के लिए भी क्वालीफाई किया।

Hockey India के अनुसार, फाइनल में जीत के बाद प्रत्येक भारतीय खिलाड़ी को ₹3 लाख और प्रत्येक सपोर्ट-स्टाफ सदस्य को ₹1.5 लाख की पुरस्कार राशि देने की घोषणा की गई।

Exam Point: AHF Junior Asia Cup 2026 का महिला खिताब भारत ने जीता, जबकि फाइनल में मेजबान चीन को 1–0 से हराया। निर्णायक गोल सानिका चंद्रकांत माने ने 17वें मिनट में किया। यह भारत का लगातार तीसरा महिला जूनियर एशिया कप खिताब था।

Source: Hockey India – India beat China 1–0 in the Final | Hockey India – Women’s Junior Asia Cup 2026 Results

47. प्रधानमंत्री मोदी ने किस देश के राष्ट्रपति को प्राचीन तमिल ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ भेंट स्वरूप प्रदान किया है?
(A) चीन
(B) रूस
(C) वियतनाम
(D) बांग्लादेश

Correct Answer: (B) रूस

Explanation:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक के अवसर पर उन्हें ‘तिरुक्कुरल (Thirukkural)’ का रूसी भाषा में अनुवादित संस्करण भेंट किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर तिरुक्कुरल को महान तमिल कवि एवं दार्शनिक तिरुवल्लुवर (Thiruvalluvar) की कालजयी रचना बताते हुए इसकी सार्वभौमिक नैतिक शिक्षाओं को रेखांकित किया। यह पुस्तक भारत और रूस के बीच सांस्कृतिक एवं जन-से-जन संबंधों (people-to-people ties) को मजबूत करने के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।

वर्ष 2026 में Central Institute of Classical Tamil (CICT) द्वारा प्रकाशित रूसी संस्करण में मूल तमिल पाठ, उसका लिप्यंतरण (transliteration) और रूसी अनुवाद शामिल है। इसका रूसी अनुवाद Naira Mkrtchyan द्वारा किया गया है।

तिरुक्कुरल तमिल साहित्य की एक प्रसिद्ध शास्त्रीय कृति है। इसमें कुल 1,330 दोहे (couplets) हैं, जिन्हें 133 अध्यायों में विभाजित किया गया है। इसके विषयों में नैतिकता, सदाचार, शासन, सामाजिक आचरण, मानवीय संबंध और प्रेम जैसे व्यापक विषय शामिल हैं।

  • रचनाकार: तिरुवल्लुवर (Thiruvalluvar)
  • भाषा: तमिल
  • कुल दोहे: 1,330
  • कुल अध्याय: 133
  • मुख्य भाग: अरम (Aram), पोरुल (Porul) और इनबम (Inbam)
  • अरम: सदाचार, नैतिकता और धर्मपरायण जीवन से संबंधित विषय
  • पोरुल: समाज, शासन, राजनीति, नेतृत्व और राज्यcraft से संबंधित विषय
  • इनबम: प्रेम और मानवीय संबंधों से संबंधित विषय
  • रूसी अनुवाद: Naira Mkrtchyan द्वारा अनुवादित संस्करण
  • प्रकाशक: Central Institute of Classical Tamil (CICT), 2026 संस्करण

भारत-रूस संबंधों के संदर्भ में: प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने बैठक के दौरान राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, कौशल गतिशीलता और जन-से-जन संबंधों सहित द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने INNOPROM India के आयोजन का भी स्वागत किया, जो 9–11 सितंबर 2026 को भारत में पहली बार आयोजित हुआ।

इससे पहले 31 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात बिश्केक में 26वें SCO Summit के दौरान हुई थी। सितंबर 2026 की नई दिल्ली बैठक उस वर्ष दोनों नेताओं की दूसरी बैठक थी।

Exam Point: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को रूसी भाषा में अनुवादित तिरुक्कुरल भेंट किया। यह भेंट 18वें BRICS Summit 2026 के अवसर पर नई दिल्ली में हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान दी गई। तिरुक्कुरल के रचयिता तिरुवल्लुवर हैं और इसमें 1,330 दोहे तथा 133 अध्याय हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य: तिरुक्कुरल केवल साहित्यिक कृति ही नहीं है, बल्कि इसमें नैतिकता, शासन, नेतृत्व, सामाजिक जीवन और मानवीय मूल्यों से संबंधित विचार भी मिलते हैं। इसलिए यह भारतीय सांस्कृतिक कूटनीति (Cultural Diplomacy) का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।

Sources: PIB – Prime Minister meets President of Russia on the sidelines of BRICS Summit |

48. US ओपन 2026 में पुरुष एकल का खिताब किसने जीता है?
(A) नोवाक जोकोविच
(B) राफेल नडाल
(C) अजेक्जेंडर ज्वेरेव
(D) जैनिक सिनर

Correct Answer: (C) अलेक्जेंडर ज़्वेरेव

Explanation:

जर्मनी के अलेक्जेंडर ज़्वेरेव (Alexander Zverev) ने 2026 US Open Men’s Singles का खिताब जीत लिया। उन्होंने 13 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क के Arthur Ashe Stadium में खेले गए फाइनल में अमेरिका के बेन शेल्टन (Ben Shelton) को 6–3, 7–6(2), 5–7, 6–2 से हराया।

इस जीत के साथ ज़्वेरेव ने वर्ष 2026 का अपना दूसरा Grand Slam खिताब जीता। इससे पहले उन्होंने French Open 2026 (Roland-Garros) का पुरुष एकल खिताब जीता था। Roland-Garros के फाइनल में उन्होंने इटली के Flavio Cobolli को पांच सेटों में 6–1, 4–6, 6–4, 6–7(5), 6–1 से हराया था।

2026 US Open खिताब ज़्वेरेव का करियर का दूसरा Grand Slam singles title है। उनका पहला Grand Slam भी 2026 में ही आया, जब उन्होंने Roland-Garros जीता। इस प्रकार 2026 उनके Grand Slam करियर में महत्वपूर्ण सफलता वाला वर्ष रहा।

US Open 2026 में ज़्वेरेव No. 1 seed के रूप में उतरे थे। फाइनल तक पहुंचने से पहले उन्होंने सेमीफाइनल में Karen Khachanov को 6–3, 7–6(7), 7–6(6) से हराया। दूसरी ओर, बेन शेल्टन ने सेमीफाइनल में हमवतन Frances Tiafoe को 4–6, 6–3, 6–3, 7–5 से हराकर पहली बार किसी Grand Slam singles final में प्रवेश किया था।

ज़्वेरेव के लिए यह US Open में दूसरा फाइनल था। इससे पहले वह 2020 US Open final में पहुंचे थे, जहां उन्हें Dominic Thiem के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। 2026 में उन्होंने दूसरी बार फाइनल में पहुंचकर आखिरकार Flushing Meadows में अपना पहला US Open खिताब हासिल किया।

इस जीत के साथ ज़्वेरेव 1989 में Boris Becker के बाद US Open पुरुष एकल खिताब जीतने वाले पहले जर्मन खिलाड़ी बने। Roland-Garros 2026 में जीत के बाद वह Open Era में French Open पुरुष एकल खिताब जीतने वाले पहले जर्मन खिलाड़ी भी बने।

  • टूर्नामेंट: US Open 2026
  • विजेता: Alexander Zverev (Germany)
  • उपविजेता: Ben Shelton (USA)
  • फाइनल स्कोर: 6–3, 7–6(2), 5–7, 6–2
  • फाइनल की तारीख: 13 सितंबर 2026
  • स्थान: Arthur Ashe Stadium, New York
  • 2026 का दूसरा Grand Slam: US Open
  • 2026 का पहला Grand Slam: French Open (Roland-Garros)
  • करियर Grand Slam singles titles: 2
  • US Open में पिछला फाइनल: 2020
  • 2026 US Open में सीड: No. 1
  • सेमीफाइनल में प्रतिद्वंद्वी: Karen Khachanov
  • फाइनल में प्रतिद्वंद्वी: Ben Shelton

US Open 2026 – अन्य महत्वपूर्ण विजेता: महिला एकल में Elena Rybakina ने Aryna Sabalenka को हराकर खिताब जीता। पुरुष युगल में Christian Harrison और Neal Skupski चैंपियन बने, जबकि महिला युगल में Taylor Townsend और Katerina Siniakova ने खिताब जीता।

Exam Point: 2026 US Open Men’s Singles का खिताब Alexander Zverev ने जीता। उन्होंने फाइनल में Ben Shelton को 6–3, 7–6(2), 5–7, 6–2 से हराया। यह Zverev का दूसरा Grand Slam singles title और 2026 का दूसरा Grand Slam था। इससे पहले उन्होंने 2026 French Open जीता था।

महत्वपूर्ण तुलना: 2026 में Zverev ने French Open और US Open दोनों जीते। इससे पहले उनका Grand Slam record तीन फाइनल तक पहुंचने के बावजूद खिताब से वंचित रहा था; 2026 में Roland-Garros की जीत ने उस सिलसिले को समाप्त किया और US Open जीत ने उसी वर्ष उनका दूसरा Major सुनिश्चित किया।

Sources: US Open – Alexander Zverev vs. Ben Shelton, 2026 Final | Roland-Garros – 2026 Men’s Singles Final | Roland-Garros – Champions

49. ‘वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम 2026’ की मेजबानी भारत के किस शहर द्वारा की जाएगी?
(A) नई दिल्ली
(B) मुम्बई
(C) अहमदाबाद
(D) गांधीनगर

Correct Answer: (D) गांधीनगर

Explanation:

भारत ने 15–18 सितंबर 2026 के दौरान गुजरात के गांधीनगर में World Circular Economy Forum (WCEF) 2026 की मेजबानी की। यह दक्षिण एशिया में पहली बार आयोजित होने वाला WCEF था। इसका आयोजन Central Pollution Control Board (CPCB), SITRA (Finnish Innovation Fund) और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के सहयोग से किया गया।

WCEF 2026 का आधिकारिक विषय (Theme) था: “Circular Economy: Transition for People and Prosperity” अर्थात “चक्रीय अर्थव्यवस्था: लोगों और समृद्धि के लिए बदलाव”। फोरम का मुख्य उद्देश्य चक्रीय अर्थव्यवस्था के लिए व्यावहारिक समाधान, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, नवाचार, निवेश और विभिन्न क्षेत्रों के बीच साझेदारी को बढ़ावा देना था।

फोरम का उद्घाटन 15 सितंबर 2026 को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल ने गांधीनगर में किया।

इस फोरम में प्रारंभिक रूप से 65 से अधिक देशों के 2,000 से अधिक stakeholders की भागीदारी अपेक्षित थी। कार्यक्रम में business leaders, entrepreneurs, innovators, researchers, policymakers, academicians और changemakers सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। फोरम के समापन तक लगभग 2,700 delegates और 260 speakers ने 60 से अधिक देशों का प्रतिनिधित्व किया।

WCEF 2026 में circular finance, innovation, digitalisation, technology, sustainable products, industrial solutions, employment, governance, start-ups और youth leadership जैसे विषयों पर चर्चा हुई। 15–16 सितंबर को 4 plenary sessions और 16 parallel thematic sessions आयोजित किए गए।

  • फोरम: World Circular Economy Forum (WCEF) 2026
  • स्थान: Mahatma Mandir Convention Centre, Gandhinagar, Gujarat
  • तिथि: 15–18 सितंबर 2026
  • दक्षिण एशिया में स्थिति: पहली बार आयोजित
  • थीम: “Circular Economy: Transition for People and Prosperity”
  • प्रमुख भारतीय संस्था: Central Pollution Control Board (CPCB)
  • सहयोगी संस्था: SITRA – Finnish Innovation Fund
  • प्रारंभिक भागीदारी: 65+ देशों के 2,000+ stakeholders
  • समापन तक भागीदारी: 60+ देशों के लगभग 2,700 delegates और 260 speakers
  • प्रारंभिक International Expo: 125+ exhibitors
  • समापन तक Expo: 135 national और international exhibitors
  • मुख्य फोकस: Circular Finance, Innovation, Digitalisation, Technology और Sustainable Production

10-Year Framework of Programmes on Sustainable Consumption and Production Patterns (10YFP) के Board की एक प्रत्यक्ष बैठक भी 15 सितंबर 2026 को गांधीनगर में WCEF के साथ आयोजित हुई। भारत ने हाल ही में 10YFP Board के Co-Chair की भूमिका संभाली है। यह सतत उपभोग और उत्पादन (Sustainable Consumption and Production) को बढ़ावा देने में भारत की भागीदारी को दर्शाता है।

Circular Economy क्या है? Circular Economy ऐसी आर्थिक व्यवस्था है जिसमें उत्पादों और संसाधनों का जीवन-चक्र बढ़ाने के लिए Reduce, Reuse, Repair, Refurbish, Remanufacture और Recycle जैसे उपायों पर जोर दिया जाता है। इसका उद्देश्य संसाधनों के अधिक कुशल उपयोग, अपशिष्ट में कमी, संसाधन-सुरक्षा और पर्यावरणीय दबाव को कम करना है।

भारत में Circular Economy को बढ़ावा देने के लिए waste management, resource efficiency, recycling, extended producer responsibility (EPR), sustainable consumption, green technologies और circular business models जैसे क्षेत्रों पर जोर दिया जा रहा है।

WCEF 2026 के दौरान 17–18 सितंबर को वैश्विक सहयोगियों द्वारा लगभग 80 accelerator sessions online, hybrid और विभिन्न स्थानों पर आयोजित किए गए। इनका उद्देश्य फोरम में चर्चा किए गए विचारों को व्यावहारिक circular solutions में बदलने के लिए partnerships और investments को आगे बढ़ाना था।

महत्वपूर्ण अपडेट: WCEF 2026 के समापन के बाद Columbia University, USA को WCEF 2027 की मेजबानी का दायित्व सौंपा गया।

Exam Point: WCEF 2026 का आयोजन गांधीनगर, गुजरात में 15–18 सितंबर 2026 को हुआ। यह दक्षिण एशिया में पहली बार आयोजित WCEF था। इसका थीम “Circular Economy: Transition for People and Prosperity” था। फोरम का उद्देश्य circular finance, innovation, technology, international cooperation और practical circular solutions को बढ़ावा देना था।

Sources: PIB – India to host World Circular Economy Forum 2026 | PIB – WCEF 2026 Inauguration | PIB – WCEF 2026 Conclusion |

50. केन्द्र सरकार द्वारा किस वर्ष तक देश के सभी टोल प्लाजा को बैरियर मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है?
(A) 2027
(B) 2029
(C) 2030
(D) 2036

Correct Answer: (A) 2027

Explanation:

भारत सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल संग्रह को अधिक तेज, पारदर्शी और निर्बाध बनाने के लिए Multi-Lane Free Flow (MLFF) आधारित Barrier-Free Tolling व्यवस्था को तेजी से लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक देश के सभी टोल प्लाजा को चरणबद्ध तरीके से बैरियर-रहित बनाने का है।

इस व्यवस्था में वाहनों को पारंपरिक टोल प्लाजा की तरह रुकने या निर्धारित लेन में खड़े होने की आवश्यकता नहीं होगी। FASTag आधारित RFID Electronic Toll Collection और Automatic Number Plate Recognition (ANPR) तकनीक के संयोजन से वाहन की पहचान और उपयोगकर्ता शुल्क का स्वचालित संग्रह किया जाएगा।

MLFF (Multi-Lane Free Flow) में सड़क के ऊपर लगाए गए gantries पर कैमरे, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक टोलिंग उपकरण लगाए जाते हैं। FASTag से वाहन की पहचान तथा ANPR/AI आधारित कैमरों से वाहन के registration number की पहचान की जाती है। इस प्रकार वाहन को टोल बैरियर पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ती और यातायात सामान्य गति से आगे बढ़ सकता है।

सरकार के अनुसार, MLFF से waiting time, traffic congestion, fuel consumption और vehicular emissions में कमी आने की संभावना है। इससे National Highways पर यात्रा का समय कम करने और logistics efficiency बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।

मई 2026 में गुजरात के Chorayasi Toll Plaza पर Surat–Bharuch section of NH-48 में भारत की पहली MLFF आधारित barrier-less tolling system शुरू की गई। इसके पहले दिन लगभग 41,500 वाहन इस MLFF tolling location से गुजरे थे।

इसके बाद MLFF प्रणाली को विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों पर विस्तारित किया गया। Mundka Toll Plaza (Delhi), Daulatpura और Manoharpura Toll Plazas (Rajasthan), तथा Gharaunda Toll Plaza (Haryana) सहित कई स्थानों पर इसका संचालन शुरू किया गया।

  • लक्ष्य: मार्च 2027 तक राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा को चरणबद्ध तरीके से Barrier-Free बनाना
  • प्रमुख प्रणाली: Multi-Lane Free Flow (MLFF)
  • मुख्य तकनीक: FASTag + ANPR + AI/कैमरा आधारित वाहन पहचान
  • FASTag तकनीक: RFID आधारित Electronic Toll Collection
  • पहला MLFF स्थान: Chorayasi Toll Plaza, Gujarat
  • राजमार्ग: NH-48, Surat–Bharuch section
  • प्रमुख उद्देश्य: Zero/Minimal Stoppage और बेहतर traffic flow
  • लाभ: समय की बचत, ईंधन की बचत, कम congestion और कम emissions
  • कार्यान्वयन एजेंसी: National Highways Authority of India (NHAI)
  • नीतिगत मंत्रालय: Ministry of Road Transport & Highways (MoRTH)

MLFF की कार्यप्रणाली:

  1. वाहन MLFF tolling zone में प्रवेश करता है।
  2. Overhead gantry पर लगे उपकरण FASTag/RFID के माध्यम से वाहन की पहचान करते हैं।
  3. ANPR कैमरे वाहन की registration number plate को रिकॉर्ड और पहचानते हैं।
  4. प्रणाली FASTag से संबंधित toll transaction को स्वचालित रूप से process करती है।
  5. वाहन को toll barrier पर रुकने या निर्धारित lane में queue बनाने की आवश्यकता नहीं होती।

महत्वपूर्ण आर्थिक एवं पर्यावरणीय लाभ: मई 2026 में मंत्रालय ने बताया कि MLFF के व्यापक उपयोग से toll collection operations की लागत में कमी आ सकती है। पारंपरिक toll collection में operational expenditure लगभग 15% तक बताया गया था, जबकि MLFF के अंतर्गत इसे लगभग 3–4% तक लाने की संभावना व्यक्त की गई। सरकार के अनुमान के अनुसार इससे लगभग ₹5,000–6,000 करोड़ वार्षिक की बचत हो सकती है।

इसी प्रकार, सरकार ने अनुमान लगाया है कि MLFF व्यवस्था के व्यापक कार्यान्वयन से लगभग 250 करोड़ लीटर ईंधन प्रतिवर्ष बचाया जा सकता है और लगभग 81,000 टन carbon emissions में कमी लाई जा सकती है। ये आंकड़े सरकार द्वारा बताए गए अनुमान हैं।

FASTag और MLFF का संबंध: FASTag RFID आधारित electronic toll collection प्रणाली है, जबकि MLFF उससे आगे बढ़कर पूरे tolling zone को barrier-free बनाता है। सितंबर 2026 में OneTag भी शुरू किया गया, जिसके माध्यम से NETC FASTag उपयोगकर्ता नया physical tag लिए बिना issuer bank बदल सकते हैं। OneTag को IHMCL और NPCI ने मिलकर विकसित किया है।

टोल भुगतान और डिजिटल प्रवर्तन: यदि MLFF zone में FASTag में पर्याप्त balance नहीं है या FASTag invalid/non-functional है, तो वाहन मालिक को E-Notice जारी किया जा सकता है। निर्धारित अवधि में भुगतान न करने पर लागू प्रावधानों के अनुसार सामान्य user fee का दोगुना शुल्क लगाया जा सकता है।

2026 में MLFF विस्तार: जुलाई 2026 में सरकार ने बताया कि 17 toll plazas के लिए MLFF implementation का काम आवंटित किया जा चुका था, जिनमें से कई plazas live हो चुके थे। इसके अतिरिक्त 104 अन्य toll plazas के लिए tender आमंत्रित किए गए थे।

Exam Point: भारत में Barrier-Free Tolling के लिए Multi-Lane Free Flow (MLFF) प्रणाली लागू की जा रही है। इसमें FASTag + ANPR/AI तकनीक का उपयोग होता है। सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक देश के सभी राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा को चरणबद्ध रूप से barrier-free बनाने का है।

One-Liner Revision:
MLFF → Barrier-Free Tolling → FASTag + ANPR → No Stoppage → Less Congestion → Fuel & Time Saving → Lower Emissions.

Sources: PIB – Barrier-less Tolling System / MLFF | PIB – India’s First MLFF System at Chorayasi, Gujarat | PIB – FASTag-Based Toll Collection and MLFF Expansion | PIB – OneTag and Barrier-Free Tolling


September 2026 Current Affairs MCQs Part 2 in Hindi

सितंबर 2026 मासिक करंट अफेयर्स MCQs – भाग 2 (September 2026 Current Affairs MCQs Part 2) में सितंबर 2026 के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों को परीक्षा-उन्मुख Multiple Choice Questions (MCQs) के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस भाग में विभिन्न क्षेत्रों जैसे राष्ट्रीय घटनाक्रम, शासन एवं नीतियाँ, अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय संबंध, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, सामाजिक मुद्दे, सरकारी योजनाएँ, रक्षा, खेल, पुरस्कार, महत्वपूर्ण दिवस, रिपोर्ट एवं सूचकांक आदि से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को शामिल किया गया है। सितंबर 2026 के समसामयिक घटनाक्रमों पर आधारित ऐसे MCQs विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में त्वरित पुनरावृत्ति के लिए उपयोगी हैं।

यह अभ्यास विशेष रूप से UPSC, BPSC, SSC, State PCS, Railway, Banking और अन्य Government Exams की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए तैयार किया गया है। प्रश्नों के माध्यम से केवल तथ्यों की याददाश्त ही नहीं, बल्कि घटनाओं से जुड़े स्थान, संस्थान, योजनाएँ, थीम, व्यक्तित्व, आँकड़े और उनके व्यापक संदर्भ को भी समझने का प्रयास किया गया है।

भाग 2 सितंबर 2026 के शुरुआती एवं मध्य अवधि के महत्वपूर्ण करंट अफेयर्स को कवर करता है और आगे के भागों के साथ मिलकर पूरे महीने की व्यापक revision में सहायता करेगा। सितंबर 2026 के समसामयिक घटनाक्रमों में BRICS Summit, WCEF 2026, SEMICON India 2026, आर्थिक एवं नीतिगत विकास तथा विभिन्न राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय घटनाएँ शामिल रही हैं।

📚 Useful For: UPSC Prelims | BPSC | SSC CGL | SSC CHSL | Railway | Banking | State PCS | Other Competitive Exams

🎯 उद्देश्य: Practice → Revise → Understand → Improve Accuracy → Score Better

September 2026 Current Affairs MCQs Part 2 in Hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *